वाराणसी के प्राचीन दुर्गा मंदिर में शारदीय नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मंदिर परिसर और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े और व्यापक इंतजाम किए हैं। भीड़ को नियंत्रित रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था में विशेष तकनीकी उपायों को भी शामिल किया गया है।
धार्मिक मान्यताओं और परंपरा के अनुसार, शारदीय नवरात्र के चौथे दिन मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कुष्मांडा की आराधना का विधान है। ऐसी मान्यता है कि मां कुष्मांडा की सच्ची श्रद्धा से पूजा करने वाले भक्तों को सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है। इसी आध्यात्मिक महत्व और आस्था के चलते वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में न केवल स्थानीय नागरिक, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नवरात्र के इन दिनों में मंदिर के पट खुलने के साथ ही सुबह से ही भक्तों का तांता लग जाता है और दर्शन-पूजन का यह सिलसिला देर तक चलता रहता है।

ड्रोन और सादे कपड़ों में पुलिस से कड़ी निगरानी
श्रद्धालुओं की भारी संख्या और मंदिर क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढील न बरतने का निर्णय लिया है। मंदिर परिसर और उसके बाहरी हिस्सों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जाएगा, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या भगदड़ जैसी संभावना से तुरंत निपटा जा सके। इसके अलावा, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है जो चुपचाप पूरी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। पूरे इलाके में लगातार पुलिस गश्त भी जारी रहेगी।
प्रशासन की प्राथमिकता: शांतिपूर्ण और सुरक्षित दर्शन
भेलूपुर के एसीपी गौरव कुमार ने सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मां कुष्मांडा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। दुर्गा मंदिर और उसके आसपास के रास्तों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। ड्रोन के जरिए निगरानी और सादे कपड़ों में पुलिस बल की मौजूदगी से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जा रहा है।
एसीपी ने आगे कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नवरात्र के इस पवित्र अवसर पर मंदिर क्षेत्र में भीड़ को व्यवस्थित रखना और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना को रोकना पुलिस की मुख्य जिम्मेदारी है। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि सभी भक्त बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण माहौल में मां कुष्मांडा के दर्शन-पूजन कर सकें और यह पावन पर्व श्रद्धा, उल्लास व अनुशासन के साथ संपन्न हो सके।