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भंडारा में 540 ग्राम पंचायतों के सरपंच पदों का आरक्षण घोषित, जानिए आपके गांव में किसे मिला मौका

भंडारा में 540 ग्राम पंचायतों के सरपंच पदों का आरक्षण घोषित, जानिए आपके गांव में किसे मिला मौका

महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो चुकी है और इसकी सबसे बड़ी वजह है स्थानीय निकायों से जुड़ा एक बेहद अहम अपडेट। भंडारा जिले से आ रही ताजा जानकारी के अनुसार, जिले की कुल 540 ग्राम पंचायतों के सरपंच पदों के लिए संशोधित आरक्षण (Revised Reservation) की घोषणा आधिकारिक तौर पर कर दी गई है। जिला प्रशासन द्वारा उठाये गए इस कदम के बाद अब गांवों की राजनीति में नए समीकरण बनने शुरू हो गए हैं, और संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां भी तेज कर दी हैं।

जिलाधिकारी कार्यालय से जारी हुई आधिकारिक अधिसूचना

भंडारा जिले में वर्ष 2025 से 2030 के दौरान अपना कार्यकाल पूरा करने वाली ग्राम पंचायतों के भविष्य का फैसला अब इस नई आरक्षण सूची से तय होगा। जिलाधिकारी सावन कुमार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक, यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाई जा रही है। ग्राम विकास विभाग की ओर से जारी किए गए हालिया दिशा-निर्देशों और शुद्धिपत्रक को ध्यान में रखते हुए ही यह संशोधित आरक्षण निर्धारित किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी अड़चन से बचा जा सके।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह पूरा फेरबदल और निर्धारण नियमों के दायरे में रहकर किया गया है, जिससे आने वाले चुनावों में किसी भी तरह के असमंजस की गुंजाइश न रहे।

अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के कोटे पर क्या है स्थिति?

अक्सर आरक्षण के नए संशोधनों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में चर्चाएं और सवाल उठने लगते हैं, लेकिन इस बार जिला प्रशासन ने पहले ही स्थिति साफ कर दी है। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग का आरक्षण पहले ही 13 जून 2025 को जारी अधिसूचना के आधार पर ग्रामीण आबादी के सटीक अनुपात में तय किया जा चुका है।

यही वजह है कि इस बार के संशोधित आरक्षण में एससी और एसटी वर्ग के कोटे में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। उनके लिए आरक्षित सीटें पहले की तरह ही यथावत रहेंगी।

ओबीसी और खुले वर्ग के लिए सीटों का पूरा गणित

ताजा घोषणा के अनुसार, जिले की 540 ग्राम पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और खुले वर्ग (General) के लिए सीटों का बंटवारा इस प्रकार किया गया है:

  • ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) के लिए कुल पद: 128 सीटें आरक्षित की गई हैं।
  • ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित पद: इन 128 सीटों में से 66 पद महिलाओं के लिए तय किए गए हैं।
  • खुले वर्ग के लिए कुल पद: सामान्य या खुले वर्ग के लिए कुल 278 पद निर्धारित किए गए हैं।
  • खुले वर्ग की महिलाओं के लिए प्रावधान: खुले वर्ग के इन पदों के भीतर भी महिलाओं के लिए उचित प्रतिनिधित्व का पूरा प्रावधान रखा गया है।

तहसीलवार आंकड़ों पर एक नजर

भंडारा जिले की अलग-अलग तहसीलों में ग्राम पंचायतों की संख्या और उनके आरक्षण का गणित अलग-अलग है। आइए जानते हैं कि किस तहसील में क्या स्थिति बनी है:

1. तुमसर तहसील

तुमसर में कुल 97 ग्राम पंचायतें हैं। यहां पिछड़ा वर्ग के लिए 25 पद आरक्षित हैं, जिनमें से 13 पद पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए तय किए गए हैं। वहीं, खुले वर्ग के 49 पदों में से 24 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।

2. भंडारा तहसील

भंडारा तहसील के अंतर्गत आने वाली 94 ग्राम पंचायतों में पिछड़ा वर्ग के लिए 22 पद और पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 11 पद आरक्षित हुए हैं। इसके अलावा खुले वर्ग के 47 पद और खुले महिला वर्ग के लिए 23 पद निर्धारित किए गए हैं।

3. मोहाड़ी तहसील

मोहाड़ी में कुल 75 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यहां पिछड़ा वर्ग के 20 और नामाप्र महिला के 10 पद तय किए गए हैं। खुले वर्ग के कुल 43 पदों में से 22 पद महिलाओं के नाम आरक्षित किए गए हैं।

4. पवनी तहसील

पवनी की 79 ग्राम पंचायतों में पिछड़ा वर्ग के 16 और पिछड़ा वर्ग महिला के 8 पद हैं। खुले वर्ग के 40 पदों में से 20 पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं।

5. साकोली तहसील

साकोली तहसील की 62 ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक पिछड़ा वर्ग के 13 और पिछड़ा वर्ग महिला के 7 पद निर्धारित किए गए हैं।

चुनावी सरगर्मी तेज, उम्मीदवारों ने जोड़ी जुगतजैसे ही सरपंच पदों की यह संशोधित आरक्षण सूची सार्वजनिक हुई है, वैसे ही ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है। जिन गांवों में लंबे समय से लोग अपनी दावेदारी ठोकने की फिराक में थे, वे अब नए समीकरणों के हिसाब से अपनी गोटी बिठाने लगे हैं। कई सीटों पर समीकरण बदलने से पुराने दावेदारों के समीकरण गड़बड़ाए हैं, तो वहीं नए चेहरों के लिए उम्मीद के नए दरवाजे खुल गए हैं।

नागरिकों और उम्मीदवारों के लिए जिला प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में सभी संबंधित ग्राम पंचायतों और आम नागरिकों से यह अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक अधिसूचना (Official Notification) का ही रुख करें। लोग अपने-अपने गांव और क्षेत्र के आरक्षण की वास्तविक स्थिति की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों से कर सकते हैं ताकि चुनाव के वक्त किसी भी तरह की कागजी या तथ्यात्मक भूल से बचा जा सके।

आगामी समय में जैसे-जैसे चुनाव की तारीखों की घोषणा की दिशा में कदम बढ़ेंगे, वैसे-वैसे गांवों की राजनीति में चौपालों का दौर और तेज होने की पूरी उम्मीद है।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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