प्रदेश के सभी बूथों पर सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बीएलओ रहेंगे मौजूद, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिए निर्देश
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित पात्र नागरिकों और पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेशभर में 17 और 24 अक्टूबर को विशेष मतदाता पंजीकरण कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन दोनों निर्धारित तिथियों पर राज्य के सभी जिलों के प्रत्येक मतदेय स्थल पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को इस अभियान से जोड़ा जा सके।
फार्म-6 भरकर करें आवेदन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को इस विशेष अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि मतदाता पंजीकरण के इच्छुक नागरिकों को कैंप में फार्म-6 उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के प्रत्येक मतदान केंद्र पर इन कैंपों का सफल आयोजन करवाएं। इसके साथ ही अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस सुविधा से वंचित न रहे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन विशेष कैंपों में पहुंचकर सबसे पहले मतदाता सूची में अपने नाम की जांच करें। यदि सूची में नाम दर्ज नहीं है, तो वे अपनी पात्रता के अनुसार फार्म-6 भरकर विधिवत पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
दस्तावेजों की अनिवार्यता और सहायता डेस्क
मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदनकर्ताओं को फार्म-6 के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें आवेदक की नवीनतम रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो, जन्मतिथि का प्रमाण और पते से संबंधित वैध दस्तावेज शामिल हैं। नागरिकों को फॉर्म भरने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित की जाएगी। यह हेल्प डेस्क फॉर्म भरने और पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया में नागरिकों की सहायता करेगी।
प्रशासनिक निगरानी और दलों का सहयोग
इस पूरे अभियान को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए व्यापक प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। कैंपों के आयोजन की जानकारी प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए जन-जन तक पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा, निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और स्थानीय सामाजिक संगठनों को भी इन कैंपों की आधिकारिक सूचना दी जाएगी।
व्यवस्थाओं की गुणवत्ता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारियों को कैंपों का औचक निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।