यरुशलम। इजरायल में हुए आम चुनावों के परिणाम आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। देश में त्रिशंकु संसद की स्थिति बनने और किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत न मिलने के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप और देश के इस्लामीकरण की गहरी साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है।
गुरुवार को पूरी हुई मतगणना के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 120 सीटों वाली इजरायली संसद (नीसेट) में किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आवश्यक 61 सीटों का जादुई आंकड़ा हासिल नहीं हुआ है। इस त्रिशंकु जनादेश के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बुधवार को ही चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और विदेशी ताकतों के दखल का दावा करना शुरू कर दिया था।
नेतन्याहू के आरोप और शिन बेट को जांच के निर्देश
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर अपने एक पोस्ट में इस पूरे घटनाक्रम को 'राएमगेट' करार देते हुए इसे इजरायली चुनाव व्यवस्था के लिए एक भूकंप के समान बताया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणामों को अपने पक्ष में मोड़ने और प्रभावित करने के लिए मतदाताओं को रिश्वत दी गई है। उनके अनुसार, यह देश की संसद पर कब्जा करने और इजरायल के इस्लामीकरण की सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। नेतन्याहू ने इस सिलसिले में कतर और तुर्किये पर भी सीधा निशाना साधा है। हालांकि, कतर ने इजरायली चुनावों में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप के इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है।
प्रधानमंत्री के इन गंभीर आरोपों का संज्ञान लेते हुए चुनाव समिति के प्रमुख जस्टिस नोआम सोलबर्ग ने विदेशी धन के इस्तेमाल से चुनाव को प्रभावित किए जाने के मामले की जांच देश की खुफिया एजेंसी 'शिन बेट' को सौंप दी है। इसके साथ ही, देश के राष्ट्रपति आइजक हरजोग ने भी सभी संबंधित तथ्यों और आरोपों की जांच प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
त्रिशंकु संसद की स्थिति और दलों का सीटों का गणित
120 सीटों वाली नीसेट में सरकार गठन के लिए न्यूनतम 61 सीटों की आवश्यकता होती है, लेकिन ताजा चुनाव परिणामों में कोई भी गठबंधन इस आंकड़े तक नहीं पहुंच सका है। मतगणना के अनुसार:
- प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अकेले 27 सीटों पर जीत दर्ज की है और वह देश का सबसे बड़ा दल बनकर उभरी है। उनके नेतृत्व वाले गठबंधन को कुल 53 सीटें मिली हैं।
- उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी गठबंधन के नेता गादी आइसेनकोट की याशर पार्टी को 21 सीटों पर सफलता मिली है। इस गठबंधन के खाते में कुल 48 सीटें आई हैं।
- अरब पार्टियों के गठबंधन ने अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए कुल 19 सीटों पर जीत हासिल की है। इसमें राएम पार्टी ने 8 सीटें और ज्वाइंट लिस्ट पार्टी ने 11 सीटों पर कब्जा जमाया है।
अरब पार्टियों की सफलता पर सवाल और आगे की स्थिति
अरब पार्टियों के इस अप्रत्याशित प्रदर्शन और 19 सीटें जीतने के बाद ही नेतन्याहू ने चुनाव में विदेशी धन और बाहरी हस्तक्षेप का मुद्दा जोर-शोर से उठाया है। उल्लेखनीय है कि इजरायल में रहने वाले अधिकांश अरब मूल के लोग फलस्तीनी हैं, जो देश की कुल आबादी का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा हैं।
इससे पहले राएम पार्टी वर्ष 2021 में नाफ्ताली बेनेट और याइर लैपिड के नेतृत्व वाली तत्कालीन सत्तारूढ़ सरकारों का हिस्सा रह चुकी है। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने देश के सभी यहूदी दलों से यह आह्वान किया है कि वे आठ सीटों पर जीतने वाली राएम और 11 सीटों पर जीतने वाली ज्वाइंट लिस्ट जैसी अरब पार्टियों के साथ किसी भी प्रकार का राजनीतिक गठबंधन न बनाएं।