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वाराणसी में बदला मौसम का मिजाज, झमाझम बारिश से लुढ़का पारा

वाराणसी में बदला मौसम का मिजाज, झमाझम बारिश से लुढ़का पारा

काशी की फिजा में इन दिनों एक अजीब सा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। जहां सुबह और दोपहर के वक्त सूर्यदेव अपनी पूरी धमक दिखाते हुए कड़ी धूप से शहर को तपाते हैं, वहीं रात होते-होते बादलों का मिजाज कुछ ऐसा बदलता है कि पूरा शहर सुहाने मौसम की आगोश में समा जाता है। शुक्रवार का दिन इसका सबसे ताज़ा और जीवंत उदाहरण रहा, जब दिनभर की उमस और चिलचिलाती धूप के बाद रात के वक्त आसमान से राहत की बूंदें झड़ीं।

दिनभर की तपन के बाद रात में झमाझम

शुक्रवार का पूरा दिन वाराणसी और उसके आसपास के इलाकों में तेज हवाओं और कड़ी धूप के नाम रहा। सुबह से ही हवा की रफ्तार 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास दर्ज की गई, जिससे वातावरण में नमी (Humidity) का स्तर बढ़कर 91 फीसदी तक पहुंच गया। नमी और धूप के इस मेल ने लोगों को भारी उमस और बेचैनी से दो-चार कराया।

लेकिन जैसे ही घड़ी की सुइयां रात की तरफ बढ़ीं, मौसम ने यू-टर्न ले लिया। आसमान में अचानक घने बादल घिर आए और तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बादलों की गडग़ड़ाहट और बिजली की कड़क के बीच हुई इस बारिश ने कुछ ही पलों में पूरे शहर के तापमान में भारी गिरावट दर्ज करा दी। रात करीब साढ़े नौ बजे तक पारा गिरकर 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया, जिससे लोगों ने चैन की सांस ली।

तापमान के आंकड़े और राहत की फुहारें

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को वाराणसी में दिन का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। खास बात यह रही कि दिन और रात दोनों का ही तापमान इस सीजन के सामान्य औसत से करीब एक डिग्री सेल्सियस कम रहा, जिससे मौसम में एक हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है।

हालांकि, मूसलाधार बारिश के चलते शहर के कुछ निचले और जलभराव वाले इलाकों में थोड़ी देर के लिए पानी जरूर जमा हुआ, लेकिन उमस से त्रस्त आम जनजीवन के लिए यह बारिश किसी टॉनिक से कम साबित नहीं हुई।

आगे कैसा रहेगा मौसम? क्या कहते हैं विशेषज्ञ

काशी के मौसम को लेकर लोगों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या यह बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा या नहीं। इस पर मौसम विज्ञानियों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।

प्रमुख बिंदु:

  • चार दिनों का अनुमान: मौसम विभाग की ओर से आगामी चार दिनों के लिए भारी बारिश या किसी बड़े अलर्ट को जारी नहीं किया गया है।
  • छिटपुट बारिश की संभावना: हालांकि, विभाग का कहना है कि आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ चुनिंदा स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें या बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
  • सक्रिय तंत्र का अभाव: मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में राजस्थान के श्रीगंगानगर, चूरू, शिवपुरी, दमोह और बिलासपुर से निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) का केंद्र होते हुए पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी की तरफ दक्षिण की ओर खिसकने के कारण उत्तर प्रदेश में फिलहाल कोई बड़ा और सक्रिय मौसम सिस्टम एक्टिव नहीं है।

किसानों और आम नागरिकों के लिए सलाह

चूंकि अभी मानसून की विदाई और मौसम के बदलाव का दौर चल रहा है, इसलिए दिन के वक्त तीखी धूप और रात में हल्की ठंडक या बारिश का यह मिला-जुला रूप सेहत पर असर डाल सकता है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस बदलते मौसम में खासकर बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं, किसानों के लिए भी यह समय अपनी फसलों की देखरेख के लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि तापमान में उतार-चढ़ाव और अचानक होने वाली छिटपुट बारिश कृषि गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।

फिलहाल, काशीवासियों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिल चुकी है और आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के इसी सुहाने बने रहने की उम्मीद है। शहरवासी सुबह की गुनगुनी धूप और रात की ठंडी हवाओं के इस दौर का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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