Breaking
► बाहुबली विधायक अनंत सिंह की बगावत, जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ खोला मोर्चा ► आयकर विभाग को नहीं मिल रहा 5,121 करोड़ रुपये के लेनदेन का हिसाब ► नवादा: रेलवे कॉलोनी में मां दुर्गा का पट खुलते ही उमड़े श्रद्धालु, बंगाली रीति-रिवाजों से हो रही पूजा ► हरदोई में आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन, कर्मियों ने बांधी काली पट्टी ► वाराणसी: मिशन शक्ति 6.0 के तहत कैंट थाने में सम्मानित हुए सुलह करने वाले परिवार ► औरेया में अनोखा मामला: 75 साल के बुजुर्ग और 30 साल की युवती की शादी तय ► दुनिया में सबसे ज्यादा एसिड अटैक किस देश में होते हैं? जानें भारत और पाकिस्तान की स्थिति ► कनॉट प्लेस तिरंगा मार्च: दिल्ली में धारा 163 लागू, CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को नोटिस ► सीएम योगी बोले- साढ़े नौ साल में बदला यूपी का खेल परिवेश, मैदानों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छा रहीं बेटियां ► रिटायर्ड सैनिकों के लिए जरूरी खबर: DSP अकाउंट को तुरंत कराएं DPA में कन्वर्ट ► बाहुबली विधायक अनंत सिंह की बगावत, जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ खोला मोर्चा ► आयकर विभाग को नहीं मिल रहा 5,121 करोड़ रुपये के लेनदेन का हिसाब ► नवादा: रेलवे कॉलोनी में मां दुर्गा का पट खुलते ही उमड़े श्रद्धालु, बंगाली रीति-रिवाजों से हो रही पूजा ► हरदोई में आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन, कर्मियों ने बांधी काली पट्टी ► वाराणसी: मिशन शक्ति 6.0 के तहत कैंट थाने में सम्मानित हुए सुलह करने वाले परिवार ► औरेया में अनोखा मामला: 75 साल के बुजुर्ग और 30 साल की युवती की शादी तय ► दुनिया में सबसे ज्यादा एसिड अटैक किस देश में होते हैं? जानें भारत और पाकिस्तान की स्थिति ► कनॉट प्लेस तिरंगा मार्च: दिल्ली में धारा 163 लागू, CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को नोटिस ► सीएम योगी बोले- साढ़े नौ साल में बदला यूपी का खेल परिवेश, मैदानों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छा रहीं बेटियां ► रिटायर्ड सैनिकों के लिए जरूरी खबर: DSP अकाउंट को तुरंत कराएं DPA में कन्वर्ट

कद्दू के बीज फेंकने की न करें भूल, मिनटों में बनाएं यह चटपटी रेसिपी

कद्दू के बीज फेंकने की न करें भूल, मिनटों में बनाएं यह चटपटी रेसिपी

रसोई में जब भी कद्दू (सीताफल) की सब्जी बनती है, तो हम में से अधिकांश लोग इसके बीजों को बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही छोटे-छोटे बीज स्वाद और पोषण का खजाना होते हैं? अगर आप भी कद्दू के नरम बीजों को अब तक फेंकते आए हैं, तो अपनी इस आदत को आज ही बदल दीजिए। इन बीजों से एक ऐसी पारंपरिक और चटपटी रेसिपी तैयार की जा सकती है, जिसे चखने के बाद आप कभी भी इन्हें दोबारा फेंकने की गलती नहीं करेंगे। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कद्दू के बीजों से बनने वाले तीखे देसी ठेचा की आसान और स्वादिष्ट विधि।

कद्दू के बीज फेंकने से पहले जान लें यह सच

आधुनिक जीवनशैली में हम कई ऐसी प्राकृतिक चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं जो हमारी सेहत के लिए वरदान साबित हो सकती हैं। कद्दू के बीज उन्हीं में से एक हैं। इनमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, आयरन, फाइबर, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। जब आप कद्दू काटते हैं, तो अंदर से निकलने वाले इन नरम बीजों का इस्तेमाल आप स्नैक्स या चटनी के रूप में कर सकते हैं। महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में 'ठेचा' अपनी तीखी और क्रंची बनावट के लिए जाना जाता है। जब इसमें कद्दू के बीजों का ट्विस्ट जोड़ा जाता है, तो यह स्वाद के मामले में किसी भी महंगी डिश को मात दे सकता है।

