मीरजापुर के हलिया विकास खंड में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गड़बड़ा धाम इन दिनों पूरी तरह से भक्ति के रंग में रंगा हुआ है। सोमवार, 21 सितंबर 2026 को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के पावन अवसर पर यहां आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि देखने वाले देखते रह गए। सुबह की पहली किरण के साथ ही मां शीतला देवी के दरबार में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक अनवरत जारी रहा। प्रशासनिक अनुमान के मुताबिक, इस विशेष तिथि पर करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने मां शीतला के चरणों में हाजिरी लगाई और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
भोर से ही गूंजने लगे मां के जयकारे
सोमवार को तड़के भोर से ही गड़बड़ा धाम का पूरा मंदिर परिसर घंटियों की डरावनी गूंज और मां के जयकारों से गुंजायमान हो गया। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और शहरी क्षेत्रों से आए भक्त हाथों में नारियल, चुनरी, लाल वस्त्र, ताजे फूल-माला और प्रसाद की थालियां लिए कतारों में अनुशासनबद्ध होकर खड़े नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं में मां के दर्शन को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिला। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह तक श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं।
श्रद्धा की यह डुबकी केवल मंदिर के प्रांगण तक सीमित नहीं थी। परंपरा का निर्वहन करते हुए कई श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेकने से ठीक पहले पावन सेवटी नदी में डुबकी लगाई। नदी के ठंडे और निर्मल जल में स्नान करने के बाद, गीले वस्त्रों और पूरी निष्ठा के साथ भक्तों ने मां शीतला के दरबार का रुख किया। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सेवटी नदी में स्नान करने के बाद मां शीतला की आराधना करने से सभी प्रकार के कष्टों और दुखों से मुक्ति मिलती है, यही वजह है कि श्रद्धालुओं की अटूट आस्था नदी के तटों पर भी साफ नजर आई।
मंदिर के पुजारियों और व्यवस्थापकों के बयान
मंदिर के मुख्य पुजारी मंगलधारी मिश्र ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस ऐतिहासिक भीड़ पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया, "आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर सुबह से लेकर शाम ढलने तक लगभग 20 हजार श्रद्धालुओं ने मां शीतला के अलौकिक दर्शन किए हैं। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के कपाट समय से खोले गए और विशेष प्रबंध किए गए ताकि हर कोई सुगमता से मां का आशीर्वाद प्राप्त कर सके। श्रद्धालुओं ने मां को नारियल, चुनरी और मिष्ठान का भोग लगाया।"
पुजारी ने आगे बताया कि इस तरह के विशेष अवसरों पर धाम की रौनक देखने लायक होती है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी लोग अपनी मन्नतें पूरी होने पर मां शीतला का आभार व्यक्त करने यहां पहुंचते हैं।
स्थानीय बाजारों में बढ़ी चहल-पहल और आर्थिक गतिविधियों
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने से गड़बड़ा धाम और उसके आसपास के स्थानीय बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। दर्शन-पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर के आसपास सजी दुकानों से जमकर खरीदारी की। पारंपरिक प्रसाद, पूजा-सामग्री के साथ-साथ घरेलू उपयोग की वस्तुओं और बच्चों के खिलौनों की दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। दुकानदारों के चेहरे खिले हुए थे, क्योंकि इस तरह के मेलों और विशेष तिथियों से स्थानीय आर्थिकी को बड़ा संबल मिलता है। हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की बिक्री से छोटे व्यापारियों को अच्छा-खास मुनाफा हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था रही मुस्तैद, हलिया पुलिस ने संभाला मोर्चा
हजारों की संख्या में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होता है। हालांकि, इस मोर्चे पर स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। हलिया थाने की पुलिस टीम लगातार मंदिर परिसर, मुख्य मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में गश्त करती रही। पुलिसकर्मियों ने यह सुनिश्चित किया कि दर्शनार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा सके। यातायात को सुचारू रखने के लिए वाहनों की पार्किंग के लिए अलग से व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे जाम जैसी स्थिति से बचा जा सका।
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर उठे सवाल, भक्तों को हुई परेशानी
एक तरफ जहां धार्मिक उल्लास और सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम देखने को मिले, वहीं दूसरी ओर धाम परिसर में व्याप्त गंदगी ने आगंतुकों और स्थानीय नागरिकों को निराश किया। मंदिर के आसपास जगह-जगह कचरे और गंदगी के ढेर लगे हुए थे। इस कचरे के सड़ने से उठ रही दुर्गंध और मक्खी-मच्छरों के प्रकोप के कारण श्रद्धालुओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
- श्रद्धालुओं की मांग: स्थानीय नागरिकों और दूर-दराज से आए भक्तों ने प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से कड़ी नाराजगी जताई है।
- नियमित सफाई की जरूरत: लोगों का कहना है कि गड़बड़ा धाम जैसे प्रमुख और पवित्र तीर्थ स्थल पर रोजाना सफाई होनी चाहिए।
- स्वास्थ्य का खतरा: गंदगी के कारण महामारी फैलने का अंदेशा बना रहता है, जिसे लेकर प्रशासन को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।
स्थानीय प्रबुद्धजनों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि गड़बड़ा धाम में आने वाले मेलों और विशेष पर्वों से पहले स्वच्छता अभियान चलाया जाए और स्थायी सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाए, ताकि मां शीतला के दरबार में आने वाले किसी भी भक्त को असुविधा का सामना न करना पड़े।
आस्था और प्रशासन का समन्वय है जरूरी
बहरहाल, भाद्रपद शुक्ल दशमी के इस पावन मौके पर गड़बड़ा धाम में मां शीतला के दर्शन के लिए उमड़ा यह जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि लोगों के दिलों में आज भी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति कितना गाढ़ा प्रेम और विश्वास है। जरूरत इस बात की है कि बढ़ती हुई भीड़ के अनुपात में यहां बुनियादी नागरिक सुविधाओं—विशेषकर साफ-सफाई, पेयजल और सुलभ रास्तों—का और अधिक विस्तार किया जाए, ताकि यह तीर्थ स्थल और अधिक भव्य रूप में उभर सके।