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यूपी का रामपुर दोराहा दहला: 50 फीट ऊंची लपटें और दो किमी तक दिखा काला धुआं

यूपी का रामपुर दोराहा दहला: 50 फीट ऊंची लपटें और दो किमी तक दिखा काला धुआं

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद-रामपुर सीमा पर स्थित रामपुर दोराहा क्षेत्र मंगलवार को अचानक हुए सिलसिलेवार धमाकों से थर्रा उठा। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह का वक्त आम दिनों की तरह ही शुरू हुआ था, लेकिन कुछ ही मिनटों में हालात पूरी तरह से बदल गए। एक के बाद एक हुए जोरदार धमाकों ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। आसमान में आग की करीब 50 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते दो किलोमीटर के दायरे में काले धुएं का घना गुबार छा गया।

शुरुआती खौफनाक मंज़र और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर तक के घरों और दुकानों की खिड़कियां तक हिल गईं। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों और कार्यस्थलों से बाहर सड़कों पर निकल आए। शुरुआती कुछ पलों के लिए किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर माज़रा क्या है। कुछ लोगों ने इसे भूकंप समझा, तो कुछ ने किसी बड़े सिलेंडर ब्लास्ट या रासायनिक विस्फोट का अंदेशा जताया।

घटनास्थल के आसपास मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला। आग की भूनने वाली गर्मी और धुएं के गुबार के कारण पास से गुजरने वाले वाहन चालकों में भी अफरा-तफरी मच गई। ट्रैफिक को तुरंत प्रभाव से डायवर्ट करना पड़ा, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।प्रशासन और दमकल विभाग की तत्परता

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और अग्निशामक दल (Fire Department) हरकत में आ गया। मुरादाबाद और रामपुर दोनों जिलों से दमकल की गाड़ियों को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाया गया।

  • राहत कार्य: पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से दो किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया और आम लोगों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी।
  • धुएं का गुबार: आग बुझाने के दौरान उठ रहा काला धुआं इतनी दूर से दिख रहा था कि शहर के दूसरे कोनों से भी लोग कयास लगाते नजर आए।
  • घायलों और नुकसान का आकलन: प्रशासनिक अधिकारी मौके पर कैंप किए हुए हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

क्या कहती है शुरुआती जांच?

विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों की शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि यह हादसा किसी अवैध भंडारण या लापरवाही का परिणाम हो सकता है। हालांकि, जब तक फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देती, तब तक स्पष्ट रूप से कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि आखिर इस जगह पर ऐसा क्या मौजूद था जिसके कारण इतने बड़े और खतरनाक धमाके हुए।

सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल

इस प्रकार की घटनाएं एक बार फिर से घनी आबादी के पास या रिहायशी इलाकों के करीब चल रहे संदिग्‍ध गोदामों और फैक्ट्रियों पर बड़े सवालिया निशान खड़े करती हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस इलाके में लंबे समय से अवैध गतिविधियों और नियमों को ताक पर रखकर सामानों का भंडारण किए जाने की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यदि प्रशासन पहले ही सतर्क हो जाता, तो शायद इस बड़े हादसे को टाला जा सकता था।

मौजूदा हालात और प्रशासनिक अपील

खबर लिखे जाने तक दमकल कर्मियों द्वारा आग पर काबू पाने की कोशिशें युद्ध स्तर पर जारी थीं। प्रशासन ने इलाके के लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। घायलों (यदि कोई हैं) को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। उच्च अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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