महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव के लिए प्रचार का शोर बुधवार शाम को थम गया। राज्य के इन पांच निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे के बीच मतदान कराया जाएगा, जिसके बाद 27 अक्टूबर को मतों की गिनती की जाएगी। इन चुनावों में सत्ताधारी महायुती और विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) दोनों गठबंधनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
निर्वाचन आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इन पांच सीटों के चुनावी मैदान में कुल 182 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राज्यभर में बनाए गए 2,419 मतदान केंद्रों पर कुल 10,68,072 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और इन उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। वर्तमान में इन सीटों पर काबिज विधान पार्षदों (MLC) का कार्यकाल आगामी 6 दिसंबर को पूरा हो रहा है, जिसके चलते यह चुनाव हो रहा है।
पुणे और नागपुर सीटों का मुख्य सियासी समीकरण
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 61,940 मतदाता पंजीकृत हैं। इस सीट पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी समर्थित महायुती उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे और कांग्रेस समर्थित MVA के निवर्तमान एमएलसी जयंत आसगांवकर के बीच माना जा रहा है। इसके अलावा, शिवसेना के सचिन सानप और निर्दलीय उम्मीदवार दत्तात्रय सावंत भी मैदान में डटे हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक चुनावी सभा में दावा किया है कि यदि कौस्तुभ गावडे यह चुनाव जीत जाते हैं, तो वे इस निर्वाचन क्षेत्र के इतिहास में सबसे कम उम्र के विधान पार्षद बनेंगे। वहीं, पुणे पदवीधर (स्नातक) निर्वाचन क्षेत्र में 3,88,000 मतदाता हैं, जहां भाजपा की स्मिता जाधव का मुकाबला एनसीपी (शरद चंद्र पवार) की हर्षदा देशमुख-जाधव और शिवसेना (यूबीटी) के सुनील मोदी से है।
विदर्भ के राजनीतिक केंद्र नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 2,58,637 मतदाता हैं। यहां भाजपा के सुधाकर कोहले की सीधी टक्कर कांग्रेस के निवर्तमान एमएलसी अभिजीत वंजारी से हो रही है, जिन्होंने पिछले चुनाव में जीत हासिल की थी। इस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के लिए नितेश कराले भी एक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में डटे हुए हैं, जिससे कांग्रेस और भाजपा दोनों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर का चुनावी हाल
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 35,810 मतदाता हैं, जहां मुकाबला सबसे पेचीदा नजर आ रहा है। इस सीट पर कांग्रेस की अदिती पोहरे, शिवसेना (यूबीटी) के दत्तात्रय लहाने, शिवसेना के निवर्तमान सदस्य किरण सरनाईक और विदर्भ माध्यमिक शिक्षक संघ के दिलीप कडू मुख्य रूप से आमने-सामने हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना के बागी पूर्व विधायक श्रीकांत देशपांडे और भाजपा के कुछ बागी नेताओं की मौजूदगी ने दोनों प्रमुख गठबंधनों के पारंपरिक समीकरणों को उलझा दिया है।
दूसरी ओर, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर कुल 3,26,701 मतदाता हैं। इस महत्वपूर्ण सीट पर एनसीपी के निवर्तमान एमएलसी सतीश चव्हाण, शिवसेना (यूबीटी) के दिलीप घुगे और एनसीपी (शरद चंद्र पवार) के प्रतापसिंह पाटिल के बीच त्रिकोणीय संघर्ष देखा जा रहा है। इन सभी सीटों पर प्रमुख दलों के अधिकृत उम्मीदवारों के अलावा कई बागी और निर्दलीय प्रत्याशी भी ताल ठोक रहे हैं, जो दोनों गठबंधनों के वोटों में सेंध लगा सकते हैं। अब सबकी निगाहें 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान और 27 अक्टूबर को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।