धनबाद नगर निगम ने कोलाकुसमा में बनने वाले स्थाई डॉग शेल्टर होम और बर्थ कंट्रोल सेंटर का टेंडर फाइनल कर दिया है। 50 केनेल बनाए जाएंगे।
धनबाद में आवारा कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने और उनकी उचित देखभाल के लिए नगर निगम की ओर से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहर के आवारा और आक्रामक कुत्तों के वास्ते स्थाई डॉग शेल्टर होम तथा बर्थ कंट्रोल सेंटर के निर्माण के लिए जारी की गई निविदा (टेंडर) अब पूरी तरह से फाइनल हो चुकी है। सभी जरूरी कागजी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर शुरू किया जाएगा।
दूसरी बार में पूरी हुई टेंडर प्रक्रिया
धनबाद नगर निगम द्वारा इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए दूसरी बार निविदा आमंत्रित की गई थी। इससे पहले गत 20 अगस्त को टेंडर निकाला गया था, जिसकी अंतिम तिथि नौ सितंबर निर्धारित की गई थी। उस दौरान किसी भी ठेकेदार या एजेंसी की ओर से टेंडर में भाग नहीं लिया गया, जिसके चलते नगर निगम को नियमानुसार दूसरी बार टेंडर प्रक्रिया अपनानी पड़ी। दूसरी बार की प्रक्रिया सफल होने के बाद अब निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
कोलाकुसमा में 2.14 करोड़ की लागत से बनेगा सेंटर
नगर निगम द्वारा शहर के कोलाकुसमा इलाके में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर सह स्थाई डॉग शेल्टर होम का निर्माण कराया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 2.14 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। स्वीकृत योजना के तहत इस आधुनिक परिसर में कुल 50 केनेल (पिंजरे और आश्रय स्थल) बनाए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट और नगर विकास विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुपालन में इस सेंटर का निर्माण बेहद आवश्यक माना जा रहा है ताकि आक्रामक व आवारा कुत्तों को सुरक्षित रखा जा सके।
उपचार और एंटी-रेबीज टीकाकरण की होगी व्यवस्था
प्रस्तावित शेल्टर होम में उन स्ट्रीट डॉग्स को मुख्य रूप से रखा जाएगा जो शहर में खतरनाक रूप ले चुके हैं या आक्रामक हो गए हैं। इस आश्रय स्थल में कुत्तों के उपचार और उनकी नियमित देखभाल के लिए सभी समुचित इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे। इसके अलावा आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण का कार्य भी तेजी से किया जाएगा, जिससे शहर में लगातार बढ़ रही डॉग बाइट की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
वर्तमान में क्या है स्थिति?
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, धनबाद के शहरी क्षेत्र में मौजूदा समय में लगभग 67 हजार आवारा कुत्ते हैं। इनमें से अब तक 23,500 कुत्तों का बंध्याकरण कराया जा चुका है। वर्तमान में आवारा कुत्तों के बर्थ कंट्रोल का जिम्मा एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) को सौंपा गया है। इस एनजीओ द्वारा तेतुलमारी के समीप एक अस्थाई सेंटर संचालित किया जा रहा है, जहां कुत्तों का बंध्याकरण किया जाता है और एनजीओ को इसके एवज में प्रति कुत्ते के हिसाब से भुगतान किया जाता है।
डॉग शेल्टर होम का टेंडर फाइनल हो गया है। जल्द ही निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। शेल्टर होम में नगर निगम की ओर से शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रण, डाग बाइट की घटनाओं में कमी तथा रेबीज उन्मूलन के उद्देश्य से एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा। - आशीष गंगवार, नगर आयुक्त