देसी ठेचा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

इस अनोखी और स्वादिष्ट रेसिपी को बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा तामझाम करने की जरूरत नहीं है। आपकी रसोई में मौजूद सामान्य सामग्री से ही यह ठेचा तैयार हो जाता है:

  • कद्दू के नरम बीज: 1 कप (अच्छी तरह धोए और साफ किए हुए)
  • हरी मिर्च: 5 से 7 (अपने स्वाद के अनुसार तीखापन कम या ज्यादा करें)
  • लहसुन की कलियां: 10 से 12 (छीली हुई)
  • जीरा: 1 छोटा चम्मच
  • सरसों का तेल या घी: 2 बड़े चम्मच
  • नींबू का रस: 1 बड़ा चम्मच
  • हरा धनिया: बारीक कटा हुआ
  • नमक: स्वानुसार

कद्दू के बीजों का तीखा देसी ठेचा बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि

खाना बनाने का शौक रखने वालों के लिए यह एक बेहतरीन प्रयोग है। इसे बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल है:

स्टेप 1: बीजों की तैयारी

सबसे पहले कद्दू के अंदर से बीजों को निकालकर अलग कर लें। इन बीजों पर लगे कद्दू के गूदे को पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। अब बीजों को किसी साफ कपड़े या पेपर टॉवल पर फैलाकर थोड़ा सूखा लें ताकि उनका अतिरिक्त पानी निकल जाए।

स्टेप 2: मसालों और बीजों को भूनना

एक लोहे की कढ़ाई या पैन में सरसों का तेल गर्म करें। जब तेल से धुआं निकलने लगे, तो आंच धीमी कर दें। अब इसमें जीरा, छीनी हुई लहसुन की कलियां और तीखी हरी मिर्च डालें। इन्हें हल्का सा भूनें ताकि लहसुन का कच्चापन निकल जाए। इसके बाद इसमें साफ किए हुए कद्दू के बीज डाल दें। बीजों को लगातार चलाते हुए मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक वे हल्के सुनहरे और क्रंची न हो जाएं।

स्टेप 3: कूटने की पारंपरिक प्रक्रिया (ओखली का इस्तेमाल)

असली ठेचा मिक्सी में पीसने के बजाय ओखली और मूसल (Mortar and Pestle) में कूटकर बनाया जाता है। भुने हुए मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद इसे ओखली में डालें और दरदरा कूट लें। ध्यान रहे, इसे पेस्ट नहीं बनाना है, बल्कि इसका टेक्सचर दरदरा और क्रंची होना चाहिए ताकि खाते समय बीजों का बाइट मुंह में आए।

स्टेप 4: तड़का और फाइनल टच

कुटे हुए मिश्रण को एक बाउल में निकालें। इसमें स्वादानुसार नमक, बारीक कटा हुआ हरा धनिया और नींबू का रस मिलाएं। खट्टा-तीखा स्वाद इस ठेचा की सबसे बड़ी खूबी है। अगर आप चाहें तो ऊपर से थोड़ा सा कच्चा सरसों का तेल भी मिला सकते हैं, जो इसके पारंपरिक स्वाद को और बढ़ा देगा।

कैसे और किसके साथ परोसें यह ठेचा?

यह तीखा देसी ठेचा गरमा-गरम बाजरे की रोटी, मक्के की रोटी, सादी गेहूं की चपाती या फिर पराठों के साथ गजब का स्वाद देता है। ग्रामीण भारत में इसे दाल-चावल के साथ साइड डिश के रूप में बड़े चाव से खाया जाता है। अगर आप दोपहर के खाने में कुछ नया और तीखा ट्राई करना चाहते हैं, तो यह ठेचा आपके खाने के स्वाद को दोगुना कर देगा।

सेहत के लिहाज से कितना फायदेमंद है यह ठेचा?

यह सिर्फ स्वाद में ही बेहतरीन नहीं है, बल्कि सेहत के मोर्चे पर भी इसके कई फायदे हैं। कद्दू के बीजों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। लहसुन और हरी मिर्च पाचन क्रिया को दुरुस्त रखते हैं और मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं। तो अगली बार जब भी आपके घर में कद्दू आए, तो उन बीजों को कचरे में डालने की बजाय इस शानदार रेसिपी को जरूर आजमाएं। परिवार के सभी सदस्य इस अनोखे स्वाद की तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे।

About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →