भारतीय राजनीति के क्षितिज पर एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर देश के 'प्रधान सेवक' तक की यात्रा तय करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 7 अक्टूबर 2026 को जनसेवा के अपने ऐतिहासिक 25 वर्ष पूरे करने जा रहे हैं। इस खास और प्रेरणादायी मील के पत्थर को देश भर में एक उत्सव और जन-कल्याण के रूप में मनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए 'सेवा संकल्प अभियान' की रूपरेखा देश के सामने रखी। इस अभियान के माध्यम से न केवल सरकार की पिछले ढाई दशकों की उपलब्धियों को गिनाया जाएगा, बल्कि समाज के हर वर्ग तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया जाएगा।
एक साधारण कार्यकर्ता से 'प्रधान सेवक' तक का सफर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक और सामाजिक जीवन के इस लंबे सफर पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक आम कार्यकर्ता के रूप में जमीनी स्तर से शुरू हुआ यह सफर आज देश को वैश्विक पटल पर एक नई दिशा देने तक पहुंचा है। प्रधानमंत्री मोदी का यह पूरा कार्यकाल अटूट विजन, देश के प्रति समर्पण और पक्के संकल्प का जीवंत उदाहरण है।
नितिन नबीन ने आंकड़ों और तथ्यों के साथ बात रखते हुए देश को बताया कि इस यशस्वी नेतृत्व के साये में देश ने किस प्रकार मील के पत्थर हासिल किए हैं। सरकार की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश के लगभग 25 करोड़ गरीब परिवारों को गरीबी रेखा से सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया है। यह चमत्कारिक बदलाव केवल मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और सही नीतियों के कारण ही संभव हो सका है।
'सेवा संकल्प अभियान': कब और कैसे मनेगा यह उत्सव?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने और उनके जन्मदिन के उपलक्ष्य में देश भर में एक महीने तक चलने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' का ऐलान किया गया है। यह अभियान आगामी 17 सितंबर 2026 से शुरू होकर 17 अक्टूबर 2026 तक पूरे देश में भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर 'सेवा दिवस' के रूप में होगी। इसके बाद अगले दो हफ्तों यानी 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक 'सेवा पखवाड़ा' के अंतर्गत कई सेवा कार्य और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सीधे तौर पर जोड़ना और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक मदद पहुंचाना है।
सेवा पखवाड़े में आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रम
नितिन नबीन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे अभियान के दौरान निम्नलिखित प्रमुख आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई है:
- रक्तदान शिविर: अभियान के पहले दिन यानी 17 सितंबर को देश भर में बड़े पैमाने पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे।
- 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम: 17 सितंबर की शाम को देश भर में विशेष रूप से 'आशीर्वाद का दीया' जलाकर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की जाएंगी।
- स्वच्छता अभियान: महात्मा गांधी की जयंती यानी 2 अक्टूबर के अवसर पर राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
- युवा और स्कूली प्रतियोगिताएं: 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच देश के सभी स्कूलों में पेंटिंग, ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
- सम्मान समारोह: इन प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली कलाकृतियों और भाषण देने वाले प्रतिभाशाली विजेताओं को केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के स्तर से विशेष प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर तक दो विशाल यात्राएं
इस महीने भर चलने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' का एक और सबसे बड़ा आकर्षण दो भव्य यात्राएं होंगी। ये यात्राएं देश की सांस्कृतिक और भावनात्मक एकता को और मजबूत करने का काम करेंगी।
पहली यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मस्थान वडनगर से चलकर उनके संसदीय क्षेत्र और आध्यात्मिक नगरी वाराणसी तक पहुंचेगी। वहीं, दूसरी यात्रा ठीक इसके विपरीत वाराणसी से शुरू होकर वडनगर तक जाएगी। खास बात यह है कि इस पूरी पहल की कमान युवा प्रतिनिधियों के हाथों में होगी। इन यात्राओं को संचालित करने के लिए 10 अलग-अलग दलों का गठन किया गया है, जिसमें कुल 50 युवा सदस्य शामिल होंगे। ये युवा रास्ते में पड़ने वाले विभिन्न पड़ावों पर सांस्कृतिक, सामाजिक और जन-जागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
सांस्कृतिक विरासत का पुनरुद्धार और नया सांस्कृतिक गौरव
प्रेस कॉन्फ्रेंस को आगे बढ़ाते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने देश की सांस्कृतिक धरोहरों के पुनरुद्धार पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज हम गर्व से कह सकते हैं कि देश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे आधुनिक स्वरूप देने का अभूतपूर्व काम हुआ है। भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक और सोमनाथ मंदिर का कायाकल्प इस बात का प्रमाण है कि देश अपनी जड़ों से जुड़ते हुए किस तरह आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है।
युवाओं के भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश के युवाओं के मन में भविष्य को लेकर एक निराशा और अनिश्चितता का माहौल था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नीतियों ने देश के युवाओं को उम्मीद, सकारात्मकता और ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर खड़े होने का आत्मविश्वास दिया है। आज का युवा खुद को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा का अहम हिस्सा महसूस करता है।
पॉलिसी पैरालिसिस से लेकर दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था तक का सफर
देश की आर्थिक स्थिति और आंतरिक सुरक्षा पर बोलते हुए नितिन नबीन ने पुरानी स्थितियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 में देश की कमान संभाली थी, तब चारों तरफ नीतिगत गतिरोध (पॉलिसी पैरालिसिस) और निराशा का अंधेरा था। भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की कमजोर अर्थव्यवस्थाओं यानी 'फ्रैजाइल फाइव' में गिना जाता था।
लेकिन पिछले एक दशक की कड़ी मेहनत, वित्तीय सुधारों और मजबूत नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज भारत वैश्विक मंच पर दुनिया की सबसे तेजी से उभरती हुई और मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का कद और सम्मान तेजी से बढ़ा है, जिससे आज हर भारतीय सिर उठाकर और सुरक्षा के भाव के साथ आगे बढ़ रहा है।
नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार
आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार की बड़ी उपलब्धि गिनाते हुए उन्होंने कहा कि देश को दशकों से दीमक की तरह खोखला कर रहे नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम इसी कार्यकाल में हुआ है। एक समय देश के 200 से अधिक जिले नक्सल हिंसा की चपेट में थे और वहां का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त था। आज वे सभी जिले नक्सल-मुक्त हो चुके हैं और वहां के नागरिक एक सामान्य, भयमुक्त और खुशहाल जीवन जी रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने देश के सभी नागरिकों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के इस सेवाकाल के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले इन सभी कार्यक्रमों और अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और एक सशक्त, विकसित भारत के संकल्प को और मजबूत बनाएं।