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वाराणसी में मौसम का यूटर्न: उमस भरी गर्मी के बीच झमाझम बारिश के नए आसार, जानें लेटेस्ट अपडेट

वाराणसी में मौसम का यूटर्न: उमस भरी गर्मी के बीच झमाझम बारिश के नए आसार, जानें लेटेस्ट अपडेट

बनारस यानी काशी की फिजा इन दिनों बेहद अजीब दौर से गुजर रही है। देवाधिदेव महादेव की नगरी में सितंबर के इस पखवाड़े में आसमान का मिजाज पल-पल पर रंग बदल रहा है। कभी बादलों की आंख मिचौली तो कभी सूरज की तीखी किरणें शहरवासियों के माथे पर पसीने की बूंदें ला रही हैं। शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भी वाराणसी के मौसम में यही लुकाछिपी का खेल लगातार जारी है। सुबह की शुरुआत भले ही सुहाने बादलों के साथ हुई हो, लेकिन दोपहर चढ़ते-चढ़ते धूप ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया, जिससे शहर में उमस का स्तर काफी बढ़ गया है।

तापमान और नमी का ऐसा है हाल

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, आज वाराणसी में तापमान करीब 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। सुबह के वक्त हवा में नमी (Humidity) का स्तर 79 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जो इस बात का गवाह है कि बादलों की मौजूदगी के बावजूद वातावरण में भारी चिपचिपाहट बनी हुई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाएं लोगों को थोड़ी बहुत राहत जरूर दे रही हैं, लेकिन धूप निकलते ही गर्मी का अहसास फिर से तीखा हो जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से शहर के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन बारिश न होने की वजह से उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। गंगा घाटों पर टहलने वाले सैलानी और स्थानीय नागरिक भी इस दोतरफा मौसम से परेशान नजर आ रहे हैं।

मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान: क्या बरगद बरसेंगे बदरा?

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज दिन भर रुक-रुक कर बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। पिछले दो-तीन दिनों के मौसम के पैटर्न को अगर देखें, तो मौसम विभाग के अनुमान काफी हद तक सटीक साबित हुए हैं। मंगलवार और बुधवार को हुई झमाझम बारिश ने शहर के तापमान में भले ही थोड़ी गिरावट दर्ज कराई थी, लेकिन उसके बाद से धूप और बादलों की जो आंख-मिचौली शुरू हुई, उसने उमस को और बढ़ा दिया है।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आसमान में लगातार मंडरा रहे काले बादल किसी भी समय बरस सकते हैं। यदि दोपहर या शाम के वक्त अच्छी बारिश होती है, तो अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे आम जनता को इस उमस भरे माहौल से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन और आम जनजीवन पर असर

  • अचानक बदलते मौसम के कारण दैनिक जीवन पर भी इसका असर साफ देखा जा सकता है:
  • यातायात: अचानक होने वाली बूंदाबांदी या हल्की बारिश से सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है, जिससे वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
  • स्वास्थ्य: इस तरह के उमस भरे और परिवर्तनशील मौसम में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को खानपान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
  • पर्यटन: काशी आने वाले पर्यटकों को भी गंगा घाटों पर घूमते समय इस बदलते मौसम का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, बारिश होने पर मौसम बेहद खुशनुमा हो जाता है, जिसका आनंद लेने के लिए पर्यटक खासे उत्सुक रहते हैं।

आगे कैसा रहेगा मौसम का रुख?

फिलहाल मौसम विभाग की नजरें बादलों की चाल पर टिकी हुई हैं। मानसून की विदाई से पहले उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में इस तरह की छिटपुट और लोकल ट्रेन सिस्टम वाली बारिश आम मानी जाती है। आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान यदि हवा की दिशा में बदलाव होता है और बारिश का दायरा बढ़ता है, तो तापमान में और अधिक कमी देखने को मिल सकती है।

बनारस के मौसम का यह उतार-चढ़ाव कब थमेगा और कब पूरी तरह झमाझम बारिश होगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल शहरवासियों को उमस से बचने के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। आप भी अगर आज बाहर निकलने की सोच रहे हैं, तो अपने साथ छाता रखना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि बाबा विश्वनाथ की नगरी में बादलों का मिजाज कब बदल जाए, यह कह पाना फिलहाल मुश्किल है।

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रोली सिंह

रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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