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चक्रवात 'अर्नब' का असर: भागलपुर में बदली आबोहवा, बारिश और वज्रपात की चेतावनी

चक्रवात 'अर्नब' का असर: भागलपुर में बदली आबोहवा, बारिश और वज्रपात की चेतावनी

बंगाल की खाड़ी की नमी और चक्रवात 'अर्नब' के अवशेषों के चलते भागलपुर समेत पूर्वी बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। बुधवार दोपहर से आसमान में घने बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी शुरू होने के साथ ही अगले दो दिनों तक मौसम के मिजाज में तीखे तेवर बने रहने के आसार हैं।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय रहे भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के कमजोर पड़ने के बाद इसके अवशेष परिसंचरण (Residual Circulation) और समुद्र से आ रही भारी नमी का सीधा प्रभाव बिहार तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मौसमी हलचल के कारण भागलपुर जिले में गुरुवार को हल्की से मध्यम वर्षा की प्रबल संभावना है, जबकि शुक्रवार को बारिश की गतिविधियों में और अधिक तेजी आने की चेतावनी जारी की गई है।

चक्रवात का लैंडफॉल और तटीय प्रभाव

चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने पिछले दिनों 28 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार रात दो बजे से सुबह आठ बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार किया था। बापटला और विशाखापत्तनम के बीच हुए इस लैंडफॉल के समय तटीय क्षेत्रों में 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की निरंतर रफ्तार से हवाएं चली थीं और इसके झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गए थे। हालांकि तट पार करने के बाद यह तूफान धीरे-धीरे कमजोर पड़ गया, लेकिन इसके अवशेषों ने उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दूरदराज के राज्यों के वायुमंडल को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

नमी और हवाओं के टकराव से बिगड़ा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मौसमी सिस्टम भले ही अगले 48 घंटों में पूरी तरह कमजोर हो जाए, किंतु इससे जुड़ा अवशेष परिसंचरण वर्तमान में बिहार और विशेषकर पूर्वी बिहार के वायुमंडल में पूरी तरह सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी, निचले वायुमंडल में विपरीत हवाओं के अभिसरण (Convergence) और ऊपर उठती नम हवाओं की वजह से इलाके में घने बादल तेजी से बन रहे हैं। इसी वजह से बुधवार दोपहर से ही भागलपुर के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई है।

शुक्रवार को भारी बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट

प्रशासन और मौसम विभाग ने भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। जिले में गुरुवार को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछेक जगहों पर भारी बौछारें पड़ने की आशंका है। इस दौरान बादलों की गरज, आकाशीय बिजली यानी वज्रपात चमकने और तेज रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं।

विशेष रूप से शुक्रवार को वर्षा की तीव्रता काफी बढ़ सकती है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि तूफान का बचा हुआ परिसंचरण किस गति और दिशा में आगे बढ़ता है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। खराब मौसम और मेघ गर्जन के समय लोगों को खुले स्थानों, खेतों या बड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी गई है।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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