छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नेशनल हाईवे-130 पर सुबह-सवेरे एक के बाद एक तीन वाहन आपस में भिड़ गए। इस भयंकर हादसे के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह से चरमरा गया और लगभग चार घंटे तक वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस भीषण सड़क दुर्घटना में एक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
कैसे हुआ यह पूरा हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना जटगा चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एनएच-130 पर हुई। रविवार की सुबह करीब 7 बजे जब लोग अपने गंतव्य की ओर निकल रहे थे, तभी हाईवे किनारे सरिया से लोड एक ट्रेलर खराब होने की वजह से खड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि वाहन में तकनीकी खराबी आने के कारण चालक ने उसे सड़क के किनारे ही रोक दिया था।
इसी दौरान तेज गति से पीछे से आ रहे एक अन्य भारी वाहन ने इस खड़े हुए ट्रेलर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आसपास का इलाका दहल उठा। इस दुर्घटना के संभलने का मौका भी नहीं मिला था कि पीछे से आ रहा तीसरा वाहन भी नियंत्रण खो बैठा और पहले से दुर्घटनाग्रस्त हो चुके दोनों वाहनों से जा भिड़ा। इस प्रकार लगातार हुई तीन गाड़ियों की टक्कर ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया।
लंबी कतारें और चार घंटे का भीषण जाम
इस त्रिपक्षीय भिड़ंत के बाद एनएच-130 पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। स्थिति यह थी कि सुबह के वक्त सफर कर रही कई यात्री बसें, छोटे चार पहिया वाहन और आवश्यक सामग्री ले जा रहे भारी ट्रक घंटों तक एक ही जगह पर फंसे रहे। यात्रियों को अपनी बसों और कारों से उतरकर सड़क पर ही इंतजार करना पड़ा। सुबह के वक्त ड्यूटी और जरूरी कामों पर जाने वाले लोगों को इस जाम के कारण भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी उठानी पड़ी।
पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जटगा चौकी की पुलिस टीम बिना समय गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति की नजाकत को समझते हुए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कारण सड़क पर फैले मलबे और गाड़ियों को क्रेन की मदद से हटाने का कार्य शुरू हुआ। पुलिसकर्मियों की कड़ी मशक्कत और लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क के बीच से हटाया जा सका। इसके बाद जाकर कहीं करीब चार घंटे की लंबी जद्दोजहद के बाद हाईवे पर यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया जा सका।
प्रशासनिक बयान और जांच
मामले की पुष्टि करते हुए जटगा चौकी प्रभारी भीमसेन यादव ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गया था। उन्होंने कहा, 'दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को सामान्य करा दिया गया है। घायल चालक का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इस पूरी घटना की गहराई से जांच की जा रही है और परिस्थितियों का आकलन करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'
स्थानीय नागरिकों में नाराजगी और सुरक्षा को लेकर सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे पर खराब होकर खड़े होने वाले वाहनों के लिए कोई पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आते। स्थानीय लोगों का तर्क है कि:
- सड़क किनारे खड़े होने वाले खराब वाहनों के पीछे पर्याप्त चेतावनी संकेतक (Warning Signs) नहीं लगाए जाते हैं।
- रात या सुबह के धुंधले समय में ऐसे वाहनों पर रिफ्लेक्टर या संकेतक लाइट का न होना बड़े हादसों को खुला निमंत्रण देता है।
- हाईवे पर पुलिस या पेट्रोलिंग टीमों की गश्त बढ़ाई जानी चाहिए ताकि ऐसे खराब वाहनों को तुरंत सड़क से हटवाया जा सके।
बहरहाल, इस घटना ने एक बार फिर से नेशनल हाईवे पर सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। यदि समय रहते खराब वाहनों को हटाने के कड़े नियम और प्रबंध नहीं किए गए, तो इस तरह के हादसे भविष्य में भी यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा बने रहेंगे।