पारिवारिक कलह ने लिया खूनी रूप, पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर सुलझाई अंधी हत्या की गुत्थी
पटना जिले के नौबतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेवां पुल के पास 9 अक्टूबर 2026 की रात को हुए चर्चित मिट्ठू हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस वारदात में किसी बाहरी गिरोह का हाथ नहीं था, बल्कि पारिवारिक कलह के चलते खून का रिश्ता ही खूनी खेल में बदल गया। पुलिस ने त्वरित और गहन जांच के बाद मुख्य साजिशकर्ता समेत घटना में शामिल कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस अधीक्षक चंद्रप्रकाश ने मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए मीडिया को जानकारी दी कि मृतक मिट्ठू का अपने घर में अक्सर विवाद होता रहता था। इसी पारिवारिक और आपसी कलह से तंग आकर उसके छोटे भाई सोहन ने अपने बड़े भाई को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची। सोहन ने दुल्हिनबाजार क्षेत्र के अपने कुछ परिचितों से संपर्क साधा और मिट्ठू को मौत के घाट उतारने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये में सुपारी तय की। पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत 9 अक्टूबर की रात नेवां पुल के पास इस वारदात को अंजाम दिया गया।
वारदात के बाद पटना पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल सर्विलांस और स्थानीय स्तर पर जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया। डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों की कड़ियों को आपस में जोड़ते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मुख्य साजिशकर्ता छोटे भाई सोहन के साथ-साथ इस वारदात में शामिल अन्य तीन आरोपियों को भी दबोच लिया। पकड़े गए अन्य तीनों आरोपी सुपारी किलिंग से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिनकी पहचान दुल्हिनबाजार निवासी शंकर, आशीष और अभिनय उर्फ सूरज उर्फ भूरी के रूप में हुई है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और कारतूस भी बरामद कर लिए हैं। इनमें एक देसी पिस्टल, दो मैगजीन और सात जिंदा कारतूस शामिल हैं। पुलिस प्रशासन ने आवश्यक कागजी कानूनी प्रक्रिया और आरोपियों से कड़ी पूछताछ पूरी करने के बाद सभी चारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में पुख्ता चार्जशीट दाखिल कर स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जा सके।