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15 बार रिजेक्शन के बाद इंजीनियर ने अमेज़न में पाई 1.1 करोड़ की नौकरी

15 बार रिजेक्शन के बाद इंजीनियर ने अमेज़न में पाई 1.1 करोड़ की नौकरी

सफलता का रास्ता कभी भी सीधा नहीं होता। कई बार मंजिल तक पहुंचने से पहले रास्ते के कांटे आपके कदमों को रोकने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन असली वही है जो हार न माने। आज के इस दौर में जहां एक या दो बार असफल होने पर युवा निराश होकर बैठ जाते हैं, वहीं कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो हर एक असफलता को अपनी सीढ़ी बनाते हैं। ऐसी ही एक कहानी इन दिनों सोशल मीडिया और टेक जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने हार न मानते हुए ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसके बारे में सोचकर ही अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं।

पंद्रह बार का कड़वा सच और अमेज़न का दरवाजा

दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स और टेक दिग्गज कंपनियों में शुमार 'अमेज़न' (Amazon) में काम करने का सपना हर उस शख्स का होता है जो कंप्यूटर साइंस या इंजीनियरिंग की दुनिया से ताल्लुक रखता है। लेकिन इस कंपनी की रिक्रूटमेंट प्रोसेस दुनिया की सबसे कठिन प्रक्रियाओं में गिनी जाती है। गांतव्य मालवीय नाम के एक युवा इंजीनियर ने इसी सपने को सच करने की ठानी थी।

गांतव्य के लिए यह सफर किसी कांटे भरे रास्ते से कम नहीं था। उन्हें एक या दो बार नहीं, बल्कि पूरे 15 बार अमेज़न की तरफ से रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। सोचिए, जब कोई उम्मीदवार लगातार पंद्रहवीं बार यह सुने कि 'We are moving forward with other candidates', तो उसका मनोबल किस हद तक टूट सकता है। अमूमन लोग पांचवीं या छठी बार के बाद अपनी किस्मत को कोसना शुरू कर देते हैं और फील्ड बदल लेते हैं। लेकिन गांतव्य का जिगर कुछ अलग ही मिट्टी का बना था।

जर्मनी से चमकी किस्मत, मिला 1.1 करोड़ का बंपर पैकेज

अमेज़न से बार-बार निराशा मिलने के बावजूद गांतव्य ने अपनी कोडिंग स्किल्स, प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटी और धैर्य को कमजोर नहीं पड़ने दिया। आखिरकार उनकी वर्षों की मेहनत रंग लाई और जर्मनी की धरती पर उनके लिए सफलता के नए द्वार खुले। जर्मनी में उन्हें एक बेहतरीन टेक रोल के लिए चुना गया, जिसका सालाना पैकेज जानकर हर कोई हैरान है। गांतव्य को जो ऑफर लेटर मिला, उसमें उनका सालाना पैकेज 1.1 करोड़ रुपये (लगभग 1.1 Crore INR) आंका गया।

यह सिर्फ एक नौकरी का ऑफर नहीं था, बल्कि यह उस जिद और जुनून की जीत थी जो 15 बार के रिजेक्शन के बाद भी बुझी नहीं थी। आज के दौर में जब वैश्विक स्तर पर मंदी और छंटनी (Layoffs) का माहौल चल रहा है, ऐसे में एक करोड़ से ज्यादा का पैकेज हासिल करना अपने आप में एक मिसाल है।

कैरियर में असफलता से कैसे निपटें?

गांतव्य मालवीय की यह कहानी उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ा सबक है जो अपने करियर के शुरुआती दौर में या इंटरव्यू में मिलने वाले रिजेक्शन से हताश हो जाते हैं। कॉर्पोरेट जगत के जानकारों का मानना है कि असफलता का मतलब यह नहीं होता कि आप योग्य नहीं हैं, बल्कि इसका मतलब यह होता है कि आपको खुद को और अधिक तराशने की जरूरत है।

  • कमियों की पहचान करें: हर रिजेक्शन के बाद निराश होने के बजाय यह विश्लेषण करें कि इंटरव्यू में कहां कमी रह गई थी।
  • स्किल अपग्रेड करें: टेक इंडस्ट्री बहुत तेजी से बदलती है। नए टूल्स, एल्गोरिदम और प्रोग्रामिंग भाषाओं को सीखते रहें।
  • धैर्य न खोएं: रिजेक्शन केवल एक प्रक्रिया का हिस्सा है, आपके टैलेंट का अंतिम पैमाना नहीं।
  • आत्मविश्वास बनाए रखें: खुद पर भरोसा रखना सबसे बड़ी पूंजी है।

सोशल मीडिया पर छाई कहानी

जब से गांतव्य ने अपनी इस अद्भुत सफलता की कहानी लिंक्डइन और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा की है, तब से लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। टेक कम्युनिटी के दिग्गजों से लेकर आम छात्र तक उनकी इस 'कभी हार न मानने वाली' (Never Give Up) प्रवृत्ति को सलाम कर रहे हैं।

यह वाकया एक बार फिर साबित करता है कि किस्मत भी उन्हीं का साथ देती है जो लगातार कोशिश करना नहीं छोड़ते। अगर आप भी किसी प्रतियोगी परीक्षा, इंटरव्यू या जॉब हंट में असफलताओं से घिरे हैं, तो गांतव्य मालवीय का यह सफर आपको नई ऊर्जा और प्रेरणा दे सकता है।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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