हरियाणा के करनाल जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली सड़क दुर्घटना सामने आई है। करनाल-कैथल मार्ग पर एक लापरवाही ने हंसते-खेते परिवार के इकलौते चिराग को हमेशा के लिए बुझा दिया। सड़क किनारे बिना किसी पार्किंग लाइट या सुरक्षा संकेतक के बेतरतीब खड़े एक भारी-भरकम ट्राले के पीछे एक तेज रफ्तार बाइक जा घुसी। इस भीषण टक्कर में बाइक पर सवार 26 वर्षीय युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सृष्टि एग्रो के पास हुआ खौफनाक हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा करनाल-कैथल रोड पर स्थित सृष्टि एग्रो के नजदीक हुआ। मरने वाले युवक की पहचान 26 वर्षीय दीपक कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पड़ोसी जिले कैथल के अंतर्गत आने والے गांव क्योजडक का रहने वाला था। दीपक कुमार पुत्र महावीर अपनी बाइक पर सवार होकर किसी जरूरी काम से करनाल की तरफ जा रहा था। सड़क पर यातायात सामान्य था, लेकिन सड़क के किनारे खड़े लापरवाह वाहनों ने एक बार फिर यमराज का रूप ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सड़क की पटरियों पर नियमों को ताक पर रखकर एक नागालैंड नंबर का भारी ट्राला खड़ा किया गया था। रात या कम रोशनी के समय खड़े इन वाहनों पर अक्सर रिफ्लेक्टर या अन्य सुरक्षा उपाय नहीं होते, जिससे पीछे से आने वाले वाहन चालकों को इनका अंदाजा नहीं लग पाता। दीपक की बाइक अचानक सामने आए इस विशालकाय ट्राले को देख नहीं पाई और सीधे जाकर उसके पिछले हिस्से में जोरदार तरीके से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पूरी बाइक ट्राले के पिछले हिस्से के नीचे जा घुसी।
जेमैटो का बैग और मौसी के घर जाने का सपना
इस हादसे के बाद घटनास्थल पर जो दृश्य था, उसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। मृतक दीपक के पास एक फूड डिलीवरी कंपनी (जेमैटो) का बैग टंगा हुआ था। परिजनों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, दीपक किसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश स्थित अपनी मौसी के घर जाने के लिए निकला था। घर से निकलते वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यह उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। रास्ते में हुई इस अनहोनी ने एक परिवार के सारे सपने पल भर में चकनाचूर कर दिए।
- मृतक की पहचान: 26 वर्षीय दीपक कुमार (निवासी क्योजडक, कैथल)
- घटना स्थल: सृष्टि एग्रो के पास, करनाल-कैथल रोड
- प्रमुख कारण: सड़क किनारे अवैध और बेतरतीब पार्किंग
- पुलिस कार्रवाई: ट्राला चालक हिरासत में, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच
हाथों-हाथ दुर्घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और स्थानीय थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस बल ने तुरंत घटनास्थल को अपने घेरे में लिया और गंभीर रूप से घायल युवक को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी सांसे थम चुकी थीं। मामले की जानकारी देते हुए सीटी ऋषिपाल ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना में शामिल ट्राले के चालक को मौके से ही दबोच लिया है। इसके साथ ही दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों (बाइक और ट्राला) को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस ने मृतक के परिजनों को इस हृदयविदारक घटना की सूचना दी, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन तुरंत करनाल पहुंचे। पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम हाउस, करनाल भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले में मोटर व्हीकल एक्ट और लापरवाही से मौत की धाराओं के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चालक से पूछताछ की जा रही है कि उसने अपने भारी वाहन को सड़क पर ऐसे असुरक्षित स्थान पर क्यों खड़ा किया था।
खुलेआम पार्किंग और हर साल जाती हैं अनमोल जानें
यह कोई पहली बार नहीं है जब करनाल या आसपास के इलाकों में सड़क किनारे खड़े वाहनों ने किसी की जान ली हो। इस प्रकार की घटनाएं एक गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक सवाल खड़े करती हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि विशेषकर धान के सीजन या अन्य समयों में, भारी ट्रकों और ट्राले के चालक अपने वाहनों को ढाबों, होटलों या सड़कों के किनारे ही बेतरतीब ढंग से खड़ा कर देते हैं।
इस प्रकार की अवैध पार्किंग के पीछे मुख्य वजह ट्रांसपोर्टर्स द्वारा पार्किंग शुल्क (Parking Fee) की बचत करना होता है। कुछ पैसों की बचत के चक्कर में ये लोग राष्ट्रीय और राज्य मार्गों की मुख्य पटरियों (Road Shoulders) को ही अपनी पार्किंग बना लेते हैं। सड़क का एक बड़ा हिस्सा घिर जाने के कारण मार्ग संकरा हो जाता है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के लिए विजिबिलिटी कम हो जाती है और रात के समय या कोहरे में ये मौत के जाल साबित होते हैं। हर साल इस लापरवाही की वजह से दर्जनों बेकसूर लोग अपनी जान गंवाते हैं, लेकिन प्रशासनिक सख्ती के बावजूद इस पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है।
सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल
सवाल यह उठता है कि क्या हाईवे अथॉरिटी और यातायात पुलिस इन अवैध रूप से खड़े होने वाले भारी वाहनों पर नकेल कसने में नाकाम साबित हो रही है? यदि समय रहते इन चालकों और वाहन मालिकों पर भारी जुर्माना और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे हादसे आगे भी अनमोल जिंदगियों को लीलते रहेंगे। फिलहाल, दीपक की मौत से उसके परिवार में मातम पसरा हुआ है और एक उभरते हुए नौजवान के यूं चले जाने से पूरा गांव गहरे सदमे में है।