उत्तर प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले वाराणसी जिले से एक हैरान करने वाली आपराधिक घटना सामने आई है। यहाँ के चोलापुर थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बाइक सवार कुछ बदमाशों ने एक राहगीर को निशाना बनाया। बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े या शाम के वक्त चलती हुई ऑटो को जबरन रुकवाया और उसके बाद जो कुछ हुआ, उसने इलाके के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
कठियाँव से घर लौट रहा था पीड़ित
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना वाराणसी के चोलापुर थाना अंतर्गत बेनीपुर इलाके में स्थित चौरा माता मंदिर के पास घटी। पीड़ित युवक की पहचान मनोज कुमार राजभर के रूप में हुई है, जो लल्लू प्रसाद राजभर का पुत्र है और गहनी (पोस्ट आयर, चोलापुर) का रहने वाला है। घटना वाले दिन यानी नौ सितंबर की शाम को मनोज अपनी किसी रिश्तेदारी से लौट रहा था। वह कठियाँव गांव से अपने घर जाने के लिए एक ऑटो में सवार हुआ था।
सफर सामान्य चल रहा था और मनोज अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा था, लेकिन उसे इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि आगे का रास्ता उसके लिए परेशानी भरा साबित होने वाला है। जैसे ही ऑटो बेनीपुर में चौरा माता मंदिर के पास पहुँचा, वैसे ही सड़क की तस्वीर बदल गई।
ऑटो रुकवाकर दिया गया वारदात को अंजाम
पीड़ित द्वारा पुलिस को दी गई आधिकारिक तहरीर के मुताबिक, रास्ते में एक बाइक पर सवार होकर तीन अज्ञात बदमाश अचानक प्रकट हुए। उन्होंने बड़ी चालाकी और दबंगई दिखाते हुए उस ऑटो को रुकवा लिया जिसमें मनोज बैठा हुआ था। ऑटो रुकते ही बदमाशों ने अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देना शुरू कर दिया।
बदमाशों ने बिना किसी हिचकिचाहट के मनोज की शर्ट की ऊपरी जेब पर हाथ साफ किया। उसकी जेब में उस वक्त 600 रुपये नगद रखे हुए थे, जिन्हें बदमाशों ने तुरंत बाहर निकाल लिया। एक आम इंसान के लिए यह रकम भले ही बहुत बड़ी न हो, लेकिन इस तरह की जबरन वसूली और लूटपाट किसी की भी सुरक्षा की भावना को ठेस पहुँचाने के लिए काफी है।
विरोध करने पर छीना वीवो का मोबाइल
जब मनोज कुमार राजभर ने बदमाशों की इस हरकत का कड़ा विरोध किया और अपनी मेहनत के पैसे बचाने की कोशिश की, तो स्थिति और भी आक्रामक हो गई। बदमाश पहले से ही गुस्से में थे और विरोध पाकर उन्होंने हिंसा का दायरा बढ़ा दिया।
बदमाशों ने जेब के पैसे छीनने के बाद मनोज के हाथ से उसका वीवो (Vivo) कंपनी का मोबाइल फोन भी बलपूर्वक झपट लिया। मोबाइल छिन जाने के बाद पीड़ित के पास संपर्क करने का कोई जरिया नहीं बचा। इसके बाद तीनों बदमाश अपनी बाइक पर सवार हुए और मौके से तेजी से फरार हो गए। इस अचानक हुई घटना से पीड़ित मनोज बुरी तरह घबरा गया और कुछ देर के लिए समझ नहीं पाया कि वह क्या करे।
आपातकालीन सेवा 112 पर दी गई सूचना
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने हिम्मत जुटाई और आसपास के लोगों की मदद से या सीधे अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा '112 नंबर' पर डायल किया। पुलिस को इस सनसनीखेज वारदात की सूचना तुरंत दी गई।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हलचल मच गई। पुलिस दल ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए मौके का मुआयना किया और पीड़ित से शुरुआती जानकारी जुटाई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले दिन यानी 10 सितंबर को औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज की।
चोलापुर थाने में मुकदमा दर्ज, विवेचना शुरू
चोलापुर पुलिस स्टेशन में पीड़ित की लिखित तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में एफआईआर संख्या 0378 दर्ज की गई है।
- घटना की तिथि: 9 सितंबर (शाम का वक्त)
- शिकायत दर्ज करने की तिथि: 10 सितंबर
- अपराध संख्या: एफआईआर नं. 0378/2026
- आईपीसी/बीएनएस धारा: भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4)
- जांच अधिकारी: उपनिरीक्षक अनिकेत श्रीवास्तव
चोलापुर थाने के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक (SI) अनिकेत श्रीवास्तव को सौंपी है। पुलिस अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ये तीनों अज्ञात बदमाश कौन थे और क्या वे पहले से ही इस इलाके में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
चोलापुर पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन अज्ञात बदमाशों की पहचान करना है जो इस वारदात को अंजाम देकर हवा में गायब हो गए। इसके लिए पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालने में जुट गई है। चौरा माता मंदिर के आसपास और उस मार्ग से गुजरने वाले अन्य रास्तों पर लगे कैमरों की मदद से बाइक और उस पर सवार तीनों संदिग्धों के हुलिया का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके अलावा, पुलिस उन पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है जो इस तरह की लूटपाट या राहजनी की वारदातों में पहले भी संलिप्त रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इन बदमाशों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों में चिंता का माहौल
इस घटना के सामने आने के बाद से बेनीपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता और थोड़ा सा रोष भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के वक्त इस मार्ग पर पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए ताकि इस तरह के बाइक सवार उचक्के और लुटेरे आम जनता को अपना शिकार न बना सकें।
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट लगातार अपराध नियंत्रण के दावे करता रहा है, ऐसे में चोलापुर क्षेत्र में हुई इस घटना ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कुछ सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से यह भरोसा दिलाया गया है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त की जाएगी और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल, उपनिरीक्षक अनिकेत श्रीवास्तव के नेतृत्व में इस पूरे मामले की गहनता से विवेचना की जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस लूटकांड का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। पीड़ित मनोज कुमार राजभर और उसके परिवार को न्याय मिलने का इंतजार है।