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बिना सैलरी काम असंभव! बीजेपी छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला का बड़ा बयान

बिना सैलरी काम असंभव! बीजेपी छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला का बड़ा बयान

भारतीय राजनीति के गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब तेज-तर्रार नेता और जाने-माने चेहरे ने पार्टी से अपने रास्ते अलग कर लिए। हम बात कर रहे हैं शहजाद पूनावाला की, जिन्होंने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद समेत प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे के बाद से ही राजनीतिक हलकों में कयासों का बाजार गर्म था कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि एक मुखर वक्ता को पार्टी छोड़ने का कड़ा कदम उठाना पड़ा।

इस्तीफे के बाद दिए अपने पहले इंटरव्यू में शहजाद पूनावाला ने इन सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए अपने फैसले के पीछे की असली और चौंकाने वाली वजहों का खुलकर जिक्र किया है। उनके इस बयान ने राजनीतिक दलों की कार्यप्रणाली और जमीनी कार्यकर्ताओं के आर्थिक संघर्ष पर एक बार फिर से बहस छेड़ दी है।

मकान का किराया और परिवार की जिम्मेदारियां

राजनीति को सेवा का माध्यम माना जाता है, लेकिन इसके साथ ही एक आम इंसान की तरह राजनेताओं और प्रवक्ताओं के सामने भी रोजमर्रा की आर्थिक चुनौतियां खड़ी होती हैं। शहजाद पूनावाला ने बहुत ही बेबाकी से इस कड़वी सच्चाई को बयां किया है।

अपने इंटरव्यू में उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "मुझे किराया देना है। मैं बीजेपी से हूं इसलिए मेरा मकान मालिक मुझे मुफ्त में घर नहीं देगा, उसे पहली तारीख को रेंट चाहिए। राजनीतिक पार्टियां कार्यकर्ताओं को सैलरी नहीं देती हैं।" पूनावाला का यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि राजनीतिक गलियारों में सक्रिय रहने वाले लोगों के लिए केवल वैचारिक निष्ठा से घर चलाना मुमकिन नहीं होता, जब तक कि उनके पास आजीविका का कोई ठोस साधन न हो।

24 घंटे काम करना अब संभव नहीं

शहजाद पूनावाला ने स्पष्ट किया कि भले ही वे अब पार्टी के आधिकारिक पद पर नहीं हैं, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से वे राष्ट्रहित और वैचारिक मुद्दों पर अपनी बात रखते रहेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अब उनके लिए किसी एक राजनीतिक दल के लिए दिन-रात (24 घंटे) समर्पित कार्यकर्ता के रूप में काम करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं रह गया था।

उन्होंने बताया कि उनकी निजी जिम्मेदारियों और माली हालत ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि अब उन्हें अपने करियर और परिवार पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। राजनीतिक जीवन में लगातार सक्रिय रहना और साथ ही अपनी आजीविका चलाना कई बार बेहद तनावपूर्ण हो जाता है, और यही दबाव उनके इस्तीफे का एक बड़ा कारण बना।

कांग्रेस में वापसी को लेकर रखी बड़ी शर्त

जब साक्षात्कार के दौरान उनसे यह सवाल पूछा गया कि क्या वे कभी दोबारा कांग्रेस पार्टी में वापसी करेंगे—जहां से उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी—तो उनका शुरुआती रिएक्शन बेहद दिलचस्प था। पहले तो उन्होंने हैरानी जताते हुए 'आर यू क्रेजी?' कहा, लेकिन तुरंत ही उन्होंने एक ऐसी शर्त रख दी जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

शहजाद पूनावाला ने शर्त रखते हुए कहा, "मैं एक ही शर्त पर कांग्रेस में जाऊंगा—अगर राहुल गांधी को हटाएं, सोनिया गांधी को हटाएं, प्रियंका गांधी को हटाएं और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की गलतियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।" उनका यह तंज साफ तौर पर कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व और उसकी कार्यशैली पर एक तीखा हमला माना जा रहा है।

17 अगस्त को सौंपा था इस्तीफा

बता दें कि शहजाद पूनावाला ने 17 अगस्त को राष्ट्रीय प्रवक्ता सहित भाजपा के तमाम पदों से अपना इस्तीफा भेज दिया था। उन्होंने अपना त्यागपत्र भाजपा नेतृत्व को भेजा था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) के जरिए इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की थी।

अपने त्यागपत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और संघ परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया था। उन्होंने लिखा था कि उन्हें जो मार्गदर्शन, स्नेह और मंच इन दिग्गजों से मिला, उसके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. शहजाद पूनावाला ने किस पार्टी से इस्तीफा दिया है?

शहजाद पूनावाला ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है।

2. इस्तीफे के पीछे शहजाद पूनावाला ने क्या मुख्य वजह बताई है?

उन्होंने अपनी माली हालत, निजी जिम्मेदारियों और राजनीतिक पार्टियों द्वारा कार्यकर्ताओं को सैलरी न दिए जाने का हवाला देते हुए कहा कि अब उनके लिए 24 घंटे पार्टी के लिए काम करना संभव नहीं था।

3. क्या शहजाद पूनावाला कांग्रेस में वापस जाएंगे?

उन्होंने साफ कहा है कि वे तभी कांग्रेस में जाने के बारे में सोचेंगे जब गांधी परिवार (सोनिया, राहुल, प्रियंका) नेतृत्व छोड़ेगा और नेहरू की गलतियों के लिए माफी मांगेगा।

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तनु उपाध्याय

तनु उपाध्याय

Senior Sub Editor

तनु उपाध्याय एंटरटेनमेंट जगत की हलचल को करीब से समझती हैं और उसे दर्शकों के सामने आकर्षक अंदाज में पेश करती हैं। फिल्मों, टीवी, ओटीटी और वायरल ट्रे...

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