पीड़िता को धमकाने और जांच प्रभावित करने के आरोप में बरही के राज आर्यन पर हुई कार्रवाई
झारखंड के कोडरमा जिले में नाबालिग आदिवासी छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में जेल में बंद पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी के एक करीबी सहयोगी को गिरफ्तार किया है। बरही निवासी राज आर्यन उर्फ छोटी कुमार को पुलिस ने रविवार को लंबी पूछताछ के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले में उसकी संलिप्तता और कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयासों की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, राज आर्यन पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार का बेहद करीबी है और उसे इस घटना से जुड़े कई अहम पहलुओं की पुख्ता जानकारी थी। शुरुआती दौर में जब पुलिस ने उससे पूछताछ की थी, तब उसने तमाम आरोपों से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि, पुलिस द्वारा जुटाए गए पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों और गहन छानबीन के बाद उसकी संदिग्ध भूमिका सामने आई, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
पीड़िता के परिवार को धमकाने और प्रलोभन देने का आरोप
जांच में सामने आए तथ्यों से यह बात उजागर हुई है कि राज आर्यन पर मामले को दबाने और गवाहों को प्रभावित करने का गंभीर प्रयास करने का संदेह है। पुलिस के मुताबिक, डॉ. अनिल कुमार की गिरफ्तारी के बाद से ही राज आर्यन लगातार इस आपराधिक मामले की दिशा मोड़ने की कोशिश में जुटा था। आरोप है कि उसने सीधे तौर पर पीड़िता के घर जाकर उसके स्वजन को धमकाया था तथा मामले को रफा-दफा करने के लिए प्रलोभन देने की भी कोशिश की थी। इसके अलावा, पीड़िता द्वारा मेडिकल जांच कराने से इनकार किए जाने के घटनाक्रम में भी उसकी संदिग्ध भूमिका की पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है।
कार से लाने-ले जाने का काम करता था आरोपी
पुलिस की अब तक की तफ्तीश में यह भी बात सामने आई है कि राज आर्यन ही पूर्व सिविल सर्जन के निर्देश पर अपनी कार से छात्रा को उनके पास लाने और बाद में वापस छोड़ने का काम किया करता था। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस आवाजाही के दौरान और क्या-क्या गतिविधियां हुईं तथा इस पूरे षड्यंत्र में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
मां के इलाज के सिलसिले में संपर्क में आई थी छात्रा
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब नाबालिग कोचिंग छात्रा ने कोडरमा महिला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, पीड़िता अपनी बीमार मां के इलाज के सिलसिले में पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के संपर्क में आई थी। आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टर ने उसका यौन उत्पीड़न किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर डॉ. अनिल कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जो बीते 11 अक्टूबर से न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद हैं। पुलिस इस मामले से जुड़े रिजॉर्ट, क्लीनिक और मोबाइल से मिले आपत्तिजनक वीडियो जैसे अन्य पहलुओं पर भी अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।