प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन के गौरवशाली 25 वर्ष पूर्ण होने और उनके जन्मदिवस के खास अवसर पर देश भर में उत्सव जैसा माहौल है। इसी कड़ी में काशी के पवित्र गंगाजल को लेकर प्रधानमंत्री की जन्मस्थली वडनगर की ओर बढ़ रही एक अनूठी बाइक यात्रा ने जब उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में प्रवेश किया, तो वहां का नजारा देखते ही बनता था। इस यात्रा को लेकर स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। हर तरफ ढोल-नगाड़ों की गूंज और पुष्पवर्षा के साथ इस यात्रा का स्वागत किया गया, जिसने सनातन आस्था और राष्ट्र सेवा के एक नए अध्याय को लिख दिया है।
सदर विधानसभा में भव्य प्रवेश और सांस्कृतिक अभिनंदन
उन्नाव जनपद की सदर विधानसभा क्षेत्र में जैसे ही यह बाइक यात्रा दाखिल हुई, वैसे ही पूरा इलाका देशभक्ति और उत्सव के रंगों में रंग गया। भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी और सदर विधायक पंकज गुप्ता के नेतृत्व में स्वागत के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। मार्ग के दोनों ओर खड़े हजारों नागरिकों ने यात्रा पर पुष्पवर्षा की। इस दौरान पारंपरिक भारतीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दे रही थी, जहां स्थानीय संगीत, बीन, ढोल, नगाड़े और बैगपाइपर बैंड की गूंज ने पूरे वातावरण को ऊर्जावान बना दिया।
खास बात यह रही कि कई प्रमुख स्थानों पर बुलडोजर के जरिए पुष्पवर्षा कर इस यात्रा का ऐसा ऐतिहासिक स्वागत किया गया, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। बाईपास पर अवनीश गुप्ता और गोलू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने यात्रा दल का जोरदार स्वागत किया। वहीं, बाबूगंज स्थित हरदोई पुल के पास जब यात्रा पहुंची, तो शास्त्री प्रतिमा के पास एक बेहद भावुक करने वाला क्षण आया। वहां मौजूद दिव्यांग बच्चों ने अत्यंत स्नेह और आत्मीयता के साथ यात्रियों का अभिनंदन किया, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। इसके बाद शास्त्री पार्क में जिला उपाध्यक्ष सुशील तिवारी, ब्रजेश पाण्डेय और विजय राजपूत जैसे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया।
चिकित्सकों और मातृशक्ति ने की आगवानी
यात्रा के अगले पड़ाव के रूप में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेडियम को चुना गया था। यहां मेडिकल क्षेत्र से जुड़े जाने-माने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने पूरी ऊर्जा के साथ यात्रा का अभिनंदन किया। यह इस बात का प्रमाण था कि समाज का हर वर्ग इस राष्ट्रव्यापी उत्सव से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।
स्टेडियम के बाद यात्रा सरोसी जनसभा से होते हुए जैसे ही हाजीपुर पहुंची, वहां का दृश्य और भी अधिक मनमोहक था। नीलम सोनी के नेतृत्व में भारी संख्या में मातृशक्ति और महिलाओं ने आगे आकर युवा यात्रियों की आरती उतारी और उन पर पुष्पवर्षा की। महिलाओं की इस सक्रिय भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन और सेवा के 25 वर्षों का सफर घर-घर तक अपनी गहरी छाप छोड़ चुका है।
पारंपरिक आल्हा गायन और मां जानकी का आशीर्वाद
सांस्कृतिक धरोहरों को संजोते हुए आगे बढ़ रही यह यात्रा जब परियर क्षेत्र में पहुंची, तो वहां का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। रवि मिश्रा के नेतृत्व में यात्रा का अभिनंदन किया गया, जबकि सुरेश शुक्ला के संयोजन में हुए पारंपरिक आल्हा गायन ने वहां मौजूद हर शख्स को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस सांस्कृतिक छटा का यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय जनमानस ने भी भरपूर आनंद लिया।
परियर प्रवास के दौरान यात्रा दल ने ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण मां जगत जननी जानकी के दरबार में पहुंचकर पूजन-अर्चन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मां जानकी का आशीर्वाद लेने के बाद यह यात्रा परियर पुल को पार करते हुए कानपुर ग्रामीण की बिल्हौर विधानसभा के लिए रवाना हो गई। सीमा पर भाजपा कानपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक उपेंद्र पासवान ने पूरे दल-बल के साथ यात्रा की अगवानी की और उन्हें सुरक्षित आगे के मार्ग के लिए रिसीव किया।
नेतृत्व और प्रबंधन का उत्कृष्ट समन्वय
इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय संगठन की भूमिका बेहद सराहनीय रही। कार्यक्रम के विभिन्न पड़ावों पर व्यवस्थाओं को संभालने वालों में भाजपा जिला महामंत्री प्रवीण सिंह नूतन, यात्रा संयोजक व जिला उपाध्यक्ष नवीन सिंह, जिला उपाध्यक्ष सुशील तिवारी, अमित त्रिपाठी, जिला मीडिया प्रभारी समीर शुक्ल, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष बालाराव गुप्ता, युवा मोर्चा जिला महामंत्री उदय प्रताप सिंह, युवा मोर्चा जिला महामंत्री अंकित यादव, कमल बाजपेई, आदित्य जायसवाल और बिछिया के ब्लॉक प्रमुख नीरज गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल रहे। इनके अलावा भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष पूरी यात्रा के दौरान मुस्तैद नजर आए।
सनातन आस्था और राष्ट्र सेवा का अद्भुत संगम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि काशी के गंगाजल से प्रधानमंत्री की जन्मस्थली वडनगर का जलाभिषेक करने का यह अभियान केवल एक यात्रा मात्र नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, अटूट आस्था और अक्लान्त जनसेवा का एक जीवंत दस्तावेज है। उन्नाव की धरती पर जिस प्रकार से इस यात्रा का स्वागत हुआ है, उसने यह दिखा दिया है कि देश के आम नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ढाई दशक के सुशासन, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कितनी गहराई से जुड़े हुए हैं। यह यात्रा अब अपने अगले गंतव्य की ओर बढ़ चुकी है, लेकिन इसने उन्नाव के लोगों के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ दी है।