छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि-किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल यानी 11 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान सक्ति के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में एक भव्य और विशाल राज्य-स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जहां प्रदेशवासियों को विकास की कई बड़ी सौगातें मिलने वाली हैं।
इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आइए जानते हैं कि इस बड़े आयोजन में छत्तीसगढ़ की जनता को क्या-क्या मिलने जा रहा है और ग्रामीण विकास के लिहाज से यह दौरा क्यों इतना खास माना जा रहा है।
दो लाख परिवारों का होगा गृह प्रवेश, मिलेगी 'खुशियों की चाबी'
इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आने वाला गृह प्रवेश समारोह है। लंबे समय से अपने पक्के मकान का सपना संजोए बैठे राज्य के करीब 2 लाख नवनिर्मित आवासों के हितग्राहियों को कल उनके सपनों का आशियाना मिल जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद अपने हाथों से कई लाभार्थियों को उनके नए घरों की 'खुशियों की चाबी' सौंपेंगे।
यह पल उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद भावुक और खास होगा, जिनके लिए सिर पर पक्की छत होना एक बड़ा संघर्ष था। सरकार की इस पहल से ग्रामीण भारत में न केवल जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि लोगों के चेहरों पर एक नई मुस्कान भी आएगी।
122 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात
सक्ती जिले में आयोजित होने वाले इस मुख्य समारोह में कुल 122 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 39 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया जाएगा। इन विकास कार्यों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं (Infrastructure) को अभूतपूर्व गति मिलने की उम्मीद है।
- गांवों में पक्की सड़कों का जाल बिछेगा।
- पेयजल और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
- पंचायत स्तर पर प्रशासनिक भवनों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों का निर्माण व आधुनिकीकरण किया जाएगा।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले कई छोटे और बड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत होगी।
तकनीक का इस्तेमाल: एआई आधारित जियो-टैग प्रणाली का होगा शुभारंभ
पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत एआई (Artificial Intelligence) आधारित जियो-टैग सत्यापन और सेल्फ जियो-टैग रिपोर्ट प्रणाली का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया जाएगा।
इस तकनीकी नवाचार से आवास निर्माण की निगरानी प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सटीक हो जाएगी। बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और समय पर निर्माण कार्य पूरा होने की रिपोर्ट सीधे उच्च स्तर तक पहुंच सकेगी। सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया और गुड गवर्नेंस की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
'विकसित भारत-जी राम जी' के तहत नए अभियानों का आगाज
कार्यक्रम के दौरान 'विकसित भारत-जी राम जी' विजन के अंतर्गत दो बेहद महत्वपूर्ण अभियानों की शुरुआत की जाएगी:
- धार अपार अभियान: ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर केंद्रित यह अभियान गांवों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।
- सुघ्घर बाड़ी अभियान: पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने और ग्रामीण परिवारों को अपने घर के पास ही ताजी सब्जियां व फल उगाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से इस अभियान की शुरुआत होगी।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए 270 नए इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (Integrated Farming Clusters) का विमोचन भी किया जाएगा। इससे किसानों और ग्रामीण उद्यमियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
ग्रामीण महिलाओं का सम्मान: रानी मिस्त्री, लखपति दीदी और ड्रोन दीदियां बनेंगी मिसाल
छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए 'अथ उद्यम - आजीविका से उद्यमिता की ओर' चैलेंज फंड इवेंट का शुभारंभ किया जाएगा।
इस भव्य आयोजन में अपने उत्कृष्ट और साहसिक कार्यों से समाज में एक मिसाल कायम करने वाली 'रानी मिस्त्री', 'लखपति दीदियों' और आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को नया आयाम देने वाली 'ड्रोन दीदियों' को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इन महिलाओं की सफलता की कहानियां अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।
इसके अलावा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बेहतरीन और अनुकरणीय कार्य करने वाली राज्यभर की 5 चुनिंदा पंचायतों के प्रतिनिधियों को भी मंच पर सम्मानित किया जाएगा, ताकि अन्य पंचायतें भी उनके नक्शेकदम पर चल सकें।
प्रशासनिक अमला मुस्तैद, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस दौरे को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। सक्ती के ग्राम जेठा में बनाए गए मुख्य कार्यक्रम स्थल पर हजारों की संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने का दावा किया है ताकि दूर-दराज से आने वाले हितग्राहियों और आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बहरहाल, 11 सितंबर का यह दिन छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। एक तरफ जहां गरीबों को पक्के आवास की चाबी मिलेगी, वहीं दूसरी ओर तकनीक और महिला सशक्तिकरण के जरिए राज्य का भविष्य और अधिक उज्जवल बनाने की नींव रखी जाएगी।