महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई और आसपास के इलाकों के मथाडी मजदूरों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट शब्दों में यह ऐलान किया है कि ऐतिहासिक मथाडी एक्ट (Mathadi Act) को किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं किया जाएगा। यह कानून मजदूरों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है और सरकार इसे न केवल बरकरार रखेगी, बल्कि इसे और अधिक प्रभावी बनाएगी।
यह महत्वपूर्ण घोषणा मुख्यमंत्री ने वाशी स्थित एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स मार्केट कमेटी (APMC) में आयोजित एक विशाल मजदूर महासम्मेलन के दौरान की। यह आयोजन मथाडी आंदोलन के महान संस्थापक स्वर्गीय विधायक अन्नासाहेब पाटिल की 93वीं जयंती के अवसर पर रखा गया था। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अन्नासाहेब पाटिल के संघर्ष को किया याद
कार्यक्रम की शुरुआत में छत्रपति शिवाजी महाराज, भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और स्वर्गीय अन्नासाहेब पाटिल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'अंत्योदय' के विचार को जमीन पर उतारने का काम अन्नासाहेब पाटिल ने किया था।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से अपनी रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई आए असंगठित और मेहनतकश मजदूरों को संगठित करने का कठिन कार्य अन्नासाहेब पाटिल ने किया था। उन्हीं के संघर्ष और त्याग का परिणाम है कि आज मथाडी मजदूर समाज में सम्मानजनक स्थान पर जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
फर्जी गैंग और अवैध प्रवृत्तियों पर कसेगा शिकंजा
मजदूरों के बीच फैलाई जा रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं कि यह कानून खत्म हो जाएगा, जो कि पूरी तरह निराधार है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी गहरी चिंता जताई कि इस पवित्र मजदूर आंदोलन के नाम पर कुछ अवैध गिरोह (फर्जी गैंग) सक्रिय हो गए हैं जो भोले-भाले मजदूरों का शोषण कर रहे हैं और उन्हें नुकसान पहुंचा रहे हैं।
इन गैर-कानूनी प्रवृत्तियों को नेस्तनाबूद करने के लिए सरकार जल्द ही मजदूर नेताओं और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय (High-Level) बैठक आयोजित करेगी। इसके तहत कड़े कदम उठाए जाएंगे ताकि असली मजदूरों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जा सके। इसके अलावा, 50 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाले बोरियों के नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए मार्केटिंग मंत्री जयकुमार रावल और श्रम विभाग के प्रयासों की भी सराहना की गई।
वडाला में मथाडी मजदूरों के लिए पक्के घरों का तोहफा
मजदूरों के कल्याण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वडाला में अटके पड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट की सभी बाधाओं को दूर कर लिया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी एफएसआई (FSI) और अनुमतियां प्रदान कर दी गई हैं।
- प्रमुख घोषणाएं:
- वडाला हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत लगभग 2,850 से 3,000 मथाडी मजदूरों को आधुनिक और पक्के घर दिए जाएंगे।
- भविष्य में भी मजदूरों के लिए ऐसे और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाएगा।
- राज्य के सभी 36 मथाडी बोर्ड्स को मजबूत और पुनर्गठित किया जा रहा है।
- बोर्ड के कामकाज में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक स्वतंत्र पैनल (Independent Panel) से ऑडिट कराया जाएगा।
- मजदूरों के वेतन, पीएफ (PF), ग्रेच्युटी, बोनस, घर का किराया और दुर्घटना मुआवजा जैसे सभी लंबित मामलों का तुरंत निपटारा किया जाएगा।
वाशी APMC मार्केट का होगा वर्ल्ड-क्लास पुनर्विकास
वाशी के एपीएमसी मार्केट यार्ड को लेकर मुख्यमंत्री ने अगले 50 सालों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक क्रांतिकारी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आज से 50 साल पहले जब इस मार्केट की स्थापना हुई थी, तब यह एशिया का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र था।
समय के साथ बदलते बिजनेस पैटर्न, तकनीक और बढ़ते हुए टर्नओवर को देखते हुए अब वाशी मार्केट को अंतरराष्ट्रीय (International Standards) स्तर के अनुरूप फिर से विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से जमीन के ऊपर और नीचे (Underground and Overground) सभी आवश्यक एफएसआई और सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इस आधुनिकीकरण से न सिर्फ व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मथाडी मजदूरों के लिए रोजगार के अधिक टिकाऊ और सुरक्षित अवसर भी पैदा होंगे।
इस अवसर पर मंच पर वन मंत्री गणेश नाईक, विपणन व पर्यटन मंत्री जयकुमार रावल, अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक पिछड़ा विकास महामंडल के अध्यक्ष नरेंद्र पाटिल, विधायक शशिकांत शिंदे, विधायक मंदाताई म्हात्रे, विधायक निरंजन डावखरे, विधायक मनोज जमसुतकर, नवी मुंबई की महापौर श्रीमती सुजाता पाटिल, डॉ. प्राची पाटिल, पूर्व सांसद संजीव नाईक, संदीप नाईक और विजय सावंत सहित भारी संख्या में मथाडी मजदूर और गणमान्य लोग मौजूद रहे।