मुंबई महानगर क्षेत्र के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण ट्रांजिट hubs में से एक माने जाने वाले ठाणे रेलवे स्टेशन पर आज यानी 21 सितंबर 2026 को एक ऐतिहासिक और बेहद क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए ठाणे रेलवे स्टेशन (पश्चिम) पर महाराष्ट्र राज्य की अपनी तरह की पहली 'प्रीपेड ऑटोरिक्शा सर्विस' (Pre-paid Auto Rickshaw Service) और एक अत्याधुनिक रूप से सुसज्जित कम्पार्टमेंट का आधिकारिक उद्घाटन किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के दैनिक सफर को न केवल सुरक्षित और सुगम बनाना है, बल्कि ऑटो चालकों और यात्रियों के बीच किराए को लेकर होने वाले विवादों को भी पूरी तरह से समाप्त करना है।
परिवहन मंत्री के मार्गदर्शन में हुआ भव्य शुभारंभ
इस इनोवेटिव और जनहितकारी प्रोजेक्ट का शुभारंभ परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उद्घाटन समारोह के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी मौजूदगी ने इस पहल के महत्व को और बढ़ा दिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विधायक निरंजन डावखरे और विधायक संजय केलकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते नजर आए। इसके अलावा, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (ठाणे डिवीजन) की अधिकारी हेमांगिनी पाटिल, उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रोहित काटकर, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मानसिंह खाड़े और जिला सूचना अधिकारी मनोज सानप सहित कई गणमान्य लोग इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने।
समारोह में ऑटो चालकों और यूनियनों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्वर्गीय वसंतराव डावखरे रिक्शा-टैक्सी ड्राइवर-मालिक एसोसिएशन के अध्यक्ष राजू सावंत, अरुण इघे, गणेश सकपाल और सुभाष जाधव जैसे प्रमुख पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में अपने सहयोगियों के साथ मौजूद रहे। इसके साथ ही, 'आर निसर्ग फाउंडेशन' और 'सिटीफ्लो' के प्रतिनिधि भी इस प्रोजेक्ट की शुरुआत के समय मंच पर उपस्थित थे, जो इस बात का प्रतीक है कि प्रशासन और निजी तकनीक का यह संगम किस प्रकार मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से लैस होगी नई व्यवस्था
ठाणेकरों के सफर को पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट और तनावमुक्त बनाने के लिए इस प्रीपेड ऑटोरिक्शा सर्विस की रूपरेखा बेहद आधुनिक तरीके से तैयार की गई है। इस पूरी व्यवस्था का संचालन 'सिटीफ्लो' और 'आर निसर्ग फाउंडेशन' के सहयोग से किया जा रहा है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक (Modern Technology) का भरपूर इस्तेमाल किया गया है। अब यात्रियों को स्टेशन के बाहर लंबी कतारों में खड़े होने या ऑटो चालकों से मनमाने किराए को लेकर बहस करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।
इस नई डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से निम्नलिखित प्रमुख लाभ यात्रियों और चालकों को मिलेंगे:
- किराए की पारदर्शिता: यात्रा शुरू करने से पहले ही तय और आधिकारिक किराए की पर्ची यात्री को मिल जाएगी, जिससे ओवरचार्जिंग की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
- समय की बचत: यात्री बिना किसी देरी के तुरंत स्टेशन परिसर से ऑटो प्राप्त कर सकेंगे।
- डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा: ऑनलाइन और डिजिटल भुगतान के विकल्पों के कारण कैश की झंझट से मुक्ति मिलेगी।
- सुरक्षा की गारंटी: यात्रा करने वाले पैसेंजर और ऑटो चलाने वाले ड्राइवर दोनों की सुरक्षा का पूरा रिकॉर्ड इस डिजिटल सिस्टम में दर्ज रहेगा।
चालकों के लिए भी बनेगा अनुशासित और सम्मानजनक माहौल
अक्सर यह देखा जाता है कि रेलवे स्टेशनों के बाहर ऑटो चालकों और यात्रियों के बीच किराए को लेकर नोंकझोक आम बात होती है, जिससे कई बार चालकों की छवि पर भी असर पड़ता है। इस नई प्रीपेड सर्विस के माध्यम से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि ठाणे के ऑटोरिक्शा चालकों के लिए भी एक बेहद अनुशासित, सम्मानित और सुनियोजित व्यावसायिक माहौल तैयार होगा। चालकों को अब सवारियां ढूंढने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और वे एक तयशुदा और पारदर्शी व्यवस्था के तहत अपना काम कर सकेंगे।
'लोक संवाद' पहल के जरिए सरकारी योजनाओं की मिली जानकारी
इस उद्घाटन समारोह के दौरान केवल परिवहन सेवा तक ही सीमित नहीं रहा गया, बल्कि उपस्थित नागरिकों और चालकों को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ इंफॉर्मेशन एंड पब्लिक रिलेशंस द्वारा संचालित 'लोक संवाद' पहल के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह पहल सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और महत्वपूर्ण निर्णयों को सीधे एक ही मंच पर जनता तक पहुंचाने में बेहद कारगर साबित हो रही है।
इस मंच के माध्यम से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) द्वारा जनता और चालकों के हित में चलाई जा रही कई अन्य स्कीमों पर भी प्रकाश डाला गया। इनमें ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सुविधा, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, सड़क सुरक्षा जागरूकता (Road Safety Awareness) अभियान और पूरी तरह से पारदर्शी कार्यप्रणाली से जुड़े तमाम पहलुओं की जानकारी शामिल थी।
शहरी परिवहन व्यवस्था में एक नया मील का पत्थर
कार्यक्रम के अंत में मौजूद सभी गणमान्य अतिथियों और अधिकारियों ने पूर्ण विश्वास जताया कि ठाणे रेलवे स्टेशन पर शुरू की गई यह प्रीपेड ऑटोरिक्शा सेवा शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होगी। यह पहल न केवल ठाणेकरों के सफर को आरामदायक बनाएगी, बल्कि आने वाले समय में महाराष्ट्र के अन्य बड़े रेलवे स्टेशनों के लिए भी एक रोल मॉडल के रूप में उभरेगी। यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने इस त्वरित और आधुनिक पहल के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।