Breaking
► बरेली की रश्मि छाबड़ा ने घटाया 95 किलो वजन, जीता 'मिस एशिया' और 'मिस इंडिया' का खिताब ► धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला ► अमेरिका के ऑरोरा में हिंदू मंदिर पर हमले की कोशिश नाकाम, आरोपी गिरफ्तार ► संभाजीनगर में सरकारी जमीन बेचने वालों पर होगी FIR, सातबारा रिकॉर्ड की जांच ► सुलतानपुर: सड़क किनारे खड़ा ट्रक गायब, अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज ► परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर पंजाब बंद: मानसा से मोहाली तक प्रदर्शन और चक्का जाम ► वाराणसी में चाइनीज मांझे से अधिवक्ता का गला कटा, बाल-बाल बची जान ► प्रथम विश्व युद्ध की मशहूर डांसर माता हारी, जिन्हें जासूसी के आरोप में दी गई थी फांसी ► अंकिता भंडारी के माता-पिता इंडिया गेट से रिहा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग ► भोजपुर में बदलेगी पुलिस की कमान, मनीष कुमार सिन्हा संभालेंगे एसपी का प्रभार ► बरेली की रश्मि छाबड़ा ने घटाया 95 किलो वजन, जीता 'मिस एशिया' और 'मिस इंडिया' का खिताब ► धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला ► अमेरिका के ऑरोरा में हिंदू मंदिर पर हमले की कोशिश नाकाम, आरोपी गिरफ्तार ► संभाजीनगर में सरकारी जमीन बेचने वालों पर होगी FIR, सातबारा रिकॉर्ड की जांच ► सुलतानपुर: सड़क किनारे खड़ा ट्रक गायब, अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज ► परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर पंजाब बंद: मानसा से मोहाली तक प्रदर्शन और चक्का जाम ► वाराणसी में चाइनीज मांझे से अधिवक्ता का गला कटा, बाल-बाल बची जान ► प्रथम विश्व युद्ध की मशहूर डांसर माता हारी, जिन्हें जासूसी के आरोप में दी गई थी फांसी ► अंकिता भंडारी के माता-पिता इंडिया गेट से रिहा, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग ► भोजपुर में बदलेगी पुलिस की कमान, मनीष कुमार सिन्हा संभालेंगे एसपी का प्रभार

चंडीगढ़ का यह सरकारी स्कूल बना सुपर स्मार्ट, वाटरफॉल और स्मार्ट पैनल देख चौंक जाएंगे

चंडीगढ़ का यह सरकारी स्कूल बना सुपर स्मार्ट, वाटरफॉल और स्मार्ट पैनल देख चौंक जाएंगे

शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की बयार अब सरकारी स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह से बदल रही है। पारंपरिक ब्लैकबोर्ड, चाक और डस्टर की जगह अब डिजिटल स्मार्ट पैनल और अत्याधुनिक लैब्स ने ले ली है। कुछ ऐसा ही अद्भुत कायापलट देखने को मिल रहा है केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत अपग्रेड हुए एक खास सरकारी स्कूल में, जिसने आधुनिक सुविधाओं के मामले में बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूलों को भी पीछे छोड़ दिया है।

गेट पर वाटरफॉल और दीवारों पर खूबसूरत कलाकारी

जब आप इस विद्यालय के मुख्य द्वार पर कदम रखेंगे, तो पारंपरिक स्कूल जैसी कोई भी बात आपको नजर नहीं आएगी। गेट पर प्रवेश करते ही कल-कल बहता एक सुंदर वाटरफॉल आपका स्वागत करता है, जिसे देखकर मन प्रफुल्लित हो उठता है। स्कूल परिसर के भीतर कदम बढ़ाते ही दीवारों पर उकेरे गए शानदार म्यूरल्स और हरियाली एक अलग ही सकारात्मक ऊर्जा का अहसास कराते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि स्कूल के शिक्षकों और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों ने मिलकर इस वाटरफॉल और अन्य रचनात्मक प्रोजेक्ट्स को खुद डिजाइन किया है। फाइन आर्ट्स के शिक्षकों ने अपनी कला का परिचय देते हुए न केवल स्कूल की दीवारों को सीलन से बचाया, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान देने का एक अनूठा माध्यम भी तैयार किया। इन दीवारों पर बने म्यूरल्स का रंग समय के साथ छात्र खुद बदलते हैं, जिससे उनमें कला के प्रति रुचि पैदा हो रही है। इस प्रैक्टिकल लर्निंग का नतीजा यह है कि यहां के कई छात्र आज फाइन आर्ट्स में अपना भविष्य संवार रहे हैं।स्मार्ट पैनल और अटल टिंकरिंग लैब से हो रही पढ़ाई

