उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक दिल दहला देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते एक पुराना दो मंजिला रिहायशी मकान अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस दर्दनाक हादसे के वक्त घर के अंदर परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में सोए हुए थे। मकान के मलबे के नीचे 6 महीने के एक मासूम समेत कुल सात लोग दब गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई।
भारी बारिश बनी काल, सोते हुए परिवार पर टूटा आफत का पहाड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ है और लगातार भारी बारिश हो रही है। बारिश के कारण मकान की दीवारें और नींव पहले ही कमजोर हो चुकी थीं। शुक्रवार सुबह अचानक हुए इस हादसे ने आसपास के लोगों को सन्न कर दिया। जैसे ही मकान गिरा, एक तेज धमाका हुआ और आसमान में धूल का गुबार छा गया। स्थानीय लोगों ने जब मौके पर जाकर देखा तो पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि पूरा ढांचा मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका था और अंदर से लोगों की चीखने की आवाजें आ रही थीं।
मलबे से निकालने के लिए तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
हाथों में राहत और बचाव का जिम्मा लेते हुए स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। बिना एक पल गंवाए लोगों ने अपने स्तर पर मलबा हटाना शुरू किया और दबे हुए सदस्यों को बाहर निकालने की कोशिश में जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और प्रशासनिक अमला भी तुरंत हरकत में आ गया। पुलिस बल और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और स्थानीय नागरिकों की मदद से युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
एक ही परिवार के सातों सदस्य गंभीर रूप से घायल
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, मलबे से सुरक्षित बाहर निकाले गए सातों लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। इनमें परिवार के बुजुर्ग, महिलाएं और सबसे छोटा 6 महीने का एक मासूम बच्चा भी शामिल है। सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में जुटी हुई है और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन की मुस्तैदी और इलाके में पसरा मातम
घटना की जानकारी मिलते ही जिले के कई बड़े अधिकारी भी जिला अस्पताल पहुंच गए और घायलों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि घायलों के इलाज में किसी भी तरह की कोई कोताही न बरती जाए। वहीं दूसरी ओर, इस भयावह हादसे के बाद पीड़ित परिवार के घर में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में मातम का माहौल है। लोग भगवान से सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
प्रशासन की चेतावनी: जर्जर मकानों को लेकर सतर्कता जरूरी
इस दुखद घटना ने एक बार फिर पुराने और जर्जर हो चुके मकानों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान जर्जर या कमजोर हो चुकी इमारतों में बिल्कुल न रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। जिला प्रशासन अब ऐसे खतरनाक मकानों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कदम उठाने की योजना पर भी विचार कर रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।
फिलहाल राहत कार्य पूरा हो चुका है और मलबे को हटाने का काम जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे के नीचे और कोई तो नहीं दबा हुआ है। इस बड़ी दुर्घटना से जुड़ा हर एक अपडेट हम आप तक लगातार पहुंचा रहे हैं, ताज़ा जानकारियों के लिए हमारे साथ बने रहें।
