वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बाबतपुर के आसपास उड़ान सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्रशासन और एयरपोर्ट प्रबंधन ने कड़े कदम उठाए हैं। विमानों के आवागमन के दौरान सुरक्षा में किसी भी प्रकार की बाधा से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बाबतपुर के आसपास उड़ान सुरक्षा को लेकर प्रशासन और एयरपोर्ट प्रबंधन पूरी तरह मुस्तैद हो गए हैं। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर के दायरे में लेजर लाइट के प्रयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध क्षेत्र में विमान संचालन को सुरक्षित रखने और किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए लागू किया गया है।
पायलटों की दृष्टि बाधित होने का गंभीर खतरा
विभिन्न आयोजनों और शादी-विवाह समारोहों में आजकल तेज रोशनी वाली लेजर लाइट का उपयोग तेजी से बढ़ा है। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, इस प्रकार की तेज लेजर लाइट सीधे विमानों के कॉकपिट में पायलटों की आंखों पर पड़ती है, जिससे उनकी दृष्टि अचानक बाधित होने का गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। रात के समय या कम दृश्यता के दौरान इस तरह की रोशनी विमान के चालन को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। इस प्रकार की लापरवाही से कोई भी बड़ा विमान हादसा होने की आशंका बनी रहती है, जिसे लेकर नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) और स्थानीय प्रशासन बेहद सख्त रुख अपनाए हुए हैं।
मैरिज लॉन संचालकों और आयोजकों के लिए चेतावनी
सुरक्षा के इन पुख्ता इंतजामों के बीच एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने क्षेत्र के सभी मैरिज लॉन संचालकों, इवेंट ऑर्गेनाइजर्स, टेंट हाउस और स्थानीय नागरिकों से तीखी अपील की है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों को निर्देशित किया है कि वे अपने आयोजनों के दौरान लेजर लाइट का बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें। यदि कोई इस तरह के नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो विमान सुरक्षा नियमों और प्रचलित कानूनों के सुसंगत प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन भी इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी रख रहा है ताकि हवाई क्षेत्र की सुरक्षा में कोई चूक न हो सके।