बिहार की राजधानी पटना से सटे नौबतपुर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस ने एक गेस्ट हाउस पर अचानक दबिश दी। पुलिस की इस कार्रवाई में एक नाबालिग किशोरी, सात युवतियों और नौ युवकों समेत कुल 17 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस सनसनीखेज कार्रवाई के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गेस्ट हाउस की आड़ में किस तरह का अवैध नेटवर्क चलाया जा रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, स्थानीय पुलिस को पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नौबतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिहटा-सरमेरा पथ पर स्थित इस गेस्ट हाउस में संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इन शिकायतों को बेहद गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने एक विशेष टीम का गठन किया। मंगलवार को योजनाबद्ध तरीके से पुलिस ने जब गेस्ट हाउस पर अचानक छापा मारा, तो वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग तो पुलिस को देखते ही कमरों के अंदर छिपने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी रास्तों को घेर लिया और अंदर दाखिल हो गई।
अलग-अलग कमरों की ली गई सघन तलाशी
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने गेस्ट हाउस के एक-एक कमरे की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान कमरों में मौजूद युवक-युवतियों से जब पूछताछ की गई, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां मौजूद सभी लोगों को अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पकड़े गए लोगों में एक नाबालिग किशोरी, सात युवतियां और नौ युवक शामिल हैं। इसके अलावा, गेस्ट हाउस का मुख्य संचालक और उसका मैनेजर भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं, जिनसे थाने में लाकर लगातार पूछताछ की जा रही है।
विभिन्न इलाकों की रहने वाली हैं युवतियां
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हिरासत में ली गई युवतियां नौबतपुर के अलावा बिक्रम, पालीगंज और दुल्हिनबाजार जैसे आसपास के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की रहने वाली हैं। हालांकि, कानूनी और सामाजिक मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अभी तक इनमें से किसी भी युवती की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। विशेष रूप से, नाबालिग किशोरी से जुड़े मामलों में पोक्सो अधिनियम और अन्य कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए उसकी पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया है। एसडीपीओ-2 उमेश्वर चौधरी ने मीडिया को जानकारी दी है कि नाबालिग किशोरी का नियमानुसार मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
मोबाइल फोन और आपत्तिजनक सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को गेस्ट हाउस के कमरों से कई मोबाइल फोन और कुछ आपत्तिजनक सामग्रियां भी बरामद हुई हैं। पुलिस ने इन सभी वस्तुओं को तुरंत जब्त कर लिया है और फॉरेंसिक तथा तकनीकी जांच के दायरे में ले लिया है। जब्त किए गए मोबाइल फोन्स की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और चैट हिस्ट्री को खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन मोबाइल नंबरों पर किन बाहरी लोगों के लगातार संपर्क थे और क्या इस रैकेट में कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
संचालक और मैनेजर की भूमिका जांच के घेरे में
इस पूरी घटना के बाद गेस्ट हाउस के मालिक, संचालक और मैनेजर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस यह खंगाल रही है कि क्या बिना किसी वैध आईडी प्रूफ या पहचान पत्र के लोगों को कमरे किराए पर दिए जा रहे थे। होटल और गेस्ट हाउस संचालन के नियमों के मुताबिक, हर आने-जाने वाले आगंतुक का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज होना अनिवार्य होता है। पुलिस अब गेस्ट हाउस के एंट्री रजिस्टर, बुकिंग रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लेने की तैयारी कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि यह संदिग्ध गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी के बाद पटना के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से संचालित होने वाले होटलों, लॉज और गेस्ट हाउस के संचालकों के बीच हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के ठिकानों पर लंबे समय से गैरकानूनी गतिविधियां फल-फूल रही थीं, जिन पर समय रहते सख्त लगाम लगाने की जरूरत थी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की यह कार्रवाई आगे भी अन्य संदिग्ध ठिकानों पर जारी रहने की संभावना है ताकि अपराध और अनैतिक गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।