भारत निर्वाचन आयोग ने आगरा शिक्षक एमएलसी सीट पर पुनर्मतदान के दौरान बरती गई गंभीर लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने दो सेक्टर मजिस्ट्रेट और चार पुलिसकर्मियों सहित कुल छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उत्तर प्रदेश के आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (Agra Teachers’ Constituency) के तीन मतदान केंद्रों पर 24 अक्टूबर को मतदान के दिन अनियमितताओं और धांधली के आरोप लगे थे। इसके बाद इन बूथों पर पुनर्मतदान कराया गया था। मतदान के दौरान व्यवस्था बनाए रखने और निगरानी में असफल रहने वाले अधिकारियों पर गाज गिरी है।उत्तर प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी की सिफारिश पर फैसला
घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने भारत निर्वाचन आयोग को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में संबंधित सीट पर पुनर्मतदान कराने के साथ-साथ अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
आयोग ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए 24 अक्टूबर को ही आगरा के मंडलायुक्त को अनियमितताओं और धांधली के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया था। मंडलायुक्त ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट रविवार को निर्वाचन आयोग को सौंप दी।
पर्यवेक्षण में भारी लापरवाही
मंडलायुक्त की रिपोर्ट मिलने के बाद सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए पत्र में आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई। आयोग ने कहा, 'अत्यंत चिंता के साथ आयोग ने यह देखा है कि पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने तथा मतदान केंद्रों के अंदर और उसके आसपास उचित नियंत्रण बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहे।' आयोग ने स्पष्ट किया कि पर्यवेक्षण पदों पर बैठे अधिकारियों द्वारा कर्तव्य के प्रति ऐसी लापरवाही को बेहद गंभीरता से लिया गया है और इसे माफ नहीं किया जा सकता है।
निलंबित किए गए अधिकारियों के नाम
आदेश के मुताबिक, जिन छह अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया गया है, उनमें ओ.पी. चक (सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं आगरा जिला खादी तथा ग्रामोद्योग अधिकारी), हरिशरण सिंह (सेक्टर पुलिस अधिकारी एवं आगरा अपराध शाखा के इंस्पेक्टर), संदीप कुमार (सब-इंस्पेक्टर, एत्माद्दौला थाना), विशाल राठौर (सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं क्षेत्रीय वंशीय अधिकारी, फतेहाबाद), पुरुषोत्तम पाल (अतिरिक्त इंस्पेक्टर, फतेहाबाद) और सुमित त्यागी (सब-इंस्पेक्टर, एकता थाना) शामिल हैं।
चार्जशीट दाखिल करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश
निर्वाचन आयोग ने संबंधित अधिकारियों को इन 'लापरवाह' अधिकारियों के खिलाफ औपचारिक आरोप-पत्र (चार्जशीट) जारी करने का निर्देश दिया है। साथ ही, चार्जशीट के ड्रॉफ्ट को 10 दिनों के भीतर जांच के लिए आयोग के पास भेजने को कहा गया है।
इसके अलावा, आयोग ने मतदान केंद्र संख्या 21 और 26 पर ड्यूटी पर तैनात रहे पांच मतदान अधिकारियों—जिनमें दो पीठासीन अधिकारी और तीन मतदान कर्मी शामिल हैं—तथा 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।