त्योहारी सीजन में दिल्ली-एनएच-9 पर ऑटो चालकों की बेलगाम मनमानी और बेतरतीब पार्किंग ने आम जनता का सफर मुश्किल कर दिया है। नोएडा और गाजियाबाद सीमा से गुजरने वाले इस व्यस्त मार्ग पर यातायात पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है, जहां पुलिसकर्मी तैनात होने के बावजूद जाम खुलवाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 का संयुक्त हिस्सा कहे जाने वाले इस मार्ग पर वाहन चालकों को रोज ही भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि नोएडा के सेक्टर-62 कट से लेकर इंदिरापुरम के साया गोल्ड सोसायटी, कनावनी कट और नोएडा के छिजारसी कट तक ऑटो चालकों ने अवैध अड्डों पर कब्जा जमा रखा है। त्योहारी सीजन के दौरान सड़कों पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ गया है, लेकिन गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर दोनों जिलों की यातायात पुलिस इस समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है।
प्रमुख जाम प्वाइंट और ऑटो चालकों का कब्जा
एनएच-9 पर पड़ताल के दौरान सामने आया कि रोड इंजीनियरिंग की कमियों के साथ-साथ ऑटो चालकों की बेतरतीब वाहन पार्किंग मुख्य समस्या बनी हुई है। नोएडा सेक्टर-62 कट से करीब 200 मीटर पहले से ही ऑटो की कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं और वे कट के दोनों छोर को पूरी तरह घेर लेते हैं। इसी प्रकार, इंदिरापुरम में साया गोल्ड सोसायटी के सामने रोडवेज बसों को तो बैरिकेडिंग के भीतर खड़ा कराया जाता है, लेकिन उसके ठीक बाहर ऑटो चालक कई-कई लेन में अपने वाहन खड़े कर देते हैं। कनावनी कट और छिजारसी कट का भी यही हाल है, जहां आम वाहन चालकों को सड़क से गुजरने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
यातायात पुलिस की भूमिका और आम जनता का दर्द
इन व्यस्त चौराहों और कटों पर यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती तो की गई है, लेकिन उनकी मौजूदगी का कोई खास असर दिखाई नहीं देता। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिसकर्मी आम दोपहिया या चौपहिया चालकों के चालान काटने में तो मुस्तैदी दिखाते हैं, लेकिन सड़क घेरकर खड़े होने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने से बचते हैं।
इलाके के निवासी यतिन पंडित का कहना है कि ऑटो चालक पूरी सड़क घेरकर खड़े रहते हैं और लगातार हॉर्न बजाने के बावजूद रास्ता नहीं छोड़ते। वहीं, इंदिरापुरम के रहने वाले अंशुमान बोस का कहना है कि एनएच-9 पर ऐसा कोई समय नहीं बचा है जब लोग यहां से आसानी से निकल सकें। हर समय यहां ट्रैफिक रेंगता रहता है।
त्योहारी सीजन में प्रशासनिक दावे हवा-हवाई
त्योहारों के मद्देनजर यातायात पुलिस की तरफ से बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन एनएच-9 पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती नहीं की गई। त्योहारी सीजन में खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के कारण इस मार्ग पर वाहनों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। पुलिसकर्मियों की संख्या कम होने के कारण स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है और वाहन चालकों को रोजाना घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है।
अधिकारियों का पक्ष
गाजियाबाद के डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऑटो चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है और यातायात संचालन के लिए मुख्य स्थानों पर पुलिस बल तैनात है। स्थिति का निरीक्षण कर व्यवस्था में और सुधार किया जाएगा। वहीं, गौतमबुद्ध नगर के डीसीपी ट्रैफिक सैय्यद अली अब्बास ने आश्वासन दिया है कि नोएडा सेक्टर-62 समेत अन्य प्वाइंट्स पर निरीक्षण कराकर बेतरतीब खड़े होने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और जाम से निजात दिलाने के लिए एक विशेष योजना के तहत काम किया जाएगा।