असम से लेकर गुजरात तक के स्कूली छात्रों ने दिखाया तकनीकी कौशल, केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने किया सम्मानित
स्कूल के स्कूली विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मकड़ी के आकार का बॉम्ब-डिफ्यूजिंग रोबोट, किफायती बोन-कंडक्शन स्मार्ट ग्लासेस, अर्बन ब्रीदिंग पोल और इंस्टेंट फ्लास्क जैसे अभिनव प्रोजेक्ट्स ने 'विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025' में राष्ट्रीय स्तर पर बाजी मारी है। प्रतियोगिता में देश भर से विभिन्न राज्यों के 10 छात्र राष्ट्रीय विजेता के रूप में उभरे हैं।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने बुधवार को एक विशेष समारोह में असम, तमिलनाडु, केरल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और गुजरात सहित विभिन्न राज्यों से आए इन 10 राष्ट्रीय विजेताओं को सम्मानित किया। इस भव्य आयोजन में बच्चों की रचनात्मकता और तकनीकी सोच को मंच प्रदान किया गया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुई प्रतियोगिता
शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (AIM) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के सहयोग से आयोजित इस राष्ट्रीय हैकथॉन ने एक नया इतिहास रचा है। 'विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025' ने कुल 2,87,967 प्रोजेक्ट सबमिशन के साथ 'सबसे बड़ी इनोवेशन सॉल्यूशन प्रतियोगिता' के रूप में गिनीज वर्ल्ड Records में अपना नाम दर्ज कराया है।
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, नवाचार और स्वतंत्र सोच को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास भविष्य के सक्षम और दूरदर्शी नेतृत्व तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
बिना किसी पूर्व निर्धारित समस्या के छात्रों ने खुद ढूंढे समाधान
बिल्डाथॉन पहल की विशेषता यह रही कि इसमें छात्रों को किसी भी पूर्व-निर्धारित समस्या या समाधान के दायरे में बांधने के बजाय खुद अपने आसपास की समस्याओं की पहचान करने और उनके स्वतंत्र समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया था।
शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पूरी पहल चार मुख्य वैचारिक स्तंभों—आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल और समृद्ध भारत—पर आधारित थी। इस अनूठी पहल को देश के दूर-दराज के इलाकों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली। आइडिया और प्रोटोटाइप दोनों ट्रैक्स को मिलाकर कुल 2,87,967 प्रोजेक्ट्स सबमिट किए गए थे।
तीन-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया से चुने गए विजेता
छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए समाधानों की गुणवत्ता जांचने और सर्वश्रेष्ठ का चयन करने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक कड़ी तीन-स्तरीय मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई थी। बहु-विषयक विशेषज्ञ पैनलों (Multidisciplinary Expert Panels) की निगरानी में हुए इन व्यापक मूल्यांकनों के बाद कुल 1,000 जिला विजेता, 100 राज्य विजेता और 10 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं का चयन किया गया।
करोड़ों रुपये का पुरस्कार पूल और नकद राशि
इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर 1 करोड़ रुपये से अधिक का पुरस्कार पूल रखा गया था। राष्ट्रीय स्तर पर विजेता रहे 10 छात्र दलों को कुल 17.50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से नवाजा गया।
प्रोटोटाइप ट्रैक के तहत काम करने वाले कामकाजी मॉडलों (Functional Working Models) को प्रोत्साहित करते हुए शीर्ष पांच विजेता टीमों में से प्रत्येक को 2.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। वहीं, आइडिया ट्रैक के तहत चुनी गई पांच अन्य विजेता टीमों में से प्रत्येक को उनके रचनात्मक और नवोन्मेषी कॉन्सेप्ट्स को आगे बढ़ाने और इनक्यूबेट करने के लिए 1-1 लाख रुपये प्रदान किए गए।