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मैट्रिमोनियल साइट पर आरएएफ जवान बताकर ठगी, UPSC छात्रा के साथ हुआ बड़ा खेल

मैट्रिमोनियल साइट पर आरएएफ जवान बताकर ठगी, UPSC छात्रा के साथ हुआ बड़ा खेल

मैट्रिमोनियल पोर्टल पर बिछाया जाल: खुद को RAF में तैनात बताकर खेला साइबर ठगी का गंदा खेल

आज के डिजिटल युग में मैट्रिमोनियल पोर्टल्स जीवनसाथी खोजने का एक आसान माध्यम बन गए हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही प्लेटफॉर्म अब साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुके हैं? हाल ही में कानपुर में एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही एक युवती को 'आरएएफ' (RAF) जवान बताकर ठगी का शिकार बनाया गया।

कैसे जाल में फंसी छात्रा?

पीड़िता, जो कि कल्याणपुर की रहने वाली है और एक किसान की बेटी है, ने शादी के लिए एक प्रतिष्ठित मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। फरवरी में उसकी मुलाकात 'सूरज उर्फ रणवीर सिंह' नाम के एक व्यक्ति से हुई। आरोपी ने खुद को दिल्ली में तैनात आरएएफ (RAF) कर्मी बताया। बातचीत का सिलसिला इतना आगे बढ़ा कि शादी की बातें पक्की होने लगीं और अप्रैल में आरोपी युवती से मिलने भी आया, जिससे उसका भरोसा और गहरा गया।

ठगी का क्रूर तरीका: बैंक खातों का हुआ इस्तेमाल

शातिर ठग ने बड़ी चालाकी से युवती को विश्वास में लेकर उसके नाम पर तीन अलग-अलग बैंकों (कोटक महिंद्रा, पीएनबी और बैंक ऑफ महाराष्ट्र) में खाते खुलवाए। आरोपी ने तर्क दिया कि वह सरकारी नौकरी में है, इसलिए बिजनेस के लिए अपने खाते इस्तेमाल नहीं कर सकता। युवती ने अपनी मासूमियत में न केवल खाते खुलवाए, बल्कि उनके डेबिट कार्ड और पासवर्ड भी आरोपी को सौंप दिए।

  • आर्थिक शोषण: आरोपी ने एडवरटाइजिंग एजेंसी के नाम पर युवती से 40 हजार रुपये भी ऐंठ लिए।
  • अवैध लेनदेन: इन खातों के जरिए डेढ़ से दो लाख रुपये तक का संदिग्ध लेनदेन किया गया।
  • पुलिस का नोटिस: जब बैंकों से युवती को नोटिस मिले, तब उसे एहसास हुआ कि वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा बन चुकी है।

वीडियो कॉल का दिखावा और गायब हुआ साथी

आरोपी की होशियारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह हमेशा वीडियो कॉल पर खुद को कंप्यूटर पर व्यस्त दिखाता था। उसने युवती की मुलाकात अपने परिवार से भी सिर्फ वीडियो कॉल के जरिए ही करवाई थी। मामले में एक और किरदार 'मनीष' का नाम सामने आया है, जो पैसे लेने के लिए युवती के पास आता था, लेकिन अब वह भी अंडरग्राउंड हो गया है।

कैसे बचें मैट्रिमोनियल फ्रॉड से? (एक्सपर्ट एडवाइस)

साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन रिश्तों में थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए हैं:

सावधानियां जो आपको रखनी चाहिए:

  • पैसे का लेन-देन कभी न करें: यदि कोई ऑनलाइन दोस्त बीमारी, यात्रा या इमरजेंसी के नाम पर पैसे मांगे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। यह ठगी का सबसे पहला संकेत है।
  • दस्तावेजों की सुरक्षा: अपना आधार, पैन कार्ड, बैंक पासबुक या पासवर्ड कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
  • सच्चाई की पुष्टि करें: सामने वाले के दावे (नौकरी, परिवार, पता) की जांच करें। अगर संभव हो तो उसके परिवार से सीधे संपर्क करें।
  • डिजिटल फुटप्रिंट सुरक्षित रखें: संदिग्ध बातचीत या कॉल रिकॉर्डिंग को तुरंत सुरक्षित कर लें, ताकि पुलिस को कार्रवाई में मदद मिल सके।

पुलिस की कार्रवाई

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने लखनऊ के एटीएम बूथों से पैसे निकाले थे। जैसे ही युवती को पुलिस की मदद मिली और उसने आरोपी से सवाल-जवाब किए, शातिर ठग ने उसके फोन से अपनी सारी तस्वीरें और जानकारी डिलीट कर दी और अपना नंबर बंद कर फरार हो गया। पुलिस अब तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी की तलाश में जुटी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न: क्या मैट्रिमोनियल साइट पर किसी अनजान पर भरोसा करना सुरक्षित है?

उत्तर: नहीं, पूरी तरह से जांच-पड़ताल करने और मिलने के बाद ही किसी पर भरोसा करें। डिजिटल पहचान हमेशा असली नहीं होती।

प्रश्न: अगर मैट्रिमोनियल फ्रॉड हो जाए तो क्या करें?

उत्तर: तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर रिपोर्ट करें या अपने नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।

प्रश्न: ठग कैसे बैंक खाते का इस्तेमाल करते हैं?

उत्तर: ठग अक्सर भोले-भाले लोगों को झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते हैं और फिर साइबर अपराधों से मिली रकम को इन खातों के जरिए 'मनी लॉन्ड्रिंग' के लिए इस्तेमाल करते हैं।

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अल्का सिंह

अल्का सिंह

Senior Content Writer

अल्का सिंह स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर गहन शोध के साथ लेखन करती हैं। उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को केवल सामान्य जानकारी ही नहीं, बल...

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