बिहार की राजधानी पटना से इस वक्त एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। शहर के व्यस्त और पॉश इलाकों में शुमार बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र से पुलिस ने लगभग 30 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की है। इतनी बड़ी मात्रा में कैश मिलने के बाद से स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और यह सवाल हर किसी की जुबान पर है कि आखिर यह बेनामी पैसा किसका है और इसे किस मकसद से लाया जा रहा था।
कोतवाली एएसपी ने की नकदी मिलने की पुष्टि
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। पटना पुलिस के कोतवाली एएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कृष्ण मुरारी प्रसाद ने मीडिया के सामने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारी का यह भी कहना है कि बरामद रकम के असली मालिक, इसके वैध या अवैध होने और इसके सटीक उपयोग को लेकर अभी तहकीकात जारी है।
शुरुआती दौर की पुलिसिया कार्रवाई और छानबीन में यह बात सामने आ रही है कि यह कैश किसी स्थानीय कारोबारी (व्यापारी) से जुड़ा हो सकता है। लेकिन, इतनी बड़ी नकदी के अचानक मिलने से पुलिस इसे सिर्फ एक आम कारोबारी लेनदेन मानने से इनकार कर रही है।
क्या इसके पीछे है हवाला का बड़ा नेटवर्क?
जांच अधिकारियों के बीच इस बात की चर्चा और आशंका जोर पकड़ रही है कि यह रकम कहीं न कहीं हवाला कारोबार से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक बिना पुख्ता सबूतों के इसे आधिकारिक तौर पर 'हवाला का पैसा' घोषित नहीं किया है।
जांच दल इस बात के हरसंभव पहलुओं को खंगाल रहा है कि:
- यह पैसा आखिर कहां से बनकर और किस रूट से पटना पहुंचा?
- इस भारी रकम को शहर के किस शख्स या ठिकाने पर डिलीवर किया जाना था?
- क्या इस लेनदेन के पीछे किसी बड़े टैक्स चोरी या अवैध वित्तीय नेटवर्क का हाथ है?
इनकम टैक्स विभाग भी हुआ एक्टिव, होगी दस्तावेजों की डीप जांच
मामले की नजाकत को भांपते हुए पटना पुलिस ने इस मामले की सूचना तुरंत आयकर विभाग (Income Tax Department) को दे दी है। अब इस पूरे प्रकरण में टैक्स विभाग की एंट्री हो चुकी है, जिसके बाद से वित्तीय मामलों के जानकारों का मानना है कि इस कैश के एक-एक पाई का हिसाब मांगा जाएगा।
अब इनकम टैक्स विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मिलकर बरामद पैसों के वैध स्रोतों (Legal Sources of Income) की तलाश करेगी। जिस व्यक्ति या कारोबारी से यह नकदी जुड़ी है, उसे अपने व्यापारिक खातों, बैंक विवरणों और इस नकद लेन-देन के समर्थन में पुख्ता दस्तावेज पेश करने होंगे। अगर कागजातों में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो कानूनी शिकंजा और ज्यादा कस सकता है.
जांच पूरी होने के बाद ही होगा बड़ा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस स्टेज पर किसी भी तरह का अंतिम निष्कर्ष (Final Conclusion) निकालना जल्दबाजी होगी। अभी नकदी के साथ पकड़े गए या इससे जुड़े संदिग्ध लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। उनके कॉल डिटेल्स, पिछले वित्तीय लेन-देन और मूवमेंट की भी बारिकी से समीक्षा की जा रही है।
बिहार में चुनावों या त्योहारों के सीजन के अलावा भी लगातार पुलिस ऐसे मामलों में सतर्कता बरत रही है। सूत्रों का कहना है कि जैसे ही इनकम टैक्स विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच का दायरा आगे बढ़ेगा, इस मामले में कुछ चौंकाने वाले नाम और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। फिलहाल, राजधानी पटना के कारोबारी हलकों में इस जबर्दस्त कैश जब्ती की चर्चा गर्म है।