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गाजीपुर में गंगा का तांडव: खतरे का निशान पार, प्रशासन अलर्ट

गाजीपुर में गंगा का तांडव: खतरे का निशान पार, प्रशासन अलर्ट

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से इस वक्त एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर के दबाव के बीच आखिरकार गंगा नदी ने खतरे के निशान को पार कर लिया है। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सुबह के वक्त नदी का जलस्तर 63.350 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां के लिए खतरे का निर्धारित निशान 63.105 मीटर है। इस तरह वर्तमान में गंगा नदी खतरे के निशान से करीब 24 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है।

दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी

प्रशासनिक सूत्रों और जल आयोग की रिपोर्ट्स बताती हैं कि नदी का जलस्तर अभी थमा नहीं है, बल्कि यह लगातार ऊपर की ओर चढ़ रहा है। लगभग दो घंटे के अंतराल में एक सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इस तीव्र गति से बढ़ रहे जलस्तर के कारण जिले की पांच प्रमुख तहसीलों के निचले इलाकों और तटीय बस्तियों में बाढ़ का पानी घुसने की आशंका प्रबल हो गई है। स्थानीय लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं क्योंकि खेतों और रास्तों में पानी का दायरा लगातार फैल रहा है।

जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, 152 बाढ़ चौकियां सक्रिय

हालात की गंभीरता को भांपते हुए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने खुद मोर्चा संभालते हुए स्थिति की समीक्षा की है और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। एहतियात के तौर पर पूरे जिले में कुल 152 बाढ़ चौकियां और 46 बाढ़ शरणालय स्थापित कर दिए गए हैं। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति से निपटने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 229 नावों को मैदान में उतार दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए पीएसी (PAC) की विशेष टीमों की भी तैनाती की गई है ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके।

शरणालयों में भोजन और राहत सामग्री का पुख्ता बंदोबस्त

बाढ़ प्रभावित होने वाले संभावित इलाकों के परिवारों के लिए प्रशासन ने राहत किट तैयार करवा ली हैं। बनाए गए सभी 46 शरणालयों में खाने-पीने की जरूरी वस्तुएं, सूखा राशन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सहायता का पूरा इंतजाम कर दिया गया है। गंगा किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों की मॉनिटरिंग के लिए मैदानी अमले को निर्देश दे दिए गए हैं ताकि समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा सके।

प्रशासन की सख्त हिदायतें: इन बातों का रखें खास ख्याल

इस संकट की घड़ी में जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से पूरी तरह सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी प्रकार की सनसनीखेज या भ्रामक अफवाह पर ध्यान न दें और केवल जिला नियंत्रण कक्ष या आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

  • संवेदनशील लोगों का विशेष ध्यान: परिवारों के छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार सदस्यों को बिना देर किए सुरक्षित ऊंचे स्थानों या नजदीकी बाढ़ शरणालय तक पहुंचाएं।
  • पानी से दूर रहें: बच्चों को बाढ़ के बहते पानी में जाने या उसमें नहाने से पूरी तरह रोकें। यह जानलेवा साबित हो सकता है।
  • बिजली के उपकरणों से सावधानी: जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली के खंभों, स्टे वायर और खुले तारों से उचित दूरी बनाकर रखें।
  • वाहन चलाने से बचें: बाढ़ के तेज बहाव वाले रास्तों या पानी भरे अंडरपास व सड़कों पर अपने दोपहिया या चार पहिया वाहन लेकर बिल्कुल न जाएं।
  • सेल्फी और स्टंट पर रोक: नदी के तेज बहाव के करीब जाकर सेल्फी लेने या पानी में तैरने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।
  • नाव यात्रा के नियम: किसी भी नाव में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को बैठने की अनुमति नहीं है। हर नाव पर पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट और लाइफ रिंग होना अनिवार्य कर दिया गया है।

आपातकालीन स्थिति में तुरंत संपर्क करें (हेल्पलाइन नंबर)

यदि आपके आसपास पानी भर गया है या आपको किसी भी प्रकार की प्रशासनिक मदद, राशन या चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता है, तो आप तुरंत नीचे दिए गए आधिकारिक नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

  • जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 0548-2224041 या 112
  • सदर तहसील: 0548-2221334
  • सैदपुर तहसील: 05495-222050
  • मानियां: 05497-25207
  • जखनियां: 9454417089, 8739057296
  • मुहम्मदाबाद: 05493-242006
  • कासिमाबाद: 05493-252015
  • सेवराई: 05497-297597

प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई है ताकि इस प्राकृतिक आपदा से कम से कम नुकसान के साथ निपटा जा सके।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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