रविवार शाम पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में मिलन गार्डन के पास एक निर्माणाधीन अवैध मकान का लेंटर गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मलबे में फंसे एक अन्य व्यक्ति की तलाश के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य बचाव दलों का अभियान जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। देर रात स्थिति का जायजा लेने के लिए मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें शुरुआती समय से ही राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
शाम को ही डाला गया था लेंटर
जिला पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल के अनुसार, पुलिस को इस हादसे की सूचना रविवार शाम करीब 6 बजकर 46 मिनट पर मिली थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि 200 गज जमीन पर भू-तल का निर्माण पहले ही हो चुका था, जिसके ऊपर पहली मंजिल का निर्माण कार्य चल रहा था। रविवार के दिन ही पहली मंजिल पर लेंटर डालने का काम किया गया था, जो शाम करीब 5 बजे तक पूरा हुआ था। लेंटर डलने के कुछ ही देर बाद वह अचानक भरभरा कर नीचे आ गिरा, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी
हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, दमकल विभाग और स्थानीय थाने की पुलिस फौरन मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। रात के समय ही मलबे से एक कर्मचारी का शव बरामद कर लिया गया था, जबकि दूसरे मजदूर का शव सोमवार सुबह निकाला जा सका। मलबे को पूरी तरह हटाने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और अंदर दबे अन्य लोगों की स्थिति के बारे में पूरी स्पष्टता मिल सकेगी।
पुलिस की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई
इस पूरे मामले को लेकर हर्ष विहार थाना पुलिस ने निर्माण से जुड़े पक्षों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने इस सिलसिले में कुलविंदर तंवर से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। अवैध निर्माण के इस मामले में स्थानीय निकायों की भूमिका और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर भी जांच के दायरे में आने की संभावना है।