देहरादून के कोतवाली कैंट में दर्ज मुकदमे के सिलसिले में पुलिस की विशेष जांच टीम ने बढ़ाई कार्रवाई, साक्ष्यों के परीक्षण के बाद तय होगी अगली कानूनी दिशा।
उत्तराखंड में एक हाई-प्रोफाइल मामले की जांच तेज करते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सोमवार को राज्य की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के आधिकारिक बयान दर्ज किए हैं। जांच के दौरान एसआईटी ने प्रकरण से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी विधिवत रूप से प्राप्त कर ली है, जिसे अब तकनीकी परीक्षण के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दर्ज मुकदमों और धाराओं का विवरण
देहरादून पुलिस मीडिया सेल द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस पूरे प्रकरण को लेकर कोतवाली कैंट में मुकदमा संख्या 158/2026 दर्ज किया गया है। इस मामले में गिरधारी लाल साहू को मुख्य आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी एससी-एसटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस मुकदमे में आईपीसी की धारा 323 (मारपीट), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), 506 (धमकी देना), 495, 498ए, 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धारा 120बी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(r), 3(1)(s) और 3(2) के प्रावधान भी मुकदमे में जोड़े गए हैं।
फॉरेंसिक जांच और आगे की प्रक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंपी गई है। एसआईटी ने अपनी जांच के दायरे को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज करने के साथ ही ऑडियो रिकॉर्डिंग अपने कब्जे में ली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस ऑडियो की सत्यता और तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए इसे फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से आने वाली वैज्ञानिक रिपोर्ट और अन्य संकलित साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण करने के बाद ही नियमानुसार अगली कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।