बदलते दौर के साथ इस स्कूल में पढ़ाई के तरीकों में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। अब छात्र किताबों और कॉपियों के बोझ के साथ-साथ भारी-भरकम बस्तों से दूर क्लासरूम में लगे हाईटेक स्मार्ट पैनल्स के जरिए पढ़ाई कर रहे हैं। इंटरनेट से जुड़े ये स्मार्ट पैनल और डिजिटल बोर्ड पढ़ाई को बेहद रोचक और इंटरएक्टिव बना रहे हैं।

विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में बच्चों की नींव मजबूत करने के लिए स्कूल में 'अटल टिंकरिंग लैब' स्थापित की गई है। इसके माध्यम से छात्र केवल किताबों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खुद अपने हाथों से प्रोजेक्ट्स बनाकर प्रैक्टिकल नॉलेज हासिल करते हैं। बाल वाटिका के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए भी खेल-खेल में पढ़ाई करने की खास और आधुनिक व्यवस्था की गई है, जिससे बच्चों पर शिक्षा का कोई मानसिक दबाव नहीं पड़ता।

ईमानदारी का अनूठा पाठ पढ़ाती 'होनेस्टी शॉप'

किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास करना किसी भी शिक्षण संस्थान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसी उद्देश्य के साथ इस विद्यालय में साल 2018 से एक खास दुकान संचालित की जा रही है, जिसे 'होनेस्टी शॉप' (ईमानदारी की दुकान) कहा जाता है।

इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां कोई दुकानदार या विक्रेता मौजूद नहीं होता। छात्रों को जब भी अपनी जरूरत की स्टेशनरी या अन्य सामान की आवश्यकता होती है, वे खुद दुकान से सामान उठाते हैं, उसकी तय कीमत का भुगतान करते हैं और खुद ही हिसाब-किताब करते हैं। यह अनोखी पहल बच्चों को व्यावहारिक दुनियादारी सिखाने के साथ-साथ उनके भीतर ईमानदारी और जिम्मेदारी के बीज बो रही है।

खेलकूद के मैदान में भी लहरा रहा परचम

पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक विकास पर भी इस स्कूल में पूरा जोर दिया जा रहा है। हाल ही में स्कूल परिसर में एक बेहतरीन फुटबॉल ग्राउंड तैयार किया गया है। खेलकूद की आधुनिक सुविधाएं मिलने के बाद यहां के छात्र राज्य स्तरीय स्कूल प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और अपने विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं।

प्रिंसिपल और शिक्षकों की मेहनत ला रही रंग

डबल शिफ्ट में चलने वाले इस विशाल विद्यालय में बाल वाटिका से लेकर 12वीं कक्षा तक करीब तीन हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल की प्रिंसिपल जगमोहन कौर का कहना है कि केंद्र सरकार की इस विशेष ग्रांट मिलने के बाद से शिक्षकों की टीम बच्चों को बेहतरीन और वर्ल्ड-क्लास अनुभव देने के लिए लगातार नए प्रयास कर रही है। अधिकांश प्रोजेक्ट्स को शिक्षकों ने खुद अपनी देखरेख में डिजाइन और पूरा किया है। आने वाले समय में बच्चों की जरूरतों और ग्रांट के हिसाब से स्कूल में कई और नए प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे, जो सरकारी शिक्षा प्रणाली की एक नई मिसाल पेश करेंगे।

About the Author

रोली सिंह

रोली सिंह

Writer

रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →