अक्टूबर की गुनगुनी धूप और शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान की ठंडी हवा के बीच शुक्रवार को पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के रंग में रंगा नजर आया। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने शिमला के प्रख्यात रिज मैदान पर पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपनी आत्मीय श्रद्धांजलि अर्पित की। इस पावन अवसर पर उन्होंने न केवल बापू के कृतित्व और व्यक्तित्व को याद किया, बल्कि वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता पर भी गहरा प्रकाश डाला।
सत्याग्रह और संघर्ष की ताकत को किया याद
मीडियाकर्मियों के साथ एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने भावुक और प्रेरणादायक लहजे में कहा कि महात्मा गांधी ने अपने जीवनभर के संघर्ष और सत्याग्रह की अद्वितीय शक्ति के बल पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी थी। उनका योगदान भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। राज्यपाल ने आगे कहा कि बापू ने अपना पूरा जीवन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा और राष्ट्रोत्थान के लिए समर्पित कर दिया था।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महात्मा गांधी ही वह शख्सियत थे जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान समाज के बिखरे हुए विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में पिरोया और एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण की नींव रखी। उनका यह सामूहिक प्रयास आज भी हमें एकजुटता का पाठ पढ़ाता है। राज्यपाल ने कहा, "महात्मा गांधी हमारे लिए केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे हमारे लिए एक जीवंत आदर्श, असीम प्रेरणा के स्रोत और हर परिस्थिति में सही राह दिखाने वाले मार्गदर्शक हैं। उनकी शिक्षाएं आज के इस आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं और हमें निरंतर बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।"
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया नमन
इस अवसर पर राज्यपाल ने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति देने वाले तमाम स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह इन्हीं महान सपूतों के सर्वोच्च बलिदान और त्याग का परिणाम है। राष्ट्र को हमेशा इनके साहस और समर्पण के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए तथा इनकी जीवनगाथा से प्रेरणा लेकर देशहित में कार्य करना चाहिए।
सूचना विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन और स्वच्छता कर्मियों का सम्मान
श्रद्धांजलि अर्पण के बाद, राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने रिज मैदान पर ही सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा विशेष रूप से लगाई गई प्रदर्शनी का दौरा किया। इस प्रदर्शनी में महात्मा गांधी के जीवन, उनके संघर्षों और स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न पड़ावों को चित्रों तथा दस्तावेजों के माध्यम से बहुत ही खूबसूरती से दर्शाया गया था। राज्यपाल ने प्रदर्शनी की काफी सराहना की।
कार्यक्रम के अगले चरण में, मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए राज्यपाल ने स्वच्छता कर्मियों की सुधि ली। मैत्री संस्था के सहयोग से उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था को अपने कंधों पर उठाने वाले कर्मठ स्वच्छता कर्मियों को ठंड से राहत दिलाने के लिए हीटर वितरित किए। उनका यह मानवीय कदम उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।
लाल बहादुर शास्त्री को सीटीओ चौक पर दी पुष्पांजलि
रिज मैदान के कार्यक्रमों के पश्चात, राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता सीधे शिमला के सीटीओ पहुंचे, जहां उन्होंने देश के दूसरे प्रधानमंत्री 'जय जवान, जय किसान' का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण और संकट के समय देश का नेतृत्व करने वाले शास्त्री जी के अमूल्य योगदान को गहरी श्रद्धा के साथ याद किया।
लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, सादगी और नैतिकता के ऐसे ऊंचे मानदंड स्थापित किए, जो आज की राजनीति में दुर्लभ हो चले हैं। शास्त्री जी ने राजनीति और प्रशासन में शुचिता, स्वच्छता और उच्च नैतिक मूल्यों को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर विचार
शास्त्री जी के जीवन मूल्यों को आज के संदर्भ में प्रासंगिक बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज के दौर के राजनीतिक नेतृत्व को उनके जीवन और आदर्शों से सीख लेने की अत्यंत आवश्यकता है। सत्ता और पद से ऊपर उठकर राष्ट्र सेवा कैसे की जाती है, यह शास्त्री जी का जीवन हमें सिखाता है।
उन्होंने अंत में कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री—इन दोनों ही महापुरुषों का जीवन इस बात की गवाही देता है कि सच्ची सेवा, जिम्मेदारी का अहसास और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ही देश को महान बनाती है। इनके आदर्श आज भी हमारे समाज की दिशा तय करने में सक्षम हैं।
गरिमामयी उपस्थिति
इस राष्ट्रीय पर्व जैसे गरिमामयी अवसर पर हिमाचल प्रदेश की राजनीति और प्रशासन के कई दिग्गज चेहरे मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह, शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, हिमाचल प्रदेश वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, उप-महापौर उमा कौशल समेत कई गणमान्य नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने दोनों महापुरुषों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।