झारखंड की राजधानी रांची के ग्रामीण अंचल में खेल प्रेमियों का उत्साह उस समय सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब चार दिनों तक चले एक रोमांचक फुटबॉल महासंग्राम का भव्य समापन हुआ। डॉल्फिन्स एकेडमी फुटबॉल टूर्नामेंट कमेटी की ओर से बुढ़मू प्रखंड के हेसलपीडी पंचायत के अंतर्गत तुरमुली मैदान में इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस बहुप्रतीक्षित टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में कांटे की टक्कर देखने को मिली, जहां खिलाड़ियों के जोश और मैदान पर मौजूद दर्शकों के शोर ने पूरे माहौल को ऊर्जावान बना दिया।
युवा विकास क्लब सिरांगो का शानदार प्रदर्शन
शनिवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में अपनी आक्रामक और अनुशासित खेल शैली का परिचय देते हुए युवा विकास क्लब सिरांगो ने शानदार जीत हासिल की और टूर्नामेंट की विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली। वहीं, दूसरी ओर कड़े मुकाबले में बेहतरीन खेल दिखाने वाली लकड़ा ब्रदर्स की टीम को उपविजेता से संतोष करना पड़ा। इस चार दिवसीय आयोजन में कुल 16 शीर्ष स्थानीय टीमों ने हिस्सा लिया था, जिन्होंने अपने खेल कौशल से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया और हर मैच में रोमांच की पराकाष्ठा को छू लिया।
टूर्नामेंट के समापन समारोह में खेल प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी। विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए क्षेत्र के कई गणमान्य अतिथि भी मैदान पर मौजूद रहे। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने विजेता टीम युवा विकास क्लब, सिरांगो के खिलाड़ियों को आठ हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की पीठ थपथपाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अतिथियों ने की खिलाड़ियों की हौसला अफजाई
इसके साथ ही, हेसलपीडी पंचायत के मुखिया कुसेंद्र पाहन और मांडर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी गुना भगत ने संयुक्त रूप से उपविजेता टीम लकड़ा ब्रदर्स को पांच हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान कर प्रोत्साहित किया। अतिथियों ने कहा कि हार और जीत खेल का एक अहम हिस्सा है, लेकिन मैदान पर दिखाया गया जज्बा और खेल भावना हमेशा सर्वोपरि होती है।
खेलों से मिलती है मानसिक और शारीरिक मजबूती
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि देवेंद्रनाथ महतो ने खेल के महत्व पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फुटबॉल का मैदान केवल पसीना बहाने की जगह नहीं है, बल्कि यह युवाओं में टीम वर्क, अनुशासन और आपसी समन्वय की अटूट भावना विकसित करता है। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को नसीहत देते हुए कहा कि बच्चों और युवाओं को मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की वर्चुअल दुनिया से बाहर निकलकर मैदान के वास्तविक खेलों की ओर रुख करना चाहिए। शारीरिक खेल न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि मानसिक मजबूती भी प्रदान करते हैं।
महतो ने इस बात पर भी जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों को सही समय पर चिन्हित किया जाए, उन्हें उच्च स्तर का प्रशिक्षण दिलाया जाए और सरकारी स्तर पर खेल कोटे या नियोजन व्यवस्था से जोड़ने के लिए ठोस पहल की जाए ताकि ये खिलाड़ी देश और राज्य का नाम रोशन कर सकें।
हर साल होगा इस प्रतियोगिता का आयोजन
टूर्नामेंट के संयोजक विक्की कुमार महतो ने इस सफल आयोजन के पीछे की मेहनत और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट और सराहनीय प्रदर्शन करने वाली कुल चार टीमों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया है।
विक्की कुमार महतो ने घोषणा करते हुए कहा कि ग्रामीण युवाओं में छिपी खेल प्रतिभा को एक बड़ा मंच देने और उसे निखारने के लिए यह फुटबॉल प्रतियोगिता अब हर वर्ष आयोजित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं को नशे व गलत आदतों से दूर रखकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाना है।
ग्रामीणों और खेल प्रेमियों में दिखा भारी उत्साह
चार दिनों तक चले इस खेल महाकुंभ के दौरान तुरमुली, हेसलपीडी, शोबा, बेड़वारी और सुरीद सहित आसपास के तमाम ग्रामीण इलाकों से भारी संख्या में खेलप्रेमी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मैदान पर मौजूद रहे। हर एक गोल पर तालियों की गड़गड़ाहट और सीटियों की गूंज से पूरा इलाका खेलमय हो गया था। स्थानीय दुकानदारों और आयोजकों के लिए भी यह आयोजन एक उत्सव की तरह रहा, जहां ग्रामीण मेलजोल की अनूठी बानगी देखने को मिली।
इस प्रकार, बुढ़मू के तुरमुली मैदान में संपन्न हुआ यह फुटबॉल टूर्नामेंट केवल एक खेल प्रतियोगिता बनकर नहीं रहा, बल्कि यह ग्रामीण युवाओं की एकजुटता, ऊर्जा और उनकी छिपी हुई प्रतिभा को एक नई पहचान देने वाला एक बड़ा माध्यम साबित हुआ।