मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही बीमारियों का खतरा भी तेजी से मंडराने लगा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में प्रशासन ने वेक्टर जनित और संक्रामक बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कमर कस ली है। जिले में आगामी एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विशेष 'संचारी रोग नियंत्रण अभियान' चलाया जाएगा, जबकि इसके तुरंत बाद 12 अक्टूबर से 'दस्तक अभियान' का आगाज होगा। इस पूरी मुहिम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी इलाकों में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियों के प्रसार को रोकना और आम जनता को इसके प्रति पूरी तरह सतर्क करना है।
विकास भवन में हुई उच्चस्तरीय अंतर्विभागीय बैठक
आगामी अभियान की तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण अंतर्विभागीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ध्रुव खाड़िया ने की। यह बैठक जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. के मार्गदर्शन में आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान सीडीओ ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए तय की गई कार्ययोजना को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारें। पिछली बार जिन क्षेत्रों या ब्लॉकों का फीडबैक राज्य औसत से कम रहा था, उनकी विशेष समीक्षा की गई है। इस बार यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी स्तर पर कोई कोताही न बरती जाए और सभी गतिविधियां सौ फीसदी परिणामों के साथ पूरी हों।
विभिन्न विभागों को सौंपी गई खास जिम्मेदारियां
संचारी रोगों की रोकथाम का यह महा-अभियान किसी एक विभाग के बूते का नहीं है, इसलिए इसमें पंचायती राज, नगर निकाय, स्वास्थ्य, पशुपालन और शिक्षा समेत कई विभागों को शामिल किया गया है। हर विभाग के लिए अलग और स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं:
- स्वास्थ्य विभाग: स्वास्थ्य विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि 27 सितंबर तक सभी संबंधित विभाग अपनी कार्ययोजना उन्हें सौंप दें। इसके अलावा, आशा कार्यकर्ताओं का शत-प्रतिशत क्षेत्र भ्रमण, लक्षणयुक्त मरीजों की समय रहते पहचान, अस्पतालों में दवाओं, ओआरएस किट्स और प्लेटलेट्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
- पंचायती राज और नगर निकाय: ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग रोस्टर के अनुसार झाड़ियों की कटाई, नालियों की साफ-सफाई और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करेगा। वहीं, नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारियों को सभी वार्डों, मोहल्लों और विशेषकर स्कूलों के आसपास एंटी लार्वा रसायन का छिड़काव और फॉगिंग कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- पशुपालन विभाग: बीमारी फैलाने वाले कारकों पर लगाम लगाने के लिए पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे शूकर पालकों से संपर्क करें। उन्हें साफ-सफाई रखने, कीटनाशकों का छिड़काव करने और शूकरों को खुले में न छोड़ने के लिए जागरूक किया जाए।
स्कूलों और शिक्षण संस्थानों पर भी रहेगा खास जोर
बच्चों में संक्रामक रोगों के संक्रमण का खतरा सबसे अधिक रहता है, इसे ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। परिसरों में उगी झाड़ियों को तुरंत साफ कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रार्थना सभाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को संक्रामक रोगों से बचाव के तौर-तरीके बताए जाएंगे। बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर स्कूल आने के लिए प्रेरित करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि उन्हें मच्छरों के काटने से बचाया जा सके।
जीपीएस फोटो के साथ होगी हर गतिविधि की मॉनिटरिंग
प्रशासन इस बार लापरवाही के मूड में बिल्कुल नहीं है। अभियान के दौरान पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि प्रत्येक गतिविधि की रिपोर्ट जीपीएस (GPS) आधारित फोटोग्राफ के साथ तैयार की जाए। इससे यह पुख्ता हो सकेगा कि धरातल पर वाकई काम हुआ है या नहीं।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. गंगाराम गौतम, नोडल अधिकारी डॉ. आलोक कुमार सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) समीर कुमार समेत तमाम प्रमुख विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि निर्धारित तिथियों से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी ताकि जौनपुर की जनता को संक्रामक रोगों के प्रकोप से सुरक्षित रखा जा सके।