शराब बेचने वाला मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल पिछले नौ दिनों से था फरार, पुलिस ने कार, मोबाइल और 54 लीटर देसी शराब की जब्त
मध्य प्रदेश के देवास जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित चंदाना और बिजाना गांवों में पिछले 20 दिनों के भीतर 13 लोगों की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार शाम इस गंभीर प्रकरण में वाइन शॉप के दो प्रबंधकों सहित कुल 10 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस अवैध शराब नेटवर्क के मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल को भी धर दबोचा गया है, जो घटना के बाद से पिछले नौ दिनों से लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक कार, 10 मोबाइल फोन और 54 लीटर अवैध देसी शराब बरामद की है। जब्त की गई कुल सामग्री की अनुमानित बाजार कीमत करीब 7.25 लाख रुपये आंकी गई है।
उत्तर प्रदेश और इंदौर तक जुड़े हैं तार
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस अवैध शराब कारोबार के तार मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैले हुए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल के अलावा अजय राठौर, रामेश्वर सोनगरा, भाड़ा पिपल्या वाइन शॉप के मैनेजर नितिन सोलंकी, क्षिप्रा वाइन शॉप के मैनेजर चंद्रशेखर बैरागी, अरबिंदो इंदौर वाइन शॉप के सेल्समैन सत्येंद्र ओझा और क्षिप्रा वाइन शॉप के सेल्समैन राजदेव पटेल शामिल हैं। इनके अतिरिक्त पुलिस ने जुगल सिंह, राजेंद्र निनामा और विशाल चौहान को भी हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सभी की भूमिका और संपर्कों की गहनता से जांच की जा रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क की पूरी परतें खोली जा सकें।
आपूर्ति के स्रोत को लेकर अब भी असमंजस
वाइन शॉप के दो प्रबंधकों और सेल्समैनों की गिरफ्तारी के बावजूद अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कथित तौर पर जहरीली या अवैध रूप से बेची गई शराब असल में किस आधिकारिक दुकान से सप्लाई की गई थी। मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल गांवों में सीधे तौर पर शराब की बिक्री का काम संभालता था। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक डायरी भी लगी है, जिसमें विस्तृत हिसाब-किताब दर्ज है। हालांकि, यह हिसाब-किताब किन-किन लोगों से जुड़ा हुआ है, इस पर से अभी पर्दा उठना बाकी है। इन तमाम बिंदुओं के चलते शराब की वास्तविक आपूर्ति के स्रोत और इस पूरे सिंडिकेट को लेकर कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने की मुआवजे की मांग
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। भोपाल में मीडिया से बातचीत करते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार से मांग की है कि चंदाना और बिजाना गांवों में जान गंवाने वाले सभी 13 लोगों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी की तरफ से मृतकों के परिजनों को अपनी ओर से 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान भी किया है। इस मामले में कांग्रेस पार्टी ने प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए मंगलवार को देवास कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करने का कार्यक्रम तय किया है।