आसमान की बुलंदियों के बीच जब मौत सामने खड़ी हो, तब कोई साधारण इंसान घबरा सकता है, लेकिन एक सच्चा कमांडर अपनी जान की परवाह किए बिना हजारों जिंदगियों को बचाने के लिए ढाल बन जाता है। कुछ ऐसा ही अदम्य साहस दिखाया है भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने। फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान हुए एक गंभीर और खतरनाक संकट के बाद, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के डिप्टी पीएम ने खुद अस्पताल पहुंचकर इस जांबाज पायलट से मुलाकात की और उनके हौصل की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
अस्पताल पहुंचे यूएई के डिप्टी पीएम, कही दिल जीतने वाली बात
शनिवार को यूएई के डिप्टी पीएम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने अस्पताल का दौरा किया और फ्लाईदुबई की घटना में गंभीर रूप से घायल हुए कैप्टन स्मित मच्छार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संकट की घड़ी में दिखाए गए उनके साहस, अदम्य जिम्मेदारी और यात्रियों की जान बचाने के उनके अथक प्रयासों को सराहा। डिप्टी पीएम ने साफ शब्दों में कहा, 'हमें आप पर गर्व है।'
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने मानवता की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। यूएई की लीडरशिप की ओर से कैप्टन मच्छार को पूरा सम्मान और आभार दिया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि देश की एयरलाइन इंडस्ट्री में ऐसे साहसी और कर्तव्यनिष्ठ लोग होना गर्व की बात है।
कैसे बीता वो खौफनाक पल? कॉकपिट में हुआ था जानलेवा हमला
यह पूरी घटना फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के दौरान की है, जब कथित तौर पर एक ओमानी को-पायलट, जिसकी पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है, ने कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर ने कुल्हाड़ी से हमला किया था, जिससे स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि गंभीर रूप से घायल होने और खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अपनी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी जान की बाजी लगाते हुए किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला। जैसे ही दरवाजा खुला, कुछ सतर्क यात्री तुरंत अंदर पहुंचे और उन्होंने आरोपी को-पायलट को दबोचकर काबू में किया। इसके बाद विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने विमान की कमान संभाली और एक बड़ा हादसा टल गया।
कैसी है अब कैप्टन स्मित मच्छार की सेहत?
भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों के मन में लगातार कैप्टन स्मित की सेहत को लेकर चिंता बनी हुई थी। इस बीच, यूएई में भारतीय दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर राहत भरी खबर दी है। दूतावास के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छार की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है और उन्हें बेहतरीन मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
भारतीय दूतावास लगातार उनके परिवार और यूएई के स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में बना हुआ है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। दूतावास ने यूएई सरकार द्वारा प्रदान की जा रही उच्चस्तरीय चिकित्सीय सुविधाओं के लिए विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है और कैप्टन स्मित के जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की है।
मानवता की जीत और वैश्विक सराहना
इस पूरी घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संकट के समय पेशेवर और जांबाज लोग किस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर अनगिनत जिंदगियों को बचाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैप्टन स्मित मच्छार के इस साहसी कदम की तारीफ हो रही है। यूएई सरकार के शीर्ष नेतृत्व द्वारा व्यक्तिगत रूप से अस्पताल जाकर उनका हालचाल लेना और उनकी बहादुरी को सलाम करना यह बताता है कि मानवीय मूल्यों और कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान हर सरहद से ऊपर होता है।

भारत और यूएई के बीच के मजबूत होते कूटनीतिक और मानवीय रिश्ते इस घटना के बाद और प्रगाढ़ नजर आ रहे हैं। हर कोई अब यही दुआ कर रहा है कि हमारा यह वीर पायलट जल्द से जल्द पूरी तरह से स्वस्थ होकर एक बार फिर अपने उसी जुनून और जज्बे के साथ आसमान की ऊंचाइयों को छुए।
