ढाका में तुराग नदी के पास मिला पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट का शव, कुछ हफ्ते पहले एक पॉडकास्ट में शेख हसीना के देश छोड़ने के वीडियो और RAW से जुड़े आरोपों पर दी थी सफाई
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में तुराग नदी के पास वायु सेना के एक पूर्व अधिकारी का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। मृत अधिकारी की पहचान 28 वर्षीय पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट तहसीफ सौरी के रूप में हुई है, जो घटना से एक दिन पहले ही लापता हो गए थे। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में उनके शरीर पर बाहरी चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं, हालांकि उनकी नाक से खून बह रहा था। शव को पोस्टमार्टम के लिए शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है।
हसीना सरकार के पतन के लगभग एक साल बाद सौरी को सेवा से सेवानिवृत्त कर दिया गया था। उनकी इस रहस्यमयी मौत के बाद उनका एक पुराना पॉडकास्ट इंटरव्यू तेजी से चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़कर भागने का वीडियो रिकॉर्ड करने और वायरल करने के आरोपों पर खुलकर बात की थी।
पॉडकास्ट में क्या बोले थे तहसीफ सौरी?
'ढाका ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान होस्ट ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया था जिसमें दावा किया गया था कि हसीना के देश छोड़ने का फुटेज कुर्मीटोला हवाई अड्डे पर रिकॉर्ड किया गया था और इसे सौरी तथा फ्लाइट लेफ्टिनेंट रिफत अशरफी ने आगे फैलाया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि उनका नाम बांग्लादेश वायु सेना के भीतर भारत की रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) की कथित संलिप्तता की जांच से जोड़ा गया था।
इन आरोपों का जवाब देते हुए सौरी ने सवाल उठाया था कि यदि उन्होंने वीडियो रिकॉर्ड किया या फैलाया भी था, तो इसके क्या सबूत हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या इसी वजह से उन्हें वायु सेना से निकाला गया, तो उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है, लेकिन वे पूरी जानकारी साझा नहीं कर सकते। उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह की मीडिया रिपोर्टों के बाद उन्हें भारी सामाजिक शर्मिंदगी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था।
RAW के साथ संबंधों के आरोपों को बताया था बेतुका
सौरी ने वायु सेना में RAW की मिलीभगत के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह प्रोपगैंडा बताया था। उन्होंने कहा था, 'यदि मेरा RAW से कोई संबंध होता, तो मैं बांग्लादेश में क्यों रहता? यदि मैं इससे जुड़ा होता, तो मैं सार्वजनिक रूप से क्यों बोलता?' उन्होंने यह भी दावा किया था कि इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) निदेशालय ने भी स्पष्ट किया था कि उनकी ऐसी कोई संलिप्तता नहीं है। हालांकि, इंटरव्यू के दौरान उन्होंने वीडियो से अपने संबंधों की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया था। उन्होंने अपना पासपोर्ट रोके जाने पर भी गहरी नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया था।
परिवार के आरोप और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
सौरी के पिता केएम करीम हेलाल ने संवाददाताओं को बताया कि मंगलवार शाम को उनके बेटे का एक परिचित उसे घर से बाहर ले गया था। हेलाल के अनुसार, तहसीफ ने बुधवार तड़के करीब 1:30 बजे अपनी मां को संदेश भेजकर जल्द लौटने की बात कही थी, लेकिन वह कभी वापस नहीं लौटा।
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने मीडिया से कहा कि पुलिस की शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कोई आधिकारिक टिप्पणी की जाएगी। वहीं, शेख हसीना के पूर्व सहयोगी अशरफुल आलम खोकन ने सवाल उठाया है कि क्या मीडिया रिपोर्टों के जरिए सौरी को जानबूझकर निशाना बनाया गया था ताकि उन्हें रास्ते से हटाया जा सके। उन्होंने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार के दौर की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। इस बीच, सेना के जनसंपर्क निदेशालय (ISPR) ने अपने पुराने बयानों को दोहराते हुए साफ किया है कि सौरी के खिलाफ कार्रवाई का वीडियो लीक करने से कोई संबंध नहीं था।