वाराणसी में शहर की सुगम यातायात व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को पटरी पर लाने के लिए नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है। शहर की संकरी गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक फैले अवैध अतिक्रमण और पर्यावरण के लिए नासूर बन चुके सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ प्रशासन ने आक्रामक रुख अपना लिया है। हाल ही में नगर निगम के प्रवर्तन दल ने शहर के कई महत्वपूर्ण इलाकों में सघन अभियान चलाकर न केवल अवैध कब्जों को हटाया, बल्कि नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर आर्थिक दंड भी लगाया है। इस कार्रवाई से शहर के दुकानदारों और अवैध वेंडरों में हड़कंप मच गया है।
नाटी इमली से हुकुलगंज तक गरजा नगर निगम का बुलडोजर
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के सख्त निर्देशों के बाद शहर के विभिन्न जोनों में प्रशासन का डंडा चलना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में आदमपुर जोनल के अंतर्गत आने वाले नाटी इमली क्षेत्र में ठाकुर प्रसाद सिंह स्मारक चौराहे के आसपास सुरक्षा बलों और नगर निगम की संयुक्त टीम ने बड़ा अभियान चलाया। यहां सड़क की पटरियों और चौराहों पर ठेले, काउंटर और तिरपाल लगाकर अवैध कब्जा किया गया था, जिससे आम जनता और राहगीरों का निकलना दूभर हो गया था।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके पर पहुंचकर लाउडस्पीकर के जरिए अतिक्रमणकारियों को कड़ी चेतावनी दी और सामान जब्त किया। इस पूरी प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन करने वालों से कुल 4,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसमें 3,000 रुपये सड़क पर अवैध अतिक्रमण करने के एवज में और 1,000 रुपये प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल करने के जुर्माने के रूप में शामिल थे। इसके साथ ही मौके से एक किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक भी जब्त की गई, जिसे पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।
चौकाघाट और अर्दली बाजार में भी हुई सख्त कार्रवाई
प्रशासन का शिकंजा सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वरुणापार और अन्य जोनों में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला। चौकाघाट लकड़ी मंडी से लेकर पानी टंकी तक सड़क की पटरी पर अनाधिकृत रूप से किए गए अतिक्रमण को स्वतः हटाने के लिए निगम की ओर से मुनादी कराई गई। दुकानदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए सिर्फ एक दिन की मोहलत दी गई है कि वे खुद अपना सामान हटा लें, अन्यथा निगम का बुलडोजर कार्रवाई करेगा।
इसके अलावा, जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) और अन्य माध्यमों से प्राप्त लगातार शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए अर्दली बाजार स्थित स्मार्ट बाजार के ठीक सामने सड़क पर लगाए गए पुष्पगुच्छ (फ्लावर पॉट और प्लांट्स) के ठेलों को तुरंत प्रभाव से हटवाया गया। मछोदरी पुलिस चौकी के पास एक गली में लंबे समय से रखे गए ईंट-पत्थर और तिरपाल को भी जब्त कर रास्ता साफ कराया गया, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
हुकुलगंज में अवैध निर्माण पर नोटिस, निगम की जमीन कराई गई पैमाइश
अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे इस अभियान में कुछ ऐसे मामले भी सामने आए जहां पक्के निर्माण कर लिए गए थे। हुकुलगंज इलाके में पक्की सीढ़ी और चबूतरे के निर्माण का मामला सामने आने पर संबंधित व्यक्ति को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपने सभी वैध भू-अभिलेखों (Land Documents) के साथ सीधे निगम कार्यालय में उपस्थित हों। यदि कागजात वैध नहीं पाए गए, तो निर्माण को ढहाने की कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव के मार्गदर्शन में वरुणापार जोन के अंतर्गत आने वाले दंडूपुर (क्राइस्ट नगर) क्षेत्र में आराजी संख्या 180 पर स्थित नगर निगम की बेशकीमती जमीन की पैमाइश का काम पूरा किया गया। स्थानीय स्तर पर हो रहे विरोध और अड़चनों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाते हुए राजस्व विभाग, सर्वेयर और लेखपाल की संयुक्त टीम ने अपनी मौजूदगी में माप-जोख पूरी की। पैमाइश के बाद इस जमीन को सुरक्षित करने और बाउंड्रीवाल का निर्माण कराने के लिए आधिकारिक रूप से नगर निगम को सौंप दिया गया है। इसके अलावा निगम मुख्यालय के पास फल मंडी और पॉपुलर बाटी चोखा मार्ग से भी अवैध वेंडरों को खदेड़कर यातायात को सुगम बनाया गया।
पर्यावरण की रक्षा के लिए लगभग 7 टन प्लास्टिक का पुनर्चक्रण
शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक और सराहनीय कदम उठाया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से जब्ती के दौरान इकट्ठा की गई कुल 6,975 किलोग्राम (लगभग 7 टन) प्रतिबंधित प्लास्टिक की रिसाइकलिंग (पुनर्चक्रण) की प्रक्रिया रामनगर स्थित शुभम प्लास्टिक कारखाने में पूरी कराई गई।
पर्यावरण संरक्षण मानकों का पालन करते हुए कटर मशीन की मदद से लगभग 680 किलोग्राम प्लास्टिक को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा गया, जबकि करीब 13 किलोग्राम कचरा प्लास्टिक को पूरी तरह से जलाकर नष्ट किया गया। नगर निगम के इस कदम से स्पष्ट है कि प्रशासन केवल जुर्माना वसूलने तक सीमित नहीं है, बल्कि जब्त किए गए प्लास्टिक के वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर भी पूरी तरह गंभीर है।
कार्रवाई का लेखा-जोखा: एक नजर में
- जुर्माना वसूली: प्लास्टिक उल्लंघन पर 1,000 रुपये और अतिक्रमण पर 3,000 रुपये की नकद वसूली की गई।
- शिकायत निवारण: इस अभियान के दौरान जनता से जुड़ी 4 प्रमुख शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया, जबकि 11 अन्य शिकायतें अभी प्रक्रिया में हैं और लंबित हैं।
- मासिक आंकड़े: चालू माह के दौरान अब तक कुल 1.75 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त की जा चुकी है। इस दौरान 1,200 रुपये प्लास्टिक जुर्माने के रूप में और 4,000 रुपये अतिक्रमण के रूप में वसूले गए हैं। इसके अलावा, प्रतिबंधित प्लास्टिक के बड़े मामलों में नियमानुसार 1,89,349 रुपये का चेक भी प्राप्त हुआ है।
आम नागरिकों और दुकानदारों के लिए संदेश
नगर निगम के इस कड़े रुख से यह साफ जाहिर होता है कि आने वाले दिनों में शहर में अतिक्रमण और प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ और भी बड़े स्तर पर अभियान चलाए जाएंगे। प्रशासन ने शहर के सभी दुकानदारों, ठेले चालकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़कों पर कब्जा करने से बचें और सरकार द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उस पर न केवल भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि विधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।