छत्रपति संभाजीनगर में हाल ही में हुई एक सनसनीखेज घटना के बाद शहर की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन ने बेहद कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जकात नाका से रोशनगेट रोड स्थित मदनी चौक इलाके में 32 वर्षीय फरेस बिन अब्दुल अजिज अलकसेरी की हत्या के मामले ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य हत्याकांड के सामने आने के बाद छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका (NMC) प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और शहर की साफ-सफाई व्यवस्था से जुड़े निजी ठेकों व कर्मचारियों पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है।
कचरा संकलन कर्मचारियों के लिए नए और सख्त नियम
मदनी चौक पर हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के तुरंत बाद महानगरपालिका के घनकचरा विभाग ने एक्शन मोड में आते हुए शहर में कचरा संकलन (Garbage Collection) का काम देख रही निजी एजेंसी के खिलाफ बड़ा निर्देश जारी किया है। मनपा की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अब शहर में तैनात होने वाले हर एक सफाई कर्मी और वाहन चालक की पृष्ठभूमि की बारीकी से जांच की जाएगी।
महानगरपालिका के घनकचरा विभाग के उपायुक्त नंदकिशोर भोंबे ने अधिकृत रूप से 'वेस्टर्न इमॅजिनरी कंपनी' को निर्देश जारी कर दिए हैं। इन नए आदेशों के तहत कंपनी के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वह अपने सभी कर्मचारियों के वैद्यकीय प्रमाणपत्र (Medical Certificates) और पुलिस सत्यापन प्रमाणपत्र (Police Verification Certificates) आगामी एक महीने के भीतर मनपा कार्यालय में जमा करे। तय समय सीमा के भीतर यह औपचारिकता पूरी न करने वाली एजेंसियों पर भारी जुर्माने या प्रशासनिक कार्रवाई गाज गिर सकती है।
किन-किन कर्मचारियों पर लागू होगा यह आदेश?
प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम के दायरे में कचरा संग्रहण से जुड़ा हर छोटा-बड़ा कर्मचारी आएगा। कंपनी की ओर से शहरभर में साफ-सफाई और कचरा उठाने के लिए अलग-अलग पदों पर भारी संख्या में लोगों को नियुक्त किया गया है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- मैनेजर (Managers)
- सुपरवाइजर (Supervisors)
- वाहन चालक (Drivers)
- हेल्पर (Helpers)
- जनजागृति कर्मचारी (Awareness Workers)
इन सभी श्रेणियों में काम करने वाले कर्मचारियों को अब अपनी नौकरी सुरक्षित रखने और वैधानिक रूप से काम करने के लिए अपना चरित्र प्रमाण पत्र (Police Verification) और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से जमा कराना ही होगा।
सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सख्ती
संभाजीनगर मनपा द्वारा उठाया गया यह कदम केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा शहर की यातायात सुरक्षा और नागरिकों की शांति तक फैला हुआ है। शहर में कचरा उठाने के लिए निजी कंपनी के लगभग 550 वाहन अलग-अलग रूटों पर दौड़ते हैं और इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए करीब 2100 कर्मचारी दिन-रात कार्यरत हैं। इतनी बड़ी संख्या में मानव संसाधन के होने के कारण उनकी सुरक्षा-पड़ताल और बैकग्राउंड चेक करना स्थानीय प्रशासन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है।
वाहन चालकों के लिए स्पीड लॉक प्रणाली अनिवार्य
कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन के साथ-साथ महानगरपालिका ने कचरा संकलन करने वाले वाहनों की रफ़्तार पर भी लगाम कसने का फैसला किया है। अक्सर ऐसी शिकायतें मिलती रही हैं कि तेज रफ्तार घंटागाड़ियों के कारण सड़कों पर राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को असुविधा या खतरे का सामना करना पड़ता है।
इसे ध्यान में रखते हुए मनपा ने निर्देश दिए हैं कि घंटागाड़ियों समेत कंपनी के सभी वाहनों में 'स्पीड लॉक प्रणाली' (Speed Lock System) लागू की जाए। चालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे तय गति सीमा के भीतर ही वाहन चलाएं। यदि कोई भी चालक तेज गति से गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो संबंधित कर्मचारी और वाहन मालिक के खिलाफ तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिंगल की आवाज पर भी रहेगी पैनी नजर
शहरवासियों को कचरा गाड़ी आने की सूचना देने और घनकचरे के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए इन गाड़ियों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से जिंगल बजाई जाती है। हालांकि, कई बार इसकी आवाज़ इतनी तेज होती है कि आसपास के नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) की समस्या से जूझना पड़ता है।
मनपा ने इस मामले का भी संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि कचरा गाड़ियों पर बजने वाली जिंगल की आवाज निर्धारित डेसीबल सीमा से अधिक बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। कंपनी को यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं कि ध्वनि प्रदूषण से आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मदनी चौक की घटना से जागा प्रशासन
गौरतलब है कि दो दिन पहले मदनी चौक इलाके में 32 वर्षीय फरेस बिन अब्दुल अजिज अलकसेरी की हत्या की वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी। इसी पृष्ठभूमि में महानगरपालिका ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और शहर में काम करने वाले बाहरी या अनुबंधित कर्मचारियों की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने का निर्णय लिया है।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह के नियमों से न केवल अपराधियों पर लगाम लगेगी, बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। आने वाले दिनों में मनपा की यह टीमें औचक निरीक्षण भी कर सकती हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी निर्देशरूपी नियमों का पालन पूरी सख्ती के साथ हो रहा है या नहीं।
