बॉलीवुड में अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाली अभिनेत्री राधिका मदान इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपने फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर भी काफी चर्चा में हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां लोग तरह-तरह के फैंसी डाइट प्लान और जिम के सख्त रूटीन के पीछे भागते हैं, वहीं राधिका का मानना है कि सेहतमंद रहने के लिए घर का बना सादा खाना ही सबसे बड़ा हथियार है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी खानपान की आदतों और जीवनशैली में हुए उन बदलावों से पर्दा उठाया, जिन्होंने उनकी फिटनेस को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है।
घर के खाने पर पूरा भरोसा
तीस साल की हो चुकीं राधिका मदान का मानना है कि अगर आप घर का बना शुद्ध और पौष्टिक खाना खाते हैं, तो आपको कैलोरी गिनने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने खुलकर बात करते हुए कहा कि वह किसी भी तरह के स्ट्रिक्ट डाइट प्लान को फॉलो नहीं करती हैं। उनका मानना है कि आप भरपेट खा सकते हैं बशर्ते वह खाना प्राकृतिक और घर का बना हो। राधिका के अनुसार, जब डाइट सिंपल होती है, तो शरीर को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है और वजन भी नियंत्रण में रहता है।
आज के समय में जहां लोग वजन घटाने के चक्कर में भूखे रहने की गलती करते हैं, वहीं राधिका का यह अप्रोच काफी अलग और प्रेरणादायक है। वह मानती हैं कि अनगिनत पाबंदियों के साथ जीने से बेहतर है कि आप अपनी भूख के अनुसार सही समय पर और सही भोजन लें।
जीवनशैली में किए गए बड़े बदलाव
अपने खानपान को और अधिक संतुलित बनाने के लिए राधिका ने अपनी डेली रुटीन में कुछ बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी डाइट से कुछ ऐसी चीजों को पूरी तरह से बाहर कर दिया है, जिन्हें आमतौर पर अनहेल्दी माना जाता है।
- चीनी (Sugar): राधिका ने अपनी डाइट से चीनी का सेवन बिल्कुल बंद कर दिया है।
- दूध (Milk): उन्होंने डेयरी प्रोडक्ट्स में से दूध को अपनी डाइट से हटा दिया है।
- गेहूं (Wheat): इसके साथ ही वह गेहूं का सेवन भी बहुत ही कम मात्रा में करती हैं।
इन बदलावों ने उनकी ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने और उन्हें अंदर से हल्का महसूस कराने में मदद की है। हालांकि, राधिका का यह व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन क्या हर किसी को ऐसा करना चाहिए? आइए इस पर डॉक्टरों और विशेषज्ञों की राय जानते हैं।
एक्सपर्ट्स की राय: क्या वाकई छोड़ देनी चाहिए ये चीजें?
जब हमने इस मामले पर ठाणे के केआईएमएस हॉस्पिटल्स के कंसलटेंट इन इंटरनल मेडिसिन, डॉ. अनिकेट मुले से बात की, तो उन्होंने इस पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. मुले का कहना है कि डाइट से अतिरिक्त चीनी (Added Sugar) को कम करना या हटाना हमेशा एक बेहतरीन कदम होता है। बहुत अधिक चीनी का सेवन वजन बढ़ाने, सुस्ती और भविष्य में कई गंभीर चयापचय (metabolic) समस्याओं का कारण बन सकता है।
हालांकि, जहां तक दूध और गेहूं जैसी चीजों को हटाने का सवाल है, तो यह हर व्यक्ति के शरीर के हिसाब से अलग हो सकता है। डॉ. मुले बताते हैं, "कुछ लोगों को लैक्टोज इंटॉलरेंस या ग्लूटेन सेंसिटिविटी होती है, ऐसे लोगों को इन चीजों को छोड़ने पर शरीर में हल्कापन महसूस होता है और ब्लोटिंग की समस्या कम होती है। लेकिन हर किसी के लिए यह जरूरी नहीं है। कई लोगों के शरीर के लिए दूध और गेहूं जरूरी पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, प्रोटीन और फाइबर का मुख्य स्रोत होते हैं।"
पोषण की कमी का खतरा
डॉक्टर अनिकेट मुले ने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति को बिना सोचे-समझे अपनी डाइट से पूरे फूड ग्रुप को बाहर नहीं करना चाहिए। यदि आप कोई चीज छोड़ रहे हैं, तो उसके विकल्प के रूप में दूसरे पोषक तत्वों को शामिल करना बेहद जरूरी है।
उदाहरण के तौर पर, यदि आप दूध पीना बंद कर रहे हैं, तो आपको कैल्शियम के दूसरे स्रोतों को अपनी डाइट में जगह देनी होगी। इसी तरह, यदि आप गेहूं कम कर रहे हैं, तो अन्य होल ग्रेन (साबुत अनाज) को शामिल करना न भूलें, वरना शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। जो लोग यह दावा करते हैं कि वे इन्हें छोड़ने के बाद अधिक एनर्जेटिक महसूस कर रहे हैं, उसके पीछे मुख्य वजह यह होती है कि वे प्रोसेस्ड फूड्स से दूरी बना रहे हैं और ज्यादा हेल्दी खाना खा रहे हैं।
संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह
डॉ. मुले का सुझाव है कि किसी भी सेलिब्रिटी या ट्रेंड को आंख बंद करके कॉपी करने से बचना चाहिए। हर इंसान का शरीर अलग होता है और उसकी जरूरतें भी जुदा होती हैं। जो डाइट राधिका मदान के लिए काम कर रही है, जरूरी नहीं कि वह आपके शरीर पर भी वैसा ही असर दिखाए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हमेशा एक क्रमिक (gradual) तरीका अपनाना चाहिए। अपने शरीर की प्रतिक्रिया को समझें, छोटे-छोटे बदलाव करें और सुनिश्चित करें कि आपकी थाली में संतुलित पोषण बना रहे। अंतिम लक्ष्य किसी चीज को पूरी तरह से बैन करना नहीं, बल्कि ऐसी जीवनशैली चुनना है जो लंबे समय तक आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखे।
अस्वीकरण: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों के साथ बातचीत पर आधारित है। किसी भी नए डाइट प्लान या फिटनेस रुटीन को अपने जीवन में अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।