पंजाब की राजनीति में इन दिनों जुबानी जंग और तीखे हमलों का दौर अपने चरम पर है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को फाजिल्का जिले के सितो में आयोजित 'नशा विरोधी यात्रा-नशा मुक्त पंजाब' कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री सैनी ने पंजाब सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने जनता से किए गए अपने वादों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया है, जिसके कारण आज पंजाब एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है।
सत्ता में आने से पहले किए गए थे बड़े-बड़े वादे
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब आम आदमी पार्टी सत्ता में नहीं थी, तब उन्होंने पंजाब की जनता के सामने बड़े-बड़े सपने परोसे थे। जनता से वादा किया गया था कि राज्य से नशे का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा, युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा, किसानों की हर फसल खरीदी जाएगी और महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। लेकिन आज हकीकत सबके सामने है। उन्होंने सवाल किया कि क्या पांच साल बीत जाने के बाद भी इनमें से एक भी वादा पूरा हुआ है?
सैनी ने कहा कि 'आप' सरकार ने केवल और केवल वोट बटोरने के लिए लोकलुभावन बातें की थीं। पंजाब की भोली-भाली जनता आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। महिलाओं, किसानों और गरीबों के साथ किया गया हर एक वादा सिर्फ एक छलावा साबित हुआ है।
'पंजाब में चार गुना बढ़ा नशा और कर्ज'
पंजाब के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर जागरूक नागरिक को यह सोचने की जरूरत है कि पंजाब में नशा कम हुआ है या बढ़ा है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य में नशा चार गुना बढ़ चुका है। इसके साथ ही पंजाब पर चढ़ने वाले कर्ज का ग्राफ भी चार गुना तक ऊपर चला गया है।
"आम आदमी पार्टी को नशा बढ़ाने, भ्रष्टाचार करने और जनता को गुमराह करने का ही अनुभव रह गया है। राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता और नाकामी के कारण ही आज हंसता-खेलता पंजाब गहरे संकट में फंस गया है।" - नायब सिंह सैनी
शूरवीरों की धरती को नशे की आग में धकेला
पंजाब के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए सीएम सैनी ने कहा कि यह वही धरती है जो देश भर में अपने वीर जवानों, शूरवीरों और कुश्ती-कबड्डी जैसे खेलों के लिए जानी जाती थी और पूरे देश का गौरव हुआ करती थी। लेकिन एक गहरी साजिश और राज्य सरकार की घोर नाकामी के चलते इस महान धरती के युवाओं को नशे की आग में धकेल दिया गया है। आज पंजाब के युवाओं को बचाना और उन्हें एक सही राह दिखाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। सरकार ने जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है और इस तरह की लापरवाही को माफ नहीं किया जा सकता।
बेरोजगारी और 'डंकी रूट' पर हरियाणा का कड़ा रुख
युवाओं के भविष्य को लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना किसी भी चुनी हुई सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। हरियाणा सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। अवैध 'डंकी रूट' के जरिए युवाओं को विदेश भेजने वाले एजेंटों और जालसाजों के खिलाफ हरियाणा में सख्त कानून बनाए गए हैं और उन पर कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है।
इसके विपरीत, हरियाणा सरकार ने 'विदेश सहयोग विभाग' की स्थापना की है, जिसके माध्यम से प्रदेश के युवाओं को पूरी तरह से सुरक्षित, वैध और पारदर्शी तरीके से विदेशों में रोजगार के बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि किसी भी युवा की जिंदगी दांव पर न लगे।
पंजाब में भाजपा की भूमिका और भविष्य की रणनीति
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हुंकार भरते हुए कहा कि आने वाले समय में पंजाब में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का गठन होना तय है। जैसे ही पंजाब में भाजपा सत्ता में आएगी, नशे के सौदागरों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ ऐसी निर्णायक और कड़ी कार्रवाई की जाएगी कि कोई दोबारा ऐसा करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा। पंजाब के युवाओं के भविष्य को अब और बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा।
नायब सिंह सैनी के इस तीखे दौरे और आक्रामक बयानों से साफ जाहिर है कि आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में नशा और बेरोजगारी का मुद्दा और अधिक गरमाने वाला है। राजनीतिक दलों के बीच चल रही यह खींचतान जनता के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है।