दिल्ली में वायु प्रदूषण ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, AQI 687 दर्ज। राजधानी में 5 से 20 नवंबर तक निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक लगाई गई।
राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, प्रशासन ने दीपावली तक हालात गंभीर बने रहने की आशंका जताई
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक स्तर को पार कर लिया है। शहर में हवा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है, जिससे नागरिकों के लिए सांस लेना मुहाल हो गया है। विभिन्न इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आंकड़े चिंताजनक रूप से ऊंचे दर्ज किए जा रहे हैं, जिसे विशेषज्ञों और प्रशासनिक निकायों द्वारा बेहद खराब श्रेणी में रखा गया है।
प्रशासनिक स्तर पर तमाम कोशिशों और दावों के बावजूद राजधानी की हवा में किसी भी तरह का सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। मौसम और प्रदूषण के मौजूदा रुख को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि दीपावली के त्योहार तक दिल्ली की हवा इसी तरह जहरीली बनी रहेगी।
गुरुवार को दर्ज किया गया रिकॉर्ड AQI
हालिया आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बढ़कर 687 तक पहुंच गया है। इससे पहले के दिनों में भी स्थिति काफी भयावह बनी हुई थी। कुछ समय पहले तक वायु गुणवत्ता सूचकांक 482 के आसपास रिकॉर्ड किया गया था, जो लगातार बढ़कर 687 के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में प्रदूषण का स्तर तय मानकों से कई गुना अधिक बना हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों को आंखों में जलन और सांस लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
5 से 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर सख्त पाबंदी
बढ़ते प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने और स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए सरकार एवं संबंधित प्राधिकरणों ने कड़े कदम उठाए हैं। राजधानी में 5 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। यह प्रतिबंध इसलिए लागू किया गया है ताकि निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल और अन्य प्रदूषणकारी तत्वों को रोका जा सके और वातावरण को और अधिक जहरीला होने से बचाया जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के प्रतिबंधों से भले ही आने वाले दिनों में कुछ विकास कार्यों और परियोजनाओं की गति पर असर पड़ सकता है, लेकिन मौजूदा स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति को देखते हुए यह कदम बेहद आवश्यक और अनिवार्य हो जाता है।