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सिरसा में युवाओं ने उठाया बीड़ा, गांवों में जाकर चलाएंगे नशा मुक्ति अभियान

सिरसा में युवाओं ने उठाया बीड़ा, गांवों में जाकर चलाएंगे नशा मुक्ति अभियान

बदलते दौर में युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। इसी उद्देश्य को सामने रखते हुए हरियाणा के सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (CDLU) ने एक बेहद सराहनीय और प्रेरणादायक कदम उठाया है। विश्वविद्यालय परिसर से हाल ही में एक विशाल नशा विरोधी जन जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल युवाओं को नशे के जाल से बचाना है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाना भी है।

युवा शक्ति ही समाज की असली ताकत: कुलपति प्रो. विजय कुमार

रैली को रवाना करने से पहले विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार ने विद्यार्थियों और युवाओं को संबोधित करते हुए एक बहुत ही महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश और समाज की सबसे बड़ी ताकत युवा ही हैं। अगर युवा सही रास्ते पर चलेंगे, तो देश प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएगा। लेकिन, यदि युवा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों की गिरफ्त में आ जाते हैं, तो यह पूरे राष्ट्र के लिए चिंता का विषय बन जाता है.

प्रो. विजय कुमार ने आगे जोर देकर कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति के शरीर को ही नहीं खोखला करता, बल्कि वह पूरे परिवार और समाज की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को अंदर से कमजोर कर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे केवलता किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करें।

गांवों तक पहुंचेगी जागरूकता की अलख

इस अभियान को केवल विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे धरातल पर उतारने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की गई है। सेंटर फॉर रूरल स्टडीज के निदेशक डॉ. रविंद्र ने इस अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी सिरसा जिले के विभिन्न गांवों, विशेष रूप से बाजेका और कंगनपुर में जाकर लोगों से सीधा संवाद करेंगे।

विद्यार्थी इन गांवों में घर-घर (डोर-टू-डोर) जाकर ग्रामीणों से मिलेंगे और उन्हें नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताएंगे। इसके साथ ही, ग्रामीणों को एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि वे खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों की तरफ आकर्षित हों।

एचआईवी/एड्स और एसटीआई के प्रति भी किया जाएगा सतर्क

यह पूरा अभियान सिर्फ नशा मुक्ति तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्वास्थ्य से जुड़े अन्य गंभीर पहलुओं को भी शामिल किया गया है। अभियान के दौरान ग्रामीण इलाकों में लोगों को एचआईवी/एड्स और यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई) के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। आज के समय में इन बीमारियों के प्रति सही जानकारी का अभाव कई बार बड़ी समस्याओं का कारण बन जाता है। विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा दी जाने वाली यह जानकारी ग्रामीण आंचल में एक बड़ा बदलाव लाने का काम करेगी।

'सघन आईईसी अभियान-2026' की व्यापक रूपरेखा

आपको बता दें कि यह पूरी पहल हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण समिति के तत्वावधान में चलाई जा रही है। इसमें स्वास्थ्य विभाग सिरसा और चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इस वृहद कार्यक्रम को ‘सघन आईईसी अभियान-2026’ का नाम दिया गया है, जो आगामी 10 अक्टूबर तक पूरे जोश के साथ जारी रहेगा।

  • अभियान की अवधि: आगामी 10 अक्टूबर तक
  • मुख्य सहयोगी: हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण समिति और स्वास्थ्य विभाग सिरसा
  • प्रमुख गतिविधियां: नुक्कड़ नाटक, घर-घर जाकर जनसंवाद, और कार्यशालाएं
  • मुख्य केंद्र: बाजेका और कंगनपुर समेत कई ग्रामीण इलाके

सामूहिक प्रयासों से ही संभव है बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक किसी भी सामाजिक बुराई के खिलाफ जनभागीदारी (Public Participation) सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उस पर पूरी तरह से काबू पाना मुश्किल होता है। सिरसा के इस अभियान की सबसे बड़ी खूबी यही है कि इसमें प्रशासनिक तंत्र के साथ-साथ युवाओं और स्थानीय लोगों को सीधे तौर पर जोड़ा गया है।

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का गांवों में जाकर चौपालों पर चर्चा करना और लोगों को समझाना यह साबित करता है कि आज की युवा पीढ़ी अपने समाज के प्रति कितनी जागरूक और संवेदनशील है। आने वाले दिनों में इस अभियान के और भी व्यापक परिणाम देखने को मिल सकते हैं, जो न केवल सिरसा बल्कि पूरे हरियाणा राज्य के लिए एक मिसाल बनेंगे।

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अनुराधा दुबे

अनुराधा दुबे

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अनुराधा दुबे एक समर्पित और अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जो भारत से जुड़ी राजनीतिक, सामाजिक और नीतिगत खबरों को गहराई से समझकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। उन...

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