झारखंड की औद्योगिक तस्वीर तेजी से बदल रही है और इसे नई दिशा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, राज्य के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंगलवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने जमशेदपुर स्थित 'सीटीसी प्रेज़िशन टूल्स प्राइवेट लिमिटेड' की कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया और वहां हो रहे उत्पादन कार्यों की सराहना की। आधुनिक तकनीक के इस दौर में राज्य के भीतर इस तरह की इकाइयों का होना झारखंड के औद्योगिक भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा और तकनीकी गतिविधियों का जायजा
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपनी इस यात्रा के दौरान कंपनी की उत्पादन व्यवस्था, आधुनिक मशीनों और तकनीकी गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने कंपनी के प्रबंधन से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि किस प्रकार अत्याधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के जरिए बाजार में प्रतिस्पर्धी बढ़त बनाई जा रही है। इस दौरान उन्होंने औद्योगिक इकाइयों की चुनौतियों और उनकी सफलताओं पर भी चर्चा की।
निरीक्षण के बाद अपने संबोधन में राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि झारखंड की भूमि में औद्योगिक विकास की असीम संभावनाएं छिपी हैं। यदि इन संभावनाओं को सही दिशा और सही तकनीकी समर्थन मिल जाए, तो राज्य देश के प्रमुख औद्योगिक hubs में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत कर सकता है। आधुनिक तकनीक को अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है, और यहां के उद्योग इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
युवाओं की प्रतिभा और कौशल विकास पर विशेष जोर
किसी भी राज्य का विकास वहां के युवाओं की प्रगति से जुड़ा होता है। राज्यपाल ने अपने दौरे के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया कि झारखंड के युवाओं में प्रतिभा और कार्यकुशलता की कोई कमी नहीं है। उन्हें केवल सही मंच और उचित प्रशिक्षण की आवश्यकता है।
- रोजगार के नए अवसर: औद्योगिक इकाइयों के विस्तार से न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे।
- कौशल विकास: उद्योगों की मांग के अनुसार स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
- स्थानीय भागीदारी: उद्योगों और स्थानीय युवाओं के बीच बेहतर तालमेल से राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जब स्थानीय स्तर पर युवाओं को उद्योगों की जरूरत के हिसाब से ट्रेनिंग दी जाएगी, तो कंपनियों को भी कुशल श्रम आसानी से मिलेगा और युवाओं का पलायन रुकेगा।
उद्योग जगत से विशेष अपेक्षाएं
राज्यपाल ने उद्योग जगत के दिग्गजों से आह्वान किया कि वे स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता दें। उनका मानना था कि यदि कंपनियां अपने सामाजिक और व्यावसायिक दायित्वों के तहत स्थानीय युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करें, तो इसके परिणाम बेहद सकारात्मक होंगे। इससे न केवल औद्योगिक इकाइयों को कुशल कार्यबल मिलेगा, बल्कि स्थानीय समाज का सामाजिक-आर्थिक स्तर भी ऊपर उठेगा।
उन्होंने कहा कि उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण होना चाहिए, जिससे पाठ्यक्रम वही तय हों जिनकी बाजार में वास्तव में मांग है।
भविष्य की मजबूत नींव और शुभकामनाएं
दौरे के अंत में, राज्यपाल ने 'सीटीसी प्रेज़िशन टूल्स' के प्रबंधन और वहां काम करने वाली पूरी टीम को उनकी सफल कार्यप्रणाली के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह इकाई भविष्य में भी तकनीक, गुणवत्ता और रोजगार सृजन के नए आयाम स्थापित करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यपाल स्तर से इस प्रकार के दौरों से औद्योगिक घरानों का मनोबल बढ़ता है और राज्य में निवेश का एक अनुकूल वातावरण तैयार होता है। झारखंड सरकार और प्रशासन की इन पहलों से आने वाले दिनों में राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के द्वार और अधिक चौड़े होने की पूरी उम्मीद है।