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ज जॉर्जिया मेलोनी ने रचा इतिहास, तोड़ा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

ज जॉर्जिया मेलोनी ने रचा इतिहास, तोड़ा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

रोम की राजनीति के गलियारों में इस समय एक नया इतिहास लिखा जा चुका है। यूरोपीय संघ के सबसे प्रभावशाली देशों में शुमार इटली की राजनीति में एक लंबे समय से चली आ रही स्थिरता की तलाश को आखिरकार एक मुकाम मिला है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने अपने कार्यकाल के 1,413 दिन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस अहम आंकड़े के साथ ही मेलोनी प्रशासन ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अब तक की इटली की सबसे लंबे समय तक लगातार चलने वाली सरकार होने का बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

सिल्वियो बर्लुस्कोनी का दशकों पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त

इटली के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो सरकारों का लंबे समय तक टिक पाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। यहाँ अक्सर राजनीतिक उथल-पुथल के कारण सरकारें जल्दी गिर जाती हैं। ऐसे में जॉर्जिया मेलोनी की यह उपलब्धि बेहद खास मानी जा रही है। मेलोनी सरकार ने देश के दिग्गज नेता माने जाने वाले सिल्वियो बर्लुस्कोनी की सरकार के कार्यकाल के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। बर्लुस्कोनी का राजनीतिक कद इटली में सर्वविदित रहा है, लेकिन मेलोनी ने राजनीतिक दृढ़ता का परिचय देते हुए उनके इस रिकॉर्ड को तोड़कर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इटली जैसे देश में, जहां राजनीतिक गठबंधन अक्सर कमजोर साबित होते हैं और सरकारें कुछ ही महीनों या एक-दो साल में बिखर जाती हैं, वहाँ 1,413 दिनों का सफर तय करना किसी राजनीतिक चमत्कार से कम नहीं है। यह इस बात का प्रमाण है कि मेलोनी के नेतृत्व में उनकी पार्टी और गठबंधन सहयोगियों के बीच एक मजबूत तालमेल रहा है।

अक्टूबर 2022 से शुरू हुआ था बदलाव का सफर

याद दिला दें कि अक्टूबर 2022 में जॉर्जिया मेलोनी ने इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में देश की कमान संभाली थी। जब उन्होंने कार्यभार संभाला था, तब देश और दुनिया के सामने कई तरह की आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियां थीं। आलोचकों को आशंका थी कि दक्षिणपंथी झुकाव वाली यह सरकार शायद ही ज्यादा दिन टिक पाएगी। हालांकि, मेलोनी ने अपने आलोचकों को अपने काम और नीतियों से करारा जवाब दिया।

सत्ता में आने के बाद से ही मेलोनी ने अपनी छवि को एक कट्टरपंथी राजनेता से बदलकर एक व्यावहारिक और सुलझे हुए प्रशासक के रूप में ढालना शुरू किया। उन्होंने यूरोपीय संस्थाओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखा और सहयोग का हाथ बढ़ाया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इटली की साख मजबूत हुई।

इन तीन स्तंभों पर टिकी है मेलोनी की राजनीतिक सफलता

जॉर्जिया मेलोनी के इस लंबे और स्थिर कार्यकाल के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़ी नीतियां और रणनीतियां काम कर रही हैं:

  • यूरोपीय संस्थाओं के साथ सहयोगात्मक रुख: कार्यभार संभालते ही मेलोनी ने यह स्पष्ट कर दिया था कि यूरोपीय संघ (EU) के साथ टकराव इटली के हित में नहीं है। उन्होंने कूटनीतिक परिपक्वता दिखाते हुए ब्रसेल्स के साथ मजबूत और सकारात्मक संबंध बनाए रखे।
  • कड़ा वित्तीय अनुशासन: वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी और महंगाई के इस दौर में मेलोनी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए सख्त वित्तीय अनुशासन अपनाया। सरकारी खर्चों पर नियंत्रण और निवेशकों का भरोसा जीतना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा।
  • यूक्रेन को अटूट समर्थन: अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में मेलोनी ने पश्चिमी देशों के साथ कदम मिलाते हुए यूक्रेन के प्रति अपना समर्थन खुलकर जाहिर किया। भू-राजनीतिक मोर्चे पर उनके इस स्पष्ट रुख को ग्लोबल मंच पर काफी सराहना मिली।

भविष्य की राह और चुनौतियां

वर्ष 2026 के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में देखें तो यह रिकॉर्ड केवल आंकड़ों की बाजीगरी नहीं है, बल्कि यह इटली की जनता का मौजूदा नेतृत्व पर अटूट भरोसे को भी दर्शाता है। हालांकि, राजनीति की दुनिया में चुनौतियां कभी खत्म नहीं होतीं। घरेलू मोर्चे पर महंगाई, रोजगार और आप्रवासन जैसे कई ज्वलंत मुद्दे आज भी बने हुए हैं, जिनसे निपटना मेलोनी सरकार के लिए आगामी महीनों में भी बड़ी परीक्षा होगी।

फिलहाल, इस रिकॉर्ड को बनाने के बाद जॉर्जिया मेलोनी ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और व्यावहारिक राजनीति के दम पर लंबे समय तक सत्ता में बने रहना और बड़े बदलाव लाना संभव है। आने वाले समय में उनकी यह राजनीतिक सफलता यूरोप की अन्य दक्षिणपंथी पार्टियों और नेताओं के लिए भी एक बड़ा उदाहरण बन सकती है।

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ममता पाठक

ममता पाठक

Chief Editor

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